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Bhupiner Singh: ‘स्कूली बस्तों के बोझ से बहुत चिढ़ते थे भूपिंदर,दिवंगत गायक को याद कर भावुक हुईं रेखा भारद्वाज

Thu, 21 Jul 2022 03:54 PM IST
पलक शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: पलक शुक्ला Updated Thu, 21 Jul 2022 03:54 PM IST
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Bhupinder Singh: Rekha bhardwaj gets emotional remembering the late singer
भूपिंदर सिंह, रेखा भारद्वाज - फोटो : social media

मशहूर गायिका रेखा भारद्वाज खजाना फेस्टिवल के एलान के मौके पर कुछ खोई खोई नजर आईं। वह दो साल बाद होने जा रहे गायकी के इस महोत्सव को लेकर जोश में तो दिखीं लेकिन उनकी निगाहें चुगली कर रही थीं कि वह किसी को बहुत मिस कर रही हैं। प्रेस कांफ्रेस के बाद उनसे बतियाने का मौका मिला तो इसकी वजह पूछने पर उन्होंने सीधे मशहूर गजल गायक और गिटार वादक भूपिंदर सिंह को याद किया। कहने लगीं, ‘वह हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन वह अपने बेहतरीन नगमों को लेकर हमेशा हमारे दिलो में रहेंगे। कलाकार तो चला जाता है, लेकिन उसकी कला कभी नही मरती । मेरी आवाज ही पहचान है, गर याद रहे। सही तो गाया था भूपिंदर सिंह ने, एक गायक की पहचान उसकी आवाज ही तो होती है। भूपिंदर सिंह जितने अच्छे गायक थे, उतने ही अच्छे इंसान भी थे।’ 

Bhupinder Singh: Rekha bhardwaj gets emotional remembering the late singer
गायक भूपिंदर सिंह - फोटो : twitter

भूपिंदर सिंह की बहुत बड़ी प्रशंसक रही हैं रेखा भारद्वाज। वह कहती है,  'मैं बचपन से ही उनके गाए भजन 'मोको कहां रे ढूंढे बंदे' सुनती आई हूं। भूपिंदर सिंह जितने अच्छे गायक थे, उतने अच्छे इंसान भी। कुछ लोग उनसे नाराज हो जाते थे, क्योंकि वह बहुत ही स्पष्ट बोलते थे। लेकिन उनके दिल में किसी तरह का मैल नही था। उनका सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत अच्छा था। मजाक भी बहुत करते थे, मैंने कभी उनको तनाव में नही देखा, हर हाल में खुश रहने वाले इंसान थे।

 

Bhupinder Singh: Rekha bhardwaj gets emotional remembering the late singer
गायक भूपिंदर सिंह - फोटो : ANI

रेखा भारद्वाज कहती है, 'भूपिंदर सिंह जब हमारे स्टूडियो आते थे और बेटे आसमान को स्कूल के बैग से लदे देखते थे, तो कहते थे, इसका बैग हटाओ, बच्चो के कंधे पर इतना बोझा नही होना चाहिए। मुझे सलाह देते थे कि अभी से इनके कंधे पर बोझे नही डालने चाहिए, नहीं तो कंधे झुक जाएंगे। जब कभी भी आसमान के कंधे पर बैग देखते थे, हमेशा हटवा देते थे। उस समय आसमान स्कूल से पढ़कर सीधा स्टूडियो ही आते थे।'

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Bhupinder Singh: Rekha bhardwaj gets emotional remembering the late singer
सिंगर भूपिंदर सिंह - फोटो : social media

रेखा भारद्वाज कहती है,'मैने बहुत सारे गायकों को देखा है, जो सिर्फ अपने काम से ही मतलब रखते थे। स्टूडियो में आए, गाए और चले गए । लेकिन भूपिंदर सिंह का ऐसा नेचर नही था। वो बिल्कुल घर के सदस्य की तरह थे। जब कभी आसमान उन्हें स्टूडियो में नहीं दिखता था, तो वो पूछते थे। आसमान कहां है, उनके कंधे से बैग हटवाया कि नही। उनका मानना था कि कि बच्चों को खुला छोड़ो, उसे आगे बढ़ने दो, जो वो करना चाहता है, करने दो। बंदिशों में मत रखो,उनको अपनी जिंदगी को महसूस करने दो। अपने बेटे अमरदीप के साथ भी वह ऐसे ही पेश आते थे।'

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Bhupinder Singh: Rekha bhardwaj gets emotional remembering the late singer
भूपिंदर सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

रेखा भारद्वाज कहती है, 'खजाना फेस्टिवल से मैं साल 2015 से जुड़ी, तब से हर साल देखा है कि भूपिंदर सिंह हर साल इस फेस्टिवल में आते थे। अगर वो नहीं गाते थे, तो भी आते थे और अपना सुझाव देते है। इस वर्ष उनकी कमी हम सबको बहुत खलेगी। अंतिम बार भूपिंदर सिंह से साल 2019 में खजाना फेस्टिवल में ही मिली थी, फिर कोविड की वजह से मिलना नही हो पाया और जब उनके मौत की खबर सुनी तो बहुत दुख हुआ, उनकी कमी का अहसास हमेशा ही रहेगा।'

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