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अमर उजाला के 8 भाग्यशाली पाठकों से मिले आयुष्मान और नीना गुप्ता, बोले-'बधाई हो'
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 17 Oct 2018 02:36 PM IST
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घर में नया मेहमान खुशियां लेकर आता है। माता-पिता बनने की खुशी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन यदि अपनी शादी की उम्र में मां के गर्भवती होने की सूचना मिले, तो किस तरह स्थितियां जटिल हो सकती हैं। इस बात को बयान करती है अमित शर्मा की नई फिल्म, 'बधाई हो'। 'बधाई हो' कांटेस्ट के विजेताओं से मिलने के लिए बधाई हो फिल्म की टीम बुधवार को अमर उजाला के नोएडा ऑफिस पहुंची। इस दौरान फिल्म डायरेक्टर अमित शर्मा, अभिनेता आयुष्मान खुराना, गजराज राव, नीना गुप्ता ने विजेताओं को उनकी जीत और उनके घर आए मेहमान के लिए बधाई दी।
आम लोगों से जुड़ा है विषय
फिल्म के निर्देशक अमित शर्मा ने बताया कि फिल्म का विषय भले अलग हो, लेकिन यह आम लोगों के जीवन से जुड़ा है। आज भी हमारे समाज में कई विषयों पर बात नहीं होती है। फिल्म में एक सीन पर चर्चा करते हुए अमित शर्मा ने कहा कि यदि कोई अपनी ही पत्नी के साथ रोमांटिक होता है, तो भी सवाल उठता है यह अजीब है। लेकिन ऐसा होता है। जबकि उम्र के साथ साथ पति पत्नी को ज्यादा समय एक दूसरे के साथ बिताने की जरूरत महसूस होती है। फिल्म का आइडिया किस प्रकार आया इस बारे में अमित शर्मा कहते है कि उन्होंने अपनी दादी से सुना था कि दादी और उनकी मां लगभग एक समय गर्भवती थीं। जिसके बाद उन्हें लगा कि क्या ऐसा आज के समय में हो सकता है। इस दौरान एक परिचित से कुछ ऐसा ही किस्सा सुनने को मिला।
खुशकिस्मती से मिला ऐसा रोल-आयुष्मान
लीक से हटकर फिल्मों में अभिनय से अपनी पहचान बनाने वाले आयुष्मान खुराना ने कहा कि उन्हें ऐसे किरदार मिलने की उम्मीद भी नहीं थी। यह उनकी खुशकिस्मती है कि उन्हें अलग-अलग बेहतरीन किरदार मिल रहे हैं। उनके लिए फिल्म लेखकों ने सोचा और उन्हें ऐसे किरदारों से अलग पहचान बनाने का मौका मिला। आयुष्मान के अनुसार समाज में आज भी कई जरूरी विषयों पर चर्चा नहीं होती है। जिसकी वजह से कई समस्याएं आती हैं। उन्हें खुशी है कि विकी डोनर, शुभ मंगल सावधान और अब बधाई हो जैसी उनकी फिल्म संदेश परक बन सकी हैं। फिल्म में संदेश के साथ मनोरंजन होना भी आवश्यक है, जो उनकी फिल्मों में दर्शकों को भरपूर मिलता है।
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रोमांस की उम्र नहीं होती-नीना गुप्ता
neena gupta
नीना गुप्ता ने बताया कि उन्होंने विभिन्न माध्यमों से फिल्म एवं टीवी से जुड़ाव बनाए रखा है। लंबे समय बाद वह एक मजबूत किरदार के साथ अभिनय में वापसी कर रही हैं। उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि उन्हें यह रोल मिला। रोमांस की कोई उम्र नहीं होती, हर उम्र में आपको अपने साथी की जरूरत महसूस रहती है। नीना गुप्ता ने बताया कि शबाना आजमी ने जिन फिल्मों में काम किया है, उन्हें वह किरदार बहुत पसंद आए हैं। वह कुछ ऐसे ही किरदार निभाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म खलनायक के एक गीत चोली के पीछे...को उनकी पहचान बना दिया गया जबकि उन्होंने कई गंभीर फिल्मों में भी काम किया।
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अच्छा साथी तो जीवन खुशहाल-गजराज
neena gupta
गजराज राव ने बताया कि उनके पिता रेलवे से जुड़े हैं। इसलिए उन्हें जिंदगी के अनुभव ट्रेन की तर्ज पर समझ आते हैं। जैसे ट्रेन में अच्छा सहयात्री मिले, तो अचार मठरी के साथ अच्छे रिश्ते बनते हैं। उसी प्रकार जीवन के सफर में अच्छे जीवनसाथी के साथ वक्त बिताना जीवन को खुशहाल बनाता है।