Lata Mangeshkar: लता मंगेशकर का परिवार नहीं चाहता शिवाजी पार्क में बने गायिका का स्मारक, भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने जताई ये इच्छा
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लता जी की संगीत विरासत को रखा जाए जिंदा-
एक रिपोर्ट के मुताबिक,लता जी के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने इस बारे में अपने विचार साझा करते हुए कहा है कि पहले आदित्य ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने लता मंगेशकर की याद में एक म्यूजिकल इंस्टीट्यूट बनाने की सलाह दी थी, जिस पर उन्होंने सहमति भी दे दी थी। हृदयनाथ मंगेशकर ने कहा, वह चाहते ही कि लता मंगेशकर की याद में उनकी संगीत की प्रतिभा को विरासत के तौर पर जिंदा रखा जाए, इसलिए अगर वह उनकी विरासत को जिंदा रखना चाहते हैं तो उनका स्मारक बनाने की बजाय म्यूजिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाए।
पूरा जीवन कर दिया संगीत को समर्पित-
लता मंगेशकर ने अपनी आवाज के जादू से करोड़ों लोगों के दिलों पर राज किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन संगीत को समर्पित कर दिया। आपको बता दें कि लता जी ने अपने संगीत के करियर में तकरीबन 36 भारतीय भाषाओं में गीत गाए और 30000 से भी ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए।
लता जी को उनके गानों के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया । साल 2001 में भारत सरकार की तरफ से लता जी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी नवाजा गया। लता जी ने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पहचान बनाई थी। उन्हें साल 2009 में फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑफिसर डि ला लीजन द ऑनर' से भी सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें दो बार पद्मभूषण से भी सम्मानित किया गया था।