निर्देशक हरमेश मल्होत्रा का नाम तो आपने सुना होगा? वही, नगीना और निगाहें वाले। श्रीदेवी को लेकर उन्होंने शेरनी भी बनाई थी जिसमें हीरो थे शत्रुघ्न सिन्हा। शत्रुघ्न सिन्हा और हरमेश मल्होत्रा का याराना बड़ा पुराना और काफी लंबा रहा। शेरनी से पहले हरमेश मल्होत्रा ने शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर फांसी के बाद, मंगल पांडे, चोरों की बारात, अमर शक्ति और बगुला भगत जैसी फिल्में बनाईं। हरमेश मल्होत्रा का जन्म खुशाब में हुआ था जो अब पाकिस्तान में है। कोई 15 साल पहले उनका निधन हो गया। आज यानी 23 मई के बाइस्कोप में हम आपको बताते हैं, हरमेश मल्होत्रा की एक फिल्म चोरों की बारात का किस्सा जो रिलीज हुई थी साल 1980 में। यानी आज इस फिल्म की रिलीज के 40 साल पूरे हो गए। फिल्म चोरों की बारात की ओपनिंग बहुत शानदार रही थी। वजह थी इसमें हिंदी सिनेमा के उस समय के कोई दर्जन भर खलनायकों की भरमार। अजीत से लेकर रंजीत, डैनी, जीवन, सुधीर, रूपेश सब तो थे यहां। पब्लिक इनकी बारात निकलते देखने खूब आई।
बाइस्कोप: शादी के चार महीने बाद निकली नीतू सिंह की ये ‘बारात’, निर्देशक ने छोटा किया रोमांटिक ट्रैक
बाइस्कोप में चोरों की बारात का जिक्र इसकी कहानी, इसके खलनायकों या इसके नायक या निर्देशक की वजह से नहीं बल्कि इसके बारे में किस्सा छिड़ा है इसकी हीरोइन नीतू सिंह को लेकर। नीतू सिंह इस फिल्म की रिलीज होने से कुछ ही महीने पहले नीतू कपूर बनी थीं। चोरों की बारात बतौर हीरोइन शूट की गई उनकी आखिरी फिल्म थी। फिल्म अगर आप ध्यान से देखेंगे तो आपको कई जगह इस बात का एहसास होगा कि वह शत्रुघ्न सिन्हा के करीब आने पर या कहीं कुछ तेजी से करने को लेकर हिचकिचा रही हैं। जैसे कि उस गाने में, तेरी मेरी दोस्ती हो गई, सारी दुनिया से दुश्मनी हो गई। दरअसल तब तक नीतू सिंह अपने होने वाले पति ऋषि कपूर के प्यार में इतनी खो चुकी थीं कि उन्हें किसी के भी पास आने में दिक्कत होती थी। फिल्म चोरों की बारात रिलीज होने के बाद कई दूसरी फिल्मों में भी नीतू सिंह नजर आती रहीं लेकिन ये सारी फिल्में पहले शूट हो चुकी फिल्में थीं। जब चोरों की बारात रिलीज हुई उस वक्त नीतू कपूर प्रेग्नेंट थीं।
15 सितंबर 1980 को ऋद्धिमा को जन्म देने वालीं नीतू कपूर की शादी इसी साल 22 जनवरी 1980 को हुई। यानी कि ऋद्धिमा के जन्म से आठ महीने पहले। फिल्म चोरों की बारात की शूटिंग के समय नीतू सिंह ने काफी सावधानियां बरतीं और फिर इसकी शूटिंग खत्म होते ही उन्होंने बतौर हीरोइन पैकअप बोल दिया। चोरों की बारात के बाद बतौर हीरोइन नीतू सिंह की पहले ही शूट हो चुकी फिल्में जो अगले दो तीन साल तक रिलीज होती रहीं, उनमें शामिल थीं, एक और एक ग्यारह, खून का रिश्ता, याराना, वक्त की दीवार, चोरनी आदि।
सेकेंड इनिंग्स में नीतू कपूर फिर सीधे दिखाई दीं इम्तियाज अली की फिल्म लव आज कल में अपने पति ऋषि कपूर के साथ साल 2009 में। ऋषि कपूर के साथ ही नीतू सिंह ने दो दूनी चार और बेशरम भी की। बेशरम में इन दोनों के साथ इनका बेटा रणबीर कपूर भी है। बुलबुल चौटाला के किरदार में नीतू कपूर ने फिल्म में खूब रंग जमाया लेकिन अपने भाई अनुराग कश्यप की देखा देखी सेट पर आकर सीन, कहानी, डायलॉग बदल देने के चक्कर में अभिनव ने वह फिल्म ही नहीं बनाई जो इसके राइटर ने कागज पर लिखकर उन्हें दी थी। कहानी फिल्म चोरों की बारात की भी कमाल की रही।
एक द्वीप पर रहने वाले रईस की बेटी अंजू को शहर में शेखर से इश्क हो जाता है। वह शेखर को अपने साथ इस द्वीप पर लाती है और इसी बीच कुछ और लोग भी इस द्वीप पर पहुंच जाते हैं। इन लोगों को अंजू के पिता से अपना पुराना हिसाब चुकता करना है। जब अंजू की जान मुश्किल में फंसती है तो खुलासा होता है कि आखिर शेखर है कौन और यहां कर क्या रहा है। अपने जमाने के स्टार कलाकार नवीन निश्चल को लेकर भी चोरों की बारात नाम की एक फिल्म लेखक निर्देशक नरेंद्र बेदी ने साल 1975 में शुरू की थी लेकिन तब तक अमिताभ बच्चन नए एंग्री यंग मैन बनकर पर्दे पर आ चुके थे और नवीन निश्चल के करियर को अपनी छांव से ढक चुके थे।