10 साल के अपने करियर में अभिनेता आयुष्मान खुराना पहली बार एक एक्शन फिल्म ‘एन एक्शन हीरो’ लेकर आ रहे हैं। खुद उनके शब्दों में, उन्हें ‘टेढ़ी’ कहानियां बहुत पसंद आती हैं। कितनी टेढ़ी है इस फिल्म की कहानी, फिल्म के दूसरे हीरो जयदीप अहलावत के बारे में क्या है उनकी राय? और, नए स्वाद का सिनेमा बनाने का जोखिम उन्हें कितना भाता है? इस बारे में आयुष्मान खुराना से अमर उजाला के सलाहकार संपादक पंकज शुक्ल की एक एक्सक्लूसिव मुलाकात।
An Action Hero: आयुष्मान बोले, ‘आनंद सर के पास कोई टेढ़ी कहानी आती है, तो पहला फोन मेरे पास ही आता है’
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऐसा क्या है फिल्म ‘एन एक्शन हीरो’ में कि आपको इसका विषय सुनते ही हां करनी ही पड़ी?
मेरे लिए हमेशा से कहानी ही सबसे महत्वपूर्ण होती है। किसी फिल्म में एक एक्शन हीरो बनना, एक्शन की छानबीन करना, मेरी लालसा रही है। लेकिन, जब तक वह अलग एक्शन न मिले तब तक कहानी का मतलब नहीं है। एक्शन बहुत लोगों न किया है। मुझसे बेहतर किया है। मेरे लिए चुनौती ये थी कि मैं क्या अलग कर सकता हूं?
‘एक्शन हीरो’ की जब हम बात कर रहे हैं तो जब आपने सिनेमा देखना शुरू किया होगा तो किसकी एक्शन फिल्मे पसंद आती थीं आपको?
मुझे जैकी चैन की फिल्में बहुत पसंद आती थीं क्योंकि उनमें एक्शन के साथ साथ एक अलग सा हास्य भी होता था, मनोरंजन होता था, और वही चीजें फिल्म ‘एन एक्शन हीरो’ में भी हैं। भारतीय सिनेमा की बात करें तो मुझे पहले सनी देओल बहुत अच्छे लगते थे। ‘घायल’ मुझे बहुत पसंद आई थी। अक्षय कुमार पहले एक्शन हीरो हैं मेरे हिसाब से। आज के दौर में टाइगर श्रॉफ बहुत अच्छा एक्शन करते हैं। ऐसा एक्शन हुआ नहीं पहले कभी। विद्युत जामवाल बहुत अच्छे हैं। फिल्म ‘एन एक्शन हीरो’ आज के दौर की कहानी है। आज के युग की कहानी है।
अक्षय कुमार का नाम आपने ले ही लिया है तो उनकी इस फिल्म में मौजूदगी को लेकर जो बातें चल रही हैं, वे कितनी सही हैं?
वह मेरे हिसाब से अगर फिल्म में नजर आएं तो ज्यादा मजा आएगा। ये बात वैसे तो बाहर आनी नहीं चाहिए थी लेकिन आ ही गई है तो फिर भी मैं यही कहूंगा कि ये सब फिल्म में देखकर मजा आएगा।
एक एक्शन फिल्म में सबसे बड़ा काम एक्शन डायरेक्टर का होता, इस फिल्म में किस तरह का अलग एक्शन है?
हमारी इस फिल्म में एक्शन की विविधता बहुत है। एक तरफ तो बहुत ही वास्तविक मारधाड़ है जब मैं और जयदीप लड़ते हैं। इंग्लैंड के एक एक्शन डायरेक्टर इयान हैं। उनके सहायकों जर्मनी के फीलिक्स, इटली के डैनियल और इंग्लैंड के टाइगर ने हमें इन दृश्यों के लिए तैयार किया। इंग्लैंड की शूटिंग के बाद भारत में जो हमने शूटिंग की, उसमें एक्शन बहुत देसी है। दक्षिण भारतीय सिनेमा के मशहूर एक्शन डायरेक्टर स्टंट सिल्वर जो चेन्नई से हैं, उनके दृश्यों की शूटिंग हमने अलग तरीके से की है। फिल्म के अंदर जो फिल्म बन रही है, उसका एक्शन बहुत साउथ है लेकिन जो असली एक्शन है वह हॉलीवुड जैसा है।