बॉलीवुड में कई जॉनर की फिल्में बनाई जाती हैं, किसी को रोमांटिक फिल्में पसंद हैं, तो कोई कॉमेडी या एक्शन ही देखना पसंद करता है। वहीं, कई लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें हॉरर फिल्में देखना पसंद है। भूतों पर बनी फिल्में तो लोगों ने बहुत देखी होंगी, लेकिन सच्ची घटना पर आधारित फिल्में लोगों को डराने में काफी हद तक कामयाब हो जाती है। कई लोगों के बदन में तो हॉरर फिल्मों का नाम सुनते ही सिरहन पैदा हो जाती। आज हम आपको कुछ ऐसी ही सच्ची घटना पर आधारित फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके रोंगटे खड़े कर देंगी।
Horror Movies : रोंगटे खड़ी कर देंगी सच्ची घटनाओं पर आधारित बॉलीवुड की ये फिल्में, अकेले देखने की न करें भूल
फिल्म का नाम- महल
प्लेटफॉर्म- यूट्यूब
1949 की यह प्रतिष्ठित हॉरर थ्रिलर फिल्म अभिनेता अशोक कुमार के वास्तविक जीवन के अनुभव पर आधारित थी। उन्होंने दावा किया था कि जब वह एक बार हिल स्टेशन पर शूटिंग कर रहे थे, तो उन्होंने एक महिला को घूमते हुए देखा था। जब उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी तो पता चला कि 14 साल पहले उस जगह पर एक महिला मृत पाई गई थी। फिल्म एक ऐसे व्यक्ति का भी अनुसरण करती है जो एक हवेली में चला जाता है और फिर अपने पिछले जीवन के भूतों का सामना करना पड़ता है।
फिल्म का नाम- रागिनी एमएमएस
प्लेटफॉर्म- नेटफ्लिक्स
यह फिल्म 2011 में आई थी, जिसमें एक ऐसे जोड़े की कहानी दिखाई गई थी, जो एक बंगले में रात बिताने जाते हैं। लेकिन वहां उनके साथ कई अजीब घटनाएं होती हैं, जो एक कैमरे में रिकॉर्ड होती हैं। फिल्म की कहानी दिल्ली की एक लड़की के वास्तविक अनुभव से प्रेरित थी। रिपोर्टों के अनुसार फिल्म बनाने से पहले लड़की ने बालाजी टेलीफिल्म्स के साथ एक अनुबंध भी किया था।
फिल्म का नाम- क्वेश्चन मार्क
प्लेटफॉर्म- यूट्यूब
यह फिल्म 2012 में आई थी और आंशिक रूप से एक सच्ची घटना पर आधारित है। यह उन कुछ दोस्तों के बारे में है जो किसी शूट के लिए एक घर में गए लेकिन कभी वापस नहीं लौटे। बाद में उनका कैमरा मिला, जिसमें उनके साथ हुई हर घटना की फुटेज थी। फिल्म में जो कुछ भी दिखाया गया है वह उस फुटेज के आधार पर दी दिखाया गया है।
फिल्म का नाम- ट्रिप टू भानगढ़
प्लेटफॉर्म- अमेजन प्राइम
यह फिल्म 2014 में आई थी, जिसमें एक दोस्तों का ग्रुप भारत की सबसे डरावनी जगह भानगढ़ जाने का प्लान बनाते हैं। भानगढ़ में सभी कई अप्राकृतिक अनुभवों का सामना करते हैं। फिल्म उन लोगों की कई वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित थी, जिन्होंने भानगढ़ में कई घटनाओं का अनुभव किया था। बता दें कि सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले इस ऐतिहासिक स्थल पर जाना प्रतिबंधित है।