हाल फिलहाल में 'साइंस' काफी सुर्खियों में है। एक तरफ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) का चंद्रयान-2 मिशन 22 जुलाई 2019 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन सेंटर से लॉन्च होगा। तो वहीं दूसरी ओर अक्षय कुमार स्टारर फिल्म मिशन मंगल का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। बता दें कि मिशन मंगल कायदे से तारा शिंदे, एका गांधी, कृतिका अग्रवाल, वर्षा गौड़ा और नेहा सिद्दीकी की कहानी है। गौरतलब है कि बॉलीवुड की इस शुरुआत से पहले हॉलीवुड में कई ऐसी फिल्मे बन चुकी हैं जिसमें चांद या फिर किसी अन्य ग्रह तक का सफर तय किया गया है।
इन पांच फिल्मों ने करवाया चांद-दूसरे ग्रह का सफर, एक ने दिखाई नील आर्मस्ट्रॉन्ग की कहानी
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द मार्शियन
2 अक्टूबर 2015 को फिल्म 'द मार्शियन' रिलीज हुई थी। फिल्म का डायरेक्शन रिड्ली स्कॉट ने किया था जबकि मैट डैमन ने फिल्म में लीड किरदार निभाया था। फिल्म एक मिशन की कहानी थी जिसमें कैसी- कैसी मुसीबतें लीड किरदार को झेलनी पड़ती हैं। फिल्म को देखने के बाद आप भी जरूर इस सोच में पड़ जाएंगे कि अगर आपके साथ कभी कुछ ऐसा हुआ तो आप क्या करते। बता दें कि फिल्म ने कई अवॉर्ड्स जीते थे।
फर्स्ट मैन
नील आर्म स्ट्रांग की जिंदगी पर बनी फिल्म फर्स्ट मैन 2018 में रिलीज हुई थी। फिल्म का डायरेक्शन डेमियन शैजेल ने किया है। फिल्म में नील आर्म स्ट्रांग की कहानी दिखाई गई है। बता दें कि नील आर्मस्ट्रॉन्ग चांद पर कदम रखने वाले दुनिया के पहले शख्स हैं। ऐसे में क्या कुछ चुनौतियां उनके सामने आईं और कैसा रहा वो वक्त जब यह मिशन प्रक्रिया में था। फिल्म इन सब मुद्दों पर ही ध्यान खींचती है।
इन द शैडो ऑफ मून
2007 में रिलीज हुई थी फिल्म इन द शैडो ऑफ मून। फिल्म का डायरेक्शन डेविड सिंगटन और क्रिस्टोफर रिले ने किया था। फिल्म वर्ल्ड सिनेमा ऑडियंस अवॉर्ड जीत चुकी है। फिल्म में अमेरिका द्वारा चांद पर जाने के लिए 1960-1970 में क्या और कैसे प्रयास किए गए थे, ये दिखाती है। फिल्म में कई ओरिजनल फुटेजेस का भी इस्तेमाल किया गया था जो नासा की ओर से मिल गए थे।
अपोलो 13
अपोलो अभियान का चद्रंमा अवतरण का तृतीय मानव अभियान अपोलो 13 था। जिस पर फिल्म बनाई गई थी। अपोलो 13 को 11 अप्रैल 1970 को प्रक्षेपित किया गया था। वहीं फिल्म 1995 में रिलीज हुई थी। बता दें कि प्रक्षेपण के दो दिन बाद ही इसमे एक विस्फोट हुआ जिसके कारण नियंत्रण यान से ऑक्सीजन का रिसाव शुरू हो गया और बिजली व्यवस्था चरमरा गयी। अंतरिक्ष यात्रियों ने चन्द्रयान को जीवन रक्षक यान के रूप मे प्रयोग किया और पृथ्वी मे सफलता पूर्वक वापिस आने मे सफल रहे। इस दौरान उन्हे बिजली, गर्मी और पानी की कमी जैसी समस्याओं से जुझना पडा लेकिन वे मौत के जबड़े से वापिस सकुशल लौट आए।