कहा जाता है कि फिल्में समाज का आइना होती हैं। फिल्मों में जो भी दिखाया जाता है वो समाज को ध्यान में रखते हुए होता है। इनमें दिया जाना वाला संदेश पॉजिटिव भी होता है और कभी-कभी ये नेगेटिव भी होता है। इन दिनों मेकर्स समाज को संदेश देने वाली फिल्में ज्यादा बना रहे हैं। अगले हफ्ते रिलीज हो रही रणवीर सिंह की 'जयेशभाई जोरदार' भी सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म में रणवीर सिंह गुजराती शख्स के किरदार में हैं। जयेशभाई जोरदार में वह महिलाओं के समान हक की आवाज उठाते दिखाई देंगे। आज हम आपको ऐसी फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं जो दर्शकों को सामाजिकता का संदेश तो देती ही हैं और उनका मनोरंजन भी करती हैं।
Social Message Based Movies: 'जयेशभाई जोरदार' से पहले इन फिल्मों में भी दिया गया समाजिक संदेश, आज ही करें बिंज वॉच
न्यूटन
मतदान हमारे देश का ज्वलंत मुद्दा है। इस फिल्म में भी मतदान के दौरान होने वाली हेराफेरी को दिखाया गया है। इस फिल्म में राजकुमार राव ने हिंदी सिनेमा में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है। जब आलोचकों ने उन्हें फिल्म 'न्यूटन' में देखा गया तो उन्होंने भी राजकुमार राव के अभिनय की तारीफ की।
14 फेरे
यह फिल्म जहानाबाद के एक राजपूत पर आधारित है जिसे ऑनर किलिंग के लिए जाना जाता है। इस फिल्म में अदिति जयपुर की एक जाट लड़की है, जिसके पिता और बड़े भाई अपना सम्मान बनाए रखने के लिए उसे मार भी सकते है। दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते हैं, लेकिन इंटरकास्ट की वजह से समस्या होती है। इस फिल्म में और भी कई मुद्दों को उठाया गया है।
कागज
कागज पंकज त्रिपाठी की लीड फिल्म है। इस फिल्म में समाज के उस मुद्दे के बारे में बात की गई है, जिसे हम सब जानते तो हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं देता। यह आम आदमी की कहानी है, जिसे सरकार ने कागजों में मृत घोषित कर दिया है। इस फिल्म में वह आदमी 14 साल संघर्ष करता है और खुद को साबित करने में सफल हो जाता है।
शुभ मंगल सावधान
शुभ मंगल सावधान में आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर मुख्य किरदार में हैं। ये एक ऐसे जोड़े की कहानी है, जिन्हें पता लगता है कि लड़का इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ईडी) से पीड़ित है, जो एक आम बीमारी है। लेकिन अभी भी समाज में इसके बारे में बात करना पाप माना जाता है।