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क्रिकेट मैदान के हीरो, सिल्वर स्क्रीन पर जीरो?
अमित कर्ण/अमर उजाला, मुंबई
Updated Tue, 27 Sep 2016 04:12 PM IST
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टीम इंडिया ने कानपुर में न्यूजीलैंड को ऐतिहासिक 500 वें टेस्ट में चित कर दिया है। संयोग ही है कि इसी हफ्ते टीम इंडिया के सबसे बड़े ब्रांड रहे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जिंदगी पर बनी फिल्म भी रिलीज हो रही है। फिल्म में धोनी का रोल सुशांत सिंह राजपूत र रहे हैं। उनके पेट में भी बटरफ्लाइज़ दौड़ रही हैं, और दौड़ें भी क्यूं न आखिर बॉलीवुड में क्रिकेट पर बनी फिल्मों का प्रदर्शन जो इतना खराब रहा है। लगान, इक़बाल और जन्नत जैसी फिल्मों को छोड़ दें तो मैदान और टीवी पर क्रिकेट देखने वाले दर्शक सिनेमाघरों में क्रिकेट देखने कम ही गए हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि क्रिकेट के सब्जेक्ट पर फिल्म बनाना कोई नई बात नहीं, ये फिल्में 1959 से बनती आ रही हैं। बड़े बड़े सितारों ने क्रिकेट पर फिल्में बनाने की कोशिश की और ज्यादातर बार हिट विकेट हुए।
एम एस धोनी – द अनटोल्ड स्टोरी (2016)
अपने हेलीकॉप्टर शॉट्स से चर्चा में आए महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट के वो धूमकेतु हैं जिसने आते ही अपनी रोशनी से बड़े बड़े दिग्गजों को चौंधिया दिया। उनके कैप्टन बनते ही तमाम सीनियर खिलाड़ियों की एक के बाद एक टीम से छुट्टी होती गई। कभी अपने दोस्त की ब्रांड मैनेजमेंट कंपनी तो कभी अपने साथी खिलाड़ियों से अनबन के चलते धोनी को लेकर ग्रीन रूम से अक्सर ऐसी खबरें आती रहीं, जिन पर बीसीसीआई ने कभी तवज्जो नहीं दी। उनकी कप्तानी वाली आईपीएल की टीम के मैच फिक्सिंग में फंसने के बाद से धोनी का करियर ढलान पर है। और, ये फिल्म उनके ब्रांड का आखिरी आंकलन हो सकती है।
अपने हेलीकॉप्टर शॉट्स से चर्चा में आए महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट के वो धूमकेतु हैं जिसने आते ही अपनी रोशनी से बड़े बड़े दिग्गजों को चौंधिया दिया। उनके कैप्टन बनते ही तमाम सीनियर खिलाड़ियों की एक के बाद एक टीम से छुट्टी होती गई। कभी अपने दोस्त की ब्रांड मैनेजमेंट कंपनी तो कभी अपने साथी खिलाड़ियों से अनबन के चलते धोनी को लेकर ग्रीन रूम से अक्सर ऐसी खबरें आती रहीं, जिन पर बीसीसीआई ने कभी तवज्जो नहीं दी। उनकी कप्तानी वाली आईपीएल की टीम के मैच फिक्सिंग में फंसने के बाद से धोनी का करियर ढलान पर है। और, ये फिल्म उनके ब्रांड का आखिरी आंकलन हो सकती है।
अजहर (2016)
इमरान हाशमी ने इस फिल्म में क्रिकेटर अजहरुद्दीन की भूमिका निभाई थी। फिल्म को एकता कपूर ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म के प्रमोशन से खुद अजहर जुड़े रहे। इसके बावजूद फिल्म दर्शकों के प्यार से महरूम रह गई। आलम तो यह हुआ कि खुद इमरान हाशमी अब यह कह रहे हैं कि अजहरुद्दीन को अदालत से भले माफी मिल गई, मगर लोगों के जहन में अब तक अजहर की छवि निगेटिव ही है। ऐसे में फिल्म में अजहर को बेकसूर दिखाना फिल्म के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ।
