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रवि किशनः भोजपुरी का वो स्टार जो पहले कांग्रेस का हुआ, फिर भाजपा का

Tue, 16 Apr 2019 04:05 PM IST
अपूर्वा राय बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Published by: अपूर्वा राय Updated Tue, 16 Apr 2019 04:05 PM IST
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Bhojpuri Actor ravi kishan life facts and political career
रविकिशन
आज से पंद्रह साल पहले रिलीज हुई फिल्म 'ससुरा बड़ा पईसा वाला' ने तब तक अपने सुनहरे अतीत की छाया भर रह गयी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को नई उछाल दे दी थी। अरसे बाद मनोज तिवारी की शक्ल में गायक-नायक यानी सिंगर-हीरो का चलन लौट आया था। धड़ल्ले से बन रही भोजपुरी फिल्मों में बॉलीवुड के शहंशाह सहित नामी अभिनेता और टीनू वर्मा जैसे खालिस बम्बइया मेकर भी शामिल हो गए थे और अचानक दिनेश लाल यादव निरहुआ, गुड्डू रंगीला, खेसारी लाल यादव और पवन सिंह जैसे तमाम स्टार्स की पौध उग आई थी।
Bhojpuri Actor ravi kishan life facts and political career
रवि किशन - फोटो : अमर उजाला

इस कतार में एक नाम रविकिशन का भी था जो मनोज तिवारी और निरहुआ के साथ मिलकर भोजपुरी की स्टार त्रिमूर्ति रचते थे। अलबत्ता एक मामले में वे अपने दोनों साथियों से एकदम अलग थे। दूसरों की तरह वे महज़ भोजपुरी सिनेमा के उत्पाद नहीं थे बल्कि मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा के एक मशहूर और समर्थ अभिनेता थे। इतने समर्थ कि जिस साल 'ससुरा बड़ा पईसा वाला' रिलीज होकर भोजपुरी सिनेमा की कामयाबी का सुनहरा राजमार्ग बना रही थी उसी साल झील सी गहरी आँखों वाले इस अभिनेता को फिल्म 'तेरे नाम' के लिए सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किया गया था।

Bhojpuri Actor ravi kishan life facts and political career
रवि किशन - फोटो : self

उन्हें भोजपुरी में मनोज तिवारी और निरहुआ जैसी शानदार और लगातार सिल्वर जुबिलियाँ भले न हासिल हुई हों मगर उन्हें भोजपुरी फिल्मों में भी वो मुक़ाम हासिल हुआ जो इन दोनों सुपर स्टार्स को नही मिला. 2005 में आई उनकी भोजपुरी फिल्म 'कब होई गवनवा हमार' को सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी हासिल हुआ। तो इस तरह वे इकलौते ऐसे अभिनेता बने जिन्हें एक साथ हिंदी और भोजपुरी की राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्मों का हिस्सा होने का गौरव मिला।

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Bhojpuri Actor ravi kishan life facts and political career
ravi kishan - फोटो : amar ujala

आमतौर पर उन्हें थोड़े बड़बोले और 'एटीट्यूड' वाले अभिनेता के बतौर शुमार किया जाता है मगर वे सच को स्वीकार करने और उसे कहने का साहस रखने वाले गिने चुने कलाकारों में से एक हैं। कुछ साल पहले भोजपुरी सिनेमा के पचास साल पूरे होने के मौके पर हुई बातचीत में उन्होंने मुझसे बिना लाग लपेट कहा था- "भोजपुरी के नये स्वर्ण काल की शुरुआत का श्रेय बेशक मनोज को ही जाता है. हम लोग तो कर ही रहे थे लेकिन नया दौर और नया रास्ता तो वही लेकर आये।"

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Bhojpuri Actor ravi kishan life facts and political career
ravi kishan

और किस्मत देखिये कि एक बार फिर मनोज तिवारी ने ही राजनीति और सत्तारूढ़ दल के टिकट का एक ऐसा रास्ता बनाया है जिस पर निरहुआ और रवि किशन दोनों शान से निकल पड़े हैं। निरहुआ आज़मगढ़ सीट पर एक पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ खड़े हैं तो वहीं रविकिशन मौजूदा मुख्यमंत्री की गोरखपुर सीट पर उत्तराधिकारी के बतौर मैदान में उतर आये हैं। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की केराकत तहसील के एक गाँव बरई बिसुयी-शुक्लान पट्टी के ब्राह्मण परिवार में जन्में पचास वर्षीय रवि किशन शुक्ला ने बचपन में सोचा भी नहीं था कि वे फिल्मों में काम करेंगे।

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