मुंबई शहर को सिनेमा का शहर माना जाता है। शहर को दो हिस्सों में चीरते हुए निकल गए वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर फिल्मसिटी से कुछ ही दूर पर स्थित नेस्को प्रदर्शनी परिसर में सातवां बिग सिने एक्सपो जब अपने पूरे उफान पर बताया गया, उस वक्त भी वहां इतने लोग नहीं थे कि उनके बीच से निकलने के लिए किसी सितारे को ‘कमांडो’ लगाने की जरूरत पड़े। लेकिन, खाली पड़े हॉल में भौकाल बनाने के लिए यहां फिल्म ‘जवान’ के निर्देशक एटली कुमार आधा दर्जन ब्लैक कैट सरीखे कमांडो के साथ ‘रास्ता’ बनाते नजर आए। और, इसी छत के नीचे थोड़ी ही देर पहले हिंदी सिनेमा में हवा भरने की कोशिश में मीडिया में तैराए जाने वाले ‘फर्जी’ आंकड़ों का हल्ला सुनाई दिया।
Big Cine Expo 2024: क्या फर्जी आंकड़ों के सहारे चल रहा बॉलीवुड?, सिने एक्सपो में गूंजा मुंबई का सबसे बड़ा सवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने सातवें संस्करण तक आ पहुंचे बिग सिने एक्सपो में मुख्यतया सिनेमा में नवाचार की, उद्योग की खासियतों की और फिल्म प्रदर्शन में दिख रहे नए क्षितिज पर चर्चा होती है। दो दिन की इस नुमाइश में हिंदी सिनेमा में भी अपने पैर जमाने की कोशिश में अरसे से लगे हॉलीवुड के दिग्गज स्टूडियो वार्नर ब्रदर्स की तरफ से खास प्रस्तुति दी गई। साउथ के चर्चित निर्देशक एटली अपनी फिल्म कंपनी में बनी फिल्म 'बेबी जॉन’ की खास फुटेज दिखाने पहुंचे। खास उपलब्धियों का पुरस्कार लेने निर्देशक रमेश सिप्पी भी नजर आए। और, इसी नुमाइश के दौरान बीती सदी के शो मैन सुभाष घई ने अपने मुक्ता नाम के सिनेमाघरों में खाने का हर आइटम सिर्फ 99 रुपये में बेचने का एलान किया।
दो दिन की इस नुमाइश में सबसे अहम जो चर्चा रही, वह थी ‘सिनेमा इकोसिस्टम में पारदर्शिता का पालन-पोषण’। और, इस मसले पर सबसे मुद्दे वाली जो बात कही गई, वह आई वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी की भारतीय शाखा के प्रबंध निदेशक डेंजिल डायस की तरफ से। वार्नर ब्रदर्स अरसे से भारत में हिंदी फिल्में बनाने की कोशिश में है। दीपिका पादुकोण और अमिताभ बच्चन के साथ अपनी हिट हॉलीवुड फिल्म ‘इंटर्न’ के हिंदी रीमेक का एलान ये स्टूडियो काफी पहले कर चुका है। फिल्म को लेकर हिंदी फिल्म के प्रशंसक इंतजार भी करते रहे हैं।
Celebs Injured With Bullet: गोविंदा से लेकर बॉब मार्ले तक ये सितारे हो चुके हैं गोली का शिकार, देखें लिस्ट
‘अमर उजाला’ से एक खास बातचीत में डेंजिल कहते हैं, “विदेशी कंपनियों के लिए भारत सिनेमा का एक बहुत बड़ा बाजार है। यहां निवेश की बहुत गहरी संभावनाएं हैं। लेकिन, जो एक बात यहां बाहर के निवेशकर्ताओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है, वह है निर्माताओं द्वारा प्रचारित किए जाने वाले आंकड़े। अमेरिका की तरह यहां कोई स्वतंत्र एजेंसी आधिकारिक रूप से डाटा विश्लेषण नहीं करती और न ही फिल्म जगत की दिग्गज कंपनियों में ऐसी कोई व्यवस्था बनाने के प्रति दिलचस्पी ही नजर आती है। ओटीटी के अधिकारों की कीमत बढ़ाने के लिए बॉक्स ऑफिस के आंकड़े बनाने की बातें आम हो चली हैं। इन आंकड़ों में एक पारदर्शिता और निष्पक्षता आने से भारतीय सिनेमा में विदेशी कंपनियों का निवेश जरूर बढ़ेगा।”
Devara Box Office Collection Day 5: पांचवें दिन भी ‘देवरा’ का नहीं चला जादू, जानें अब तक का कलेक्शन
डेंजिल की इस बात का समर्थन बहस में मौजूद दूसरे वक्ताओं व श्रोताओं ने भी किया। भारतीय सिनेमा के लिए एक नियामक संस्था, एक कारोबार की पारदर्शिता दर्शाने वाली संस्था और एक स्वतंत्र ऑडिट एजेंसी की जरूरत अरसे से महसूस की जाती रही है। उधर, एक्सपो के पहले ही दिन फिल्म ‘जवान’ का निर्देशन कर हिंदी पट्टी में भी मशहूर हुए साउथ सिनेमा के निर्देशक एटली कुमार भी पहुंचे। जैसे हॉलीवुड के बड़े स्टूडियोज कॉमिक कॉन या डी 23 जैसे कार्यक्रमों में अपनी आने वाली फिल्मों के 15-20 मिनट के फुटेज की एक्सक्लूसिव स्क्रीनिंग करते हैं, वैसे ही एटली ने यहां अपनी कंपनी की बनाई फिल्म ‘बेबी जॉन’ की स्क्रीनिंग की। इस खास फुटेज को लेकर एक्सपो में कहीं कोई खास हलचल नहीं दिखी। हां, स्क्रीनिंग के बाद जिस तरह से आधा दर्जन ब्लैक कैट कमांडो सरीखे सुरक्षाकर्मियों के साथ एटली इस नुमाइश के सूने पड़े रास्तों पर रास्ता बनाने की कोशिश करते नजर आए, उसे देखकर लोगों ने खूब मजे लिए।
Govinda: गोविंदा का हाल जानने बेटी टीना और सिनेमा जगत की दिग्गज हस्तियां पहुंची अस्पताल, ये लोग आए नजर