इमरान हाशमी ने इस फिल्म में क्रिकेटर अजहरुद्दीन की भूमिका निभाई थी। फिल्म को एकता कपूर ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म के प्रमोशन से खुद अजहर जुड़े रहे। इसके बावजूद फिल्म दर्शकों के प्यार से महरूम रह गई। आलम तो यह हुआ कि खुद इमरान हाशमी अब यह कह रहे हैं कि अजहरुद्दीन को अदालत से भले माफी मिल गई, मगर लोगों के जहन में अब तक अजहर की छवि निगेटिव ही है। ऐसे में फिल्म में अजहर को बेकसूर दिखाना फिल्म के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ।
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फरारी की सवारी (2012)
विधु विनोद चोपड़ा के असिस्टेंट रहे राजेश मापुसकर ने यह फिल्म बनाई थी। यह क्रिकेट की पृष्ठभूमि में बाप, बेटे और पोते के रिश्तों पर थी। एक बाप अपने बेटे को क्रिकेट टीम में सेलेक्ट करवाने को कैसे सचिन तेंदुलकर की फरारी कार चुराता है, यह फिल्म उस बारे में थी। शरमन जोशी, बमन ईरानी और रित्विक साहोरे फिल्म में मुख्य भूमिका में थे। कहानी समीक्षकों को बहुत पसंद आई थी, पर यह बॉक्स ऑफिस पर जलवे बिखेरने में नाकाम रही।
विधु विनोद चोपड़ा के असिस्टेंट रहे राजेश मापुसकर ने यह फिल्म बनाई थी। यह क्रिकेट की पृष्ठभूमि में बाप, बेटे और पोते के रिश्तों पर थी। एक बाप अपने बेटे को क्रिकेट टीम में सेलेक्ट करवाने को कैसे सचिन तेंदुलकर की फरारी कार चुराता है, यह फिल्म उस बारे में थी। शरमन जोशी, बमन ईरानी और रित्विक साहोरे फिल्म में मुख्य भूमिका में थे। कहानी समीक्षकों को बहुत पसंद आई थी, पर यह बॉक्स ऑफिस पर जलवे बिखेरने में नाकाम रही।
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विक्ट्री (2009)
ऋतिक रोशन की कार्बन कॉपी कहे जाने वाले हरमन बावेजा ने भी अपनी किस्मत बदलने की खातिर क्रिकेट का सहारा लिया। उनके लिए अजित पाल मंगत ने यह फिल्म बनाई। इसमें असल क्रिकेटरों की फौज खड़ी कर दी गई। मिसाल के तौर पर एलन बॉर्डर, टोनी ग्रेग, मोहिंदर अमरनाथ, वकार युनूस, मुरलीधरन और सनथ जयसुर्या। हरमन उसमें विजय शेखावत की भूमिका में थे, जो अपनी अकड़ की वजह से टीम से हाथ धो बैठता है। उसके बाद वह कैसे वापसी करता है, यह फिल्म उस बारे में थी। फिल्म हरमन की सोई किस्मत जगा नहीं पाई।
ऋतिक रोशन की कार्बन कॉपी कहे जाने वाले हरमन बावेजा ने भी अपनी किस्मत बदलने की खातिर क्रिकेट का सहारा लिया। उनके लिए अजित पाल मंगत ने यह फिल्म बनाई। इसमें असल क्रिकेटरों की फौज खड़ी कर दी गई। मिसाल के तौर पर एलन बॉर्डर, टोनी ग्रेग, मोहिंदर अमरनाथ, वकार युनूस, मुरलीधरन और सनथ जयसुर्या। हरमन उसमें विजय शेखावत की भूमिका में थे, जो अपनी अकड़ की वजह से टीम से हाथ धो बैठता है। उसके बाद वह कैसे वापसी करता है, यह फिल्म उस बारे में थी। फिल्म हरमन की सोई किस्मत जगा नहीं पाई।