सब्सक्राइब करें

Bioscope S2 Wardat: मिथुन की फिल्म ‘वारदात’ की रिलीज को 40 साल पूरे, फैशन बना था ये हेयरस्टाइल

Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Sat, 24 Apr 2021 10:54 AM IST
विज्ञापन
Bioscope With Pankaj Shukla For Movie Wardat Mithun Chakraborty Ravikant Nagaich Shakti Kapoor Kalpna
फिल्म वारदात का पोस्टर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

मिथुन चक्रवर्ती का मतलब क्या होता है, ये उनसे पूछिए जो 40 साल पहले सिनेमा देखने लायक हो चुके थे। मोहल्लों के शोहदे तब बेल्ट की जगह पैंट में नानचाकू फंसाकर घूमते थे। राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन के बाद किसी हीरो के बालों का स्टाइल लडकों ने अपनाया तो वह थे मिथुन चक्रवर्ती। उनके जैसी राउंड नेक शर्ट और उनकी ही तरह का बेल बॉटम, कभी कभी उसकी मोहरी में चेन भी लगी होती थी।

Bioscope With Pankaj Shukla For Movie Wardat Mithun Chakraborty Ravikant Nagaich Shakti Kapoor Kalpna
फिल्म वारदात - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

डिस्को डांसर से पहले की हिट फिल्म
ये उन दिनों की बात है जब मिथुन को फिल्म ‘मृगया’ में अभिनय का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले पांच साल हो चुके थे। अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘दो अनजाने’ में उनकी झलक दिख चुकी थी। ‘सुरक्षा’, ‘तराना’, ‘हम पांच’ रिलीज हो चुकी थीं और मिथुन चक्रवर्ती बन चुके थे गरीब फिल्म निर्माताओं के अमिताभ बच्चन। मिथुन पर उन दिनों किस्मत मेहरबान थीं। लेकिन, दुनिया भर में जिमी जिमी जिमी, आजा आजा आजा, गूंजना अभी बाकी था। राज कपूर की फिल्मों के बाद रूस में डिस्को डांसर का जमाना आना बाकी था। डिस्को डांसर की रिलीज से कोई डेढ़ साल पहले रिलीज हुई मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म ‘वारदात’।

Bioscope With Pankaj Shukla For Movie Wardat Mithun Chakraborty Ravikant Nagaich Shakti Kapoor Kalpna
फिल्म वारदात - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

जासूसी फिल्मों वाले रविकांत
तो आज हमने बाइस्कोप में चुनी है फिल्म 'वारदात'। रविकांत नागाइच की वारदात। एन टी रामाराव की फिल्म श्री सीता राम कल्याणम में सिनेमैटोग्राफर के तौर पर अपना करियर शुरू करने वाले रविकांत ने हिंदी में बतौर निर्देशक फिल्म ‘फर्ज’ से कदम रखा औऱ जीतेंद्र को इस फिल्म में उन्होंने बनाया जेम्स बॉन्ड स्टाइल का जासूस। रविकांत के रचे एजेंट 116 यानी जासूस गोपाल का रोल धर्मेंद्र ने फिल्म ‘कीमत’ में किया और इसी एजेंट 116 के रोल में जीतेंद्र फिर लौटे गोपाल कृष्ण पांडे बनकर फिल्म ‘रक्षा’ में। लेकिन मिथुन को रविकांत नागाइच ने बनाया जासूग ‘गन मास्टर जी 9’ जिसका आम जिंदगी में नाम है गोपी नाथ। 24 अप्रैल 1981 को रिलीज हुई इस स्पाई थ्रिलर फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, काजल किरण, शक्ति कपूर, कल्पना अय्यर आदि कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म ‘सुरक्षा’ की सीक्वेल थी फिल्म ‘वारदात’। जैसे फिल्म ‘फर्ज’ ने जीतेंद्र के पैर कमर्शियल सिनेमा में जमाए, वैसे ही फिल्म ‘सुरक्षा’ से मिथुन चक्रवर्ती को कमर्शियल सिनेमा में जगह बनाने में मदद मिली।

विज्ञापन
विज्ञापन
Bioscope With Pankaj Shukla For Movie Wardat Mithun Chakraborty Ravikant Nagaich Shakti Kapoor Kalpna
फिल्म वारदात का दृश्य - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

कहानी वैज्ञानिकों की साजिश की
फिल्म ‘सुरक्षा’ की सीक्वेल ‘वारदात’ की कहानी उन दिनों के सिनेमा के हिसाब से थोड़ा अलग रही। बड़े बड़े टिड्डे फसलों पर हमला करते हैं। सरकार को शक होता है कि यह काम किसी आतंकी ग्रुप का है। मामले का पर्दाफाश करने के लिए गन मास्टर जी-9 को काम पर लगाया जाता है यह छानबीन उसे भारत में दबे-छुपे ऐसे वैज्ञानिकों की ऐसी अंधेरी दुनिया में ले जाती है जो प्रकृति को हानि पहुंचाकर दुनियाभर में अंधेरा करने में सक्षम है। अब गोपीनाथ इन वैज्ञानिकों से या उनकी खोजों से कैसे निपटता है? इसके लिए तो आपको फिल्म देखनी पड़ेगी। वैसे वैज्ञानिकों की करतूतों का हिसाब किताब होता हुआ तो आपने ज्यादातर हॉलीवुड फिल्मों में ही देखा होगा। वारदात हिंदी सिनेमा की उन मुट्ठी भर फिल्मों में से एक है जिसमें वैज्ञानिकों का टेढ़ा मेढ़ा काम दिखाया गया है। 

विज्ञापन
Bioscope With Pankaj Shukla For Movie Wardat Mithun Chakraborty Ravikant Nagaich Shakti Kapoor Kalpna
फिल्म वारदात का दृश्य - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

एक साल में 12 फिल्में
फिल्म ‘वारदात’ रासायनिक आक्रमणों से होने वाली क्षति और उनसे बचाव के रास्ते बताने के साथ उनसे लड़ने की हिम्मत भी देने का काम करती है। यह फिल्म जिस साल रिलीज हुई उसी वर्ष मिथुन चक्रवर्ती की 12 फिल्में सिनेमाघरों में आईं। ‘समीरा’, ‘घमंडी’, ‘मैं और मेरा हाथी’, ‘कलंकिनी कनकावती’, ‘आंखों के सामने’, ‘जीने की आरजू’, ‘हमसे बढ़कर कौन’, ‘धुआं’, ‘लापरवाह’, ‘वारदात’, ‘साहस’ और ‘बेशक’ की इस लिस्ट में तीन फिल्मों ‘लापरवाह’, ‘वारदात’ और ‘साहस’ को रविकांत नगाइच ने ही निर्देशित किया। ये वो दौर था जब कलाकार दोनों हाथों से फिल्में बटोरते थे और एक एक हीरो एक बार में 20-25 फिल्में साइन कर लेता था। इसी के चलते आगे चलकर फिल्मों की भी सीलिंग लगानी पड़ी और निर्माताओं की संस्थाओं को नियम बनाने पड़े कि कोई हीरो एक बार में 11 फिल्मों से ज्यादा फिल्में नहीं करेगा।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Entertainment News से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट Hollywood News और Movie Reviews आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed