सौ से ज्यादा फिल्मों में अलग-अलग तरह की भूमिका निभाने वाली दिव्या दत्ता बॉलीवुड की बेहतरीन एक्ट्रेस में से एक मानी जाती हैं। 42वां जन्मदिन मना रहीं दिव्या दत्ता अपनी एक्टिंग के दम पर सपोर्टिंग किरदारों में भी जान भर देती हैं। पंजाब के लुधियाना शहर में दिव्या का जन्म एक पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ था। दिव्या ने अपने करियर की शुरुआत 1994 में आई फिल्म इश्क में जीना इश्क में मरना से की थी।
एक्टिंग के लिए दिव्या दत्ता ने ठुकराया था शादी का ऑफर, सिख दंगों के बीच बीता है बचपन
अमर उजाला में लिखे 'ब्लॉग' में दिव्या दत्ता ने बताया कि जब मैं चार साल की थी तब मुझे एक दिन लगा कि मैं एक्टिंग बढ़िया कर लेती हूं। होता ये था कि उन दिनों अमिताभ बच्चन की डॉन रिलीज हो चुकी थी और फिल्म का गाना खइके पान बनारसवाला खूब बजा करता था। मैंने भी उनका पान खाकर नाचने वाला स्टाइल देख रखा था तो घर पर मैं इसी गाने पर खूब नाचा करती। मम्मी का दुपट्टा लेकर मैं उसे कमर में बांध लेती और होठों पर पान वाली लाली लाने के लिए खूब सारी लाल लिपस्टिक लगा लेती। हमारे घर पर बाकायदा इसका शो हुआ करता था। उनकी पार्टी चलती और मेरा डांस।
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दिव्या का नाम कुछ समय के लिए इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट संदीप शेरगिल से जुड़ा। हालांकि बाद में दोनों अलग हो गए। दिव्या को 19 साल की उम्र में अमेरिका से शादी का प्रपोजल मिला था। लड़का डॉक्टर था लेकिन दिव्या ने शादी छोड़ करियर पर फोकस किया। हालांकि अभी भी दिव्या ने शादी नहीं की है। पेंग्विन के मुताबिक दिव्या बचपन में किडनैप हो गई थीं हालांकि उनकी मां और पुलिस ने मिलकर उन्हें बचा लिया। दिव्या दत्ता को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। उन्हें ये सम्मान इरादा फिल्म के लिए मिला था।