दीप्ति नवल का नाम उन अभिनेत्रियों में शुमार है जिन्होंने लीक से हटकर फिल्में की और एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने जिंदगी से जुड़े किरदार निभाए और शायद इसीलिए दर्शकों को भी उनकी ये अदा भा गई। अपने तीन दशक लंबे करियर में दीप्ति नवल ने दर्जनों ऐसी फिल्में कीं जो हिंदी सिनेमा के लिए मील का पत्थर साबित हुईं। इनमें 'एक बार फिर', 'अनकही', 'बवंडर, 'लीला, 'फिराक' जैसी कई फिल्में शामिल हैं।
दीप्ति नवल का करियर बेहद अच्छा चल रहा था। एक तरफ जहां वो हर निर्माता-निर्देशक की पहली पसंद बन गईं थीं वहीं दूसरी ओर उनकी निजी जिंदगी में कुछ अच्छा नहीं चल रहा था। कह सकते हैं कि सफलता के चरम पर पहुंचकर भी दीप्ति नवल की निजी जिंदगी में वीरानी ही रही। निर्देशक प्रकाश झा से उन्होंने शादी तो की, लेकिन 17 साल के बाद उनकी ये शादी टूट गई और दोनों का तलाक हो गया।
तलाक के बाद दीप्ति की जिंदगी में अकेलापन छा गया था। हालांकि उनकी एक गोद ली हुई बेटी भी थी लेकिन अंदर से एक हमसफर की जो कमी खल रही थी वो दीप्ति नवल पर हावी हो रही थी। लेकिन जल्द ही उनकी जिंदगी में प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित जसराज के बेटे विनोद पंडित आए। दीप्ति अब बेहद खुश थीं, ये सोचकर कि अब फिर से सबकुछ अच्छा होने वाला है। देखते ही देखते दीप्ति नवल और विनोद पंडित की सगाई भी हो गई और शादी की तारीखें निश्चित करने का सिलसिला शुरु हो गया।
लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। एक तरफ दीप्ति और अशोक की शादी तय हुई वहीं दूसरी ओर शादी से पहले ही विनोद पंडित चल बसे। वो कैंसर के मरीज थे। विनोद पंडित के गुजर जाने के बाद दीप्ति नवल की जिंदगी में जैसे फिर से अंधेरा छा गया। प्यार में दो-दो बार हार मिलने से दीप्ति टूट सी गईं थीं।
लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और मन लगाने के लिए फिर से एक्टिंग की तरफ रुख कर लिया। दीप्ति ने विनोद पंडित की मौत के बाद फिर से शादी नहीं की और फिल्मों को ही अपनी जिंदगी बना लिया। फिल्म इंडस्ट्री में दीप्ति नवल को तीन दशक से भी ज्यादा हो गए हैं, लेकिन 66 साल की इस उम्र में भी वो वैसे ही फिल्में कर रही हैं जैसे शुरुआती दिनों में करती थीं।