वैसे तो एक समय ऐसा भी आ चुका है जब फिल्म निर्माता वाशू भगनानी तमाम सुपरहिट फिल्में बनाने के बाद खुद प्रोड्यूसर नंबर वन कहलाने लगे थे लेकिन जिनको उनकी कहानी करीब से पता है, वे ये भी जानते हैं कि वाशू भगनानी ने कभी कोलकाता की सड़कों पर साड़ियां बेची हैं। वह जहां पहुंचे हैं, वहां तक की उनकी कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है। फिल्म इंडस्ट्री में उनकी एंट्री टिप्स म्यूजिक कंपनी के मालिकों में से एक रमेश तौरानी ने कराई। रमेश तौरानी और वाशू भगनानी बहुत करीबी मित्र रहे हैं। एक दूसरे के कारोबार के साझीदार रहे हैं और कभी रमेश तौरानी की कंपनी के लिए कैसेट्स की टेप बनाने वाले वाशू भगनानी अब मुंबई के बिल्डर नंबर वन हैं। लंदन में उनका आलीशान ठिकाना है। बेटी महाराष्ट्र की सियासत के दबंग देशमुख परिवार की बहू बनी। बेटा जैकी भी फिल्म निर्माता बन चुका है। लेकिन, इस बारे में विस्तार से पूरा किस्सा फिर कभी आज बात करते हैं वाशू भगनानी की बनाई फिल्म ‘बीवी नंबर वन’ की जिसकी रिलीज को 22 साल पूरे हो रहे हैं।
Bioscope S2: गोविंदा से छिटकी तो सलमान को मिली ‘बीवी नंबर वन’, सुष्मिता सेन का यहीं से चमका सितारा
प्रोड्यूसर नंबर वन
सिर्फ चार साल में पांच ब्लॉकबस्टर फिल्में बना देने वाले वाशू भगनानी का बढ़िया समय शुरू हुआ गोविंदा की फिल्म ‘कुली नंबर वन’ से। इसके बाद उन्होंने गोविंदा के ही साथ ‘हीरो नंबर वन’, सलमान खान के साथ ‘प्यार किया तो डरना क्या’, अमिताभ बच्चन और गोविंदा के साथ ‘बड़े मियां छोटे मियां’, और फिर सलमान खान और अनिल कपूर के साथ बनाई ‘बीवी नंबर वन’। फिल्म ‘बीवी नंबर वन’ दरअसल कमल हासन की एक हिट फिल्म ‘सती लीलावती’ की रीमेक है। फिल्म में अनिल कपूर ने काम किया ही इसीलिए कि ये रोल ओरीजनल में कमल हासन ने किया था क्योंकि इसके पहले वह कमल हासन की फिल्म ‘स्वाति मुतयम’ की रीमेक’ ईश्वर’ और फिल्म ‘थेवर मगन’ की रीमेक ‘विरासत’ में काफी तारीफें बटोर चुके थे।
डेविड धवन का दम
वाशू भगनानी के रफ्तार से भागते करियर में जब तक अभिषेक बच्चन की फिल्म ‘तेरा जादू चल गया’ का मोड़ नहीं आया था, वह अपना दिल मसाला फिल्मों पर ही छोड़ आए थे। दिन रात इस बात में बिताते कि साउथ की कौन सी फिल्म तगड़ी कमाई कर रही है या कौन सी कहानी किसी गैर हिंदी फिल्म की ऐसी होगी, जो कमाल का कारोबार हिंदी सिनेमा में भी करेगी। जुहू की एक दुछत्ती में एक छोटा सा दफ्तर उनका हुआ करता था, जिसमें डर लगा रहता था कि कहीं सीधे खड़े होने पर सिर छत से न टकरा जाए। वाशू भगनानी ने ‘बीवी नंबर वन’ बनाई अपने पुराने दोस्त निर्देशक डेविड धवन के साथ। कमाल के फिल्म एडीटर रहे डेविड धवन, गोविंदा और संजय दत्त की 1989 में रिलीज हुई फिल्म ‘ताकतवर’ से फिल्म डायरेक्टर बने। फिल्म तो कुछ खास कारोबार नहीं कर पाई लेकिन इस फिल्म से गोविंदा और डेविड धवन की जो दोस्ती हुई वह 17 फिल्मों तक चली।
गोविंदा ने छोड़ दी थी फिल्म
गोविंदा ने फिल्म ‘बीवी नंबर वन’ भी साइन की थी, लेकिन बाद में डेविड की कोई बात उन्हें ठीक नहीं लगी तो उन्होंने इस फिल्म में काम करने से ऐन मौके पर मना कर दिया। गोविंदा फिल्म निर्माता वाशू भगनानी से इस फिल्म में काम करने के पैसे तक ले चुके थे। एक दिन उन्होंने ये सारे पैसे वाशू को वापस कर दिए। गोविंदा ने तर्क ये दिया कि ‘साजन चले ससुराल’ और ‘अनाड़ी नंबर वन’ में वह वैसे ही छिछोरे पति का रोल कर चुके हैं और वैसा ही एक रोल और करके अपनी इमेज नहीं खराब करना चाहते। हालांकि, फिल्म के प्रोडक्शन से जुड़े लोग बताते हैं कि ये फिल्म गोविंदा ने फिल्म की हीरोइन सुष्मिता सेन से ट्यूनिंग न बनने के कारण छोड़ी। सुष्मिता सेन शुरू से बिंदास अभिनेत्री रही हैं। फिल्म इंडस्ट्री के भीतर और बाहर भी उनके कम ही लोगों से रिश्ते बने। लोगों ने उन पर तोहफे भी खूब लुटाए लेकिन वह लोगों को अपने चारों तरफ खिंची एक लक्ष्मण रेखा के भीतर आने अब भी नहीं देती हैं।
सुष्मिता सेन को मिली संजीवनी
सुष्मिता सेन के करियर में फिल्म ‘बीवी नंबर वन’ संजीवनी बूटी की तरह आई। मिस यूनीवर्स बनने के बाद उनकी चारों फिल्में ‘दस्तक’, ‘जोर’, ‘सिर्फ तुम’ और ‘हिंदुस्तान की कसम’ चर्चा में तो खूब रहीं लेकिन ब्लॉकबस्टर या सुपरहिट जैसा तमगा इनमें से किसी फिल्म को नहीं मिला। वाशू भगनानी ने सुष्मिता को उनके करियर का सबसे बड़ा ब्रेक दिया, सलमान खान के साथ इस फिल्म में लेकर। सुष्मिता सेन का रोल फिल्म ‘बीवी नंबर वन’ में घर तोड़ने वाली औरत का है। सलमान खान के किरदार का नाम इस फिल्म में भी प्रेम है। प्रेम शादीशुदा और दो बच्चों का बाप है लेकिन अपनी पत्नी पूजा को छोड़ वह रूपाली के प्यार में पड़ जाता है। लखन और लवली मिलकर किसी तरह पूजा की मदद करते हैं और प्रेम को सही रास्ते पर लाते हैं और रूपाली को उसके पुराने आशिक आवारा यानी दीपक तक पहुंचा के आते हैं।