'कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं होता एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों', ये लाइनें दुष्यंत कुमार की लिखी हुई हैं। लेकिन, पक्के इरादे और मेहनत के बल पर अपना मुकाम पाने वाले हर शख्स पर फिट बैठती हैं। अभिनेता चंदन रॉय भी कुछ इसी इरादे के साथ अभिनय की दुनिया में आए। बिहार के महनार गांव से मुंबई आए चंदन ने अमर उजाला से बातचीत में खुद खुलासा किया कि वे यही ठानकर मुंबई आए कि 'अब बिहार मेरी खबर जाएगी, मैं नहीं जाऊंगा'। उनकी ख्वाहिश सच हुई। 'पंचायत' सीरीज में उनका किरदार विकास खूब लोकप्रिय हुआ है। आज 20 दिंसबर को चंदन रॉय का जन्मदिन है। नजर डालते हैं अभिनेता के करियर पर...
Chandan Roy: 'अब तो बिहार मेरी खबर जाएगी, मैं नहीं जाऊंगा', इस इरादे के साथ अभिनय की दुनिया में आए चंदन रॉय
Chandan Roy Birthday: प्राइम वीडियो की 'पंचायत' सीरीज के विकास यानी अभिनेता चंदन रॉय का आज जन्मदिन है। जानते हैं उनकी करियर यात्रा के बारे में
अभिनय से पहले की अखबार में नौकरी
चंदन रॉय ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले अखबार में नौकरी की। ऐसा भी उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से किया। दरअसल, हर मध्यम वर्गीय परिवार की तरह चंदन रॉय के माता-पिता ने भी यही सपना देखा कि बेटा सरकारी नौकरी करे, लेकिन चंदन रॉय के सपने अलग थे। उन्होंने अभिनेता बनने का ख्वाब देखा, जिसके लिए मुंबई आना जरूरी था। मुंबई आने के लिए पैसे जरूरी थे। इसके लिए उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की और फिर कुछ साल नौकरी करके पैसे जुटाए, जिससे मुंबई जाने के लिए आर्थिक मदद मिली।
'जो होगा देखा जाएगा'
खुद को कैसे तैयार किया? इसके जवाब में चंदन ने कहा, 'मैंने एक-दो दिन में खुद को तैयार नहीं किया था। वह बचपन से तय था कि मुझे मुंबई जाना है। यही वजह है कि मैंने बैचलर ऑफ मास कॉम किया। फिर आईआईएमसी चला गया, क्योंकि मुझे मुंबई आने के लिए थोड़े पैसे चाहिए थे। उसके लिए मुझे नौकरी करनी थी। मैने सोचा कि जब मुझे मुंबई जाना ही है तो क्यों न इसी के आसपास के किसी फील्ड में काम कर लूं। करीब ढाई साल नौकरी की और तीन-चार महीने के पैसे इकट्ठा कर लिए तो आ गया मुंबई। हां, मैंने रिस्क लिया था। और मेरे पास भी प्लान बी नहीं था। मैं इसी इरादे के साथ आया था कि बस पंद्रह बीस साल तो मेरे कोई नहीं छीन रहा है मुंबई में, अब तो जो होगा देखा जाएगा। मैं हमेशा कहता भी हूं कि मैं यही सोचकर आया था कि बिहार मेरी खबर जाएगी, मैं नहीं जाऊंगा'।
रघुबीर यादव को देखते ही कही ये बात
'पंचायत' में प्रधान की भूमिका निभाने वाले अभिनेता रघुबीर यादव के साथ काम करने का अनुभव भी चंदन रॉय ने साझा किया। सीरीज से पहले वर्कशॉप में वे रघुबीर यादव से मिल चुके थे। फिर सेट पर पहली बार रघुबीर यादव के साथ सीन करने का किस्सा भी काफी दिलचस्प रहा। चंदन बताते हैं, 'उनके साथ पहला सीन ये था कि वो खेत से लौटा लेकर आते हैं। जैसे ही वो आए तो मेरे को बताया गया। उन्हें देखकर मेरे मुंह से निकला, 'प्रणाम प्रधान जी'। वह स्क्रिप्ट में कहीं नहीं था। यह अचानक मेरे मुंह से निकला। मुझे ऐसा लगता है कि मैं रघुवीर सर के साथ होता हूं तो वे मुझे बतौर सह-कलाकार मुझे बहुत ही अच्छे से संभालकर रखते हैं'।
गांव के अनुभव आते हैं काम
चंदन रॉय की जिंदगी का एक हिस्सा गांव में बीता है। उनसे जब पूछा गया कि 'पंचायत' में विकास के रोल में आपके खुद के अनुभव नजर आते हैं। आपका कितना योगदान रहता है शूटिंग के दौरान डायलॉग को ठीक करने का? इस पर उन्होंने कहा, 'जब स्क्रिप्ट को खूब अच्छे से पढ़ और समझ लेते हैं और वो किरदार जज्ब हो जाता है। फिर आप वही किरदार बनकर एक्ट करते हो। डायरेक्टर को भी वह अच्छा लगता है। मुझे नहीं लगता कि मैं जान-बूझकर कुछ सेट पर करता हूं। मुझे मेरे कैरेक्टर के बारे में जो पता है मैं वो मैं करता हूं'।
संबंधित वीडियो