सीरियल 'शाका लाका बूम बूम' से हंसिका मोटवानी घर घर पहचानी जाने लगी थीं। हंसिका ने 2001 में एकता कपूर के सीरियल 'देस में निकला होगा चांद' से बतौर बाल कलाकार डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया। नौ अगस्त 1991 को मुंबई में हंसिका का जन्म हुआ था। तो चलिए उनके जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
'कोई मिल गया' से हंसिका मोटवानी हुई थीं मशहूर, 16 साल की उम्र में बनीं हीरोइन तो हर कोई रह गया था हैरान
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हंसिका के पिता प्रदीप मोटवानी एक बड़े बिजनेसमैन हैं जबकि मां डर्मेटोलॉजिस्ट हैं। हालांकि उनके माता पिता ने तलाक ले लिया था जिसके बाद हंसिका को उनकी मां ने ही पाला। हंसिका ने अपनी पढ़ाई मुंबई के पोदार इंटरनेशनल स्कूल से की।
हंसिका ने टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी', 'सोन परी', 'करिश्मा का करिश्मा' में काम किया। कई टीवी शो करने के बाद हंसिका ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में काम किया। 15 साल की उम्र में उन्होंने निर्देशक पुरी जगन्नाथ की तेलुगू फिल्म 'देसमुदुरु' की। इसके बाद हंसिका की फैन फॉलोइंग काफी बढ़ गई थी। उन्होंने साउथ में एक के बाद एक कई हिट फिल्में दीं।
साल 2003 में हंसिका ने ऋतिक रोशन की फिल्म 'कोई मिल गया' में काम किया था। फिल्म में हंसिका बाल कलाकार के तौर पर दिखीं। चार साल बाद 2007 में हंसिका हिमेश रेशमिया की फिल्म 'आपका सुरूर' में दिखीं। इसमें वो मुख्य अभिनेत्री थीं। उस वक्त हंसिका की उम्र केवल 16 साल थी। जबकि वो अपनी उम्र से काफी बड़ी दिख रही थीं। उन्हें देखकर हर कोई हैरान रह गया था।
बॉलीवुड में हंसिका की दूसरी फिल्म 2008 में रिलीज हुई 'मनी है तो हनी है' थी। इसके बाद हंसिका किसी हिंदी फिल्म में नजर नहीं आईं। बॉलीवुड में कुछ खास सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने दक्षिण की ओर रुख किया। आज उनकी गिनती साउथ फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी अभिनेत्रियों में होती है।
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