{"_id":"663094ad6d88830ded053cd1","slug":"heeramandi-the-diamond-bazaar-actor-shekhar-suman-became-emotional-remembering-his-first-son-know-full-details-2024-04-30","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Shekhar Suman: पहले बेटे की मौत को आज भी नहीं भूला पाए हैं शेखर, रातभर पार्थिव शरीर को पकड़ रोते रहे थे एक्टर","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
Shekhar Suman: पहले बेटे की मौत को आज भी नहीं भूला पाए हैं शेखर, रातभर पार्थिव शरीर को पकड़ रोते रहे थे एक्टर
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: आकांक्षा गुप्ता
Updated Tue, 30 Apr 2024 12:21 PM IST
सार
शेखर सुमन ने कहा, 'ये इतनी दुर्लभ बीमारी है कि यह अरबों में से केवल एक को प्रभावित करती है। मैं जितना जानता हूं, भारत में इसके केवल तीन या चार मामले ही हो सकते हैं। दुर्भाग्य से इसका कोई इलाज भी नहीं है। केवल हार्ट ट्रांसप्लांट ही एक विकल्प है।'
विज्ञापन
1 of 5
शेखर सुमन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अभिनेता शेखर सुमन इन दिनों संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज 'हीरामंडी द डायमंड बाजार' को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। अभिनेता इन दिनों इसके प्रमोशन में बिजी चल रहे हैं। हाल ही में वेब सीरीज के प्रचार के लिए पहुंचे अभिनेता ने एक बातचीत में उस बीमारी के बारे में खुलकर बात की है, जिससे उनके बड़े बेटे आयुष का निधन हो गया था।
2 of 5
शेखर सुमन, संजय लीला भंसाली
- फोटो : इंस्टाग्राम
शेखर सुमन के पहले बेटे ने जब इस दुनिया को अलविदा कहा था, तब वह सिर्फ 11 साल का था। वह नेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर रेयर डिसऑर्डर (एनओआरडी) नामक बीमारी से पीड़ित था। ये बीमारी दिल को प्रभावित करती है। शेखर ने इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाते हुए और अपने बेटे को खोने के बाद हुए दर्द के बारे में खुलकर बात की है।
उन्होंने कहा, 'ये इतनी दुर्लभ बीमारी है कि यह अरबों में से केवल एक को प्रभावित करती है। मैं जितना जानता हूं, भारत में इसके केवल तीन या चार मामले ही हो सकते हैं। दुर्भाग्य से इसका कोई इलाज भी नहीं है। केवल हार्ट ट्रांसप्लांट ही एक विकल्प है।' बेटे को याद करते हुए शेकर ने कहा कि जब वे आयुष को अस्पताल लेकर गए तो उन्होंने उसे अपनी बाहों में पकड़ रखा था। तभी डॉक्टर ने उन्हें बताया कि वह अब नहीं रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
शेखर सुमन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
अभिनेता ने बताया, 'मैं उसके पार्थिव शरीर के साथ पूरी रात, पूरे दिन लेटा रहा और बहुत रोया। अलका भी बहुत रोई थी, लेकिन आखिरकार वह संभल गई। माता-पिता के लिए इससे बड़ी पीड़ा और दुख क्या हो सकती है कि वे अपने बच्चे का अंतिम संस्कार करें।' उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि समय दर्द को कम करेगा, क्योंकि इससे घाव ठीक हो जाएंगे। मगर हमारा दर्द और बढ़ गया।'
विज्ञापन
5 of 5
शेखर सुमन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
शेखर सुमन ने बताया कि बेटे को बचाने के लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। यह कोई चमत्कार ही था कि वह आठ महीने नहीं बल्कि चार साल तक जीवित रहे। शेखर और उनकी पत्नी की रातों की नींद बेटे को चेहरे को देखते ही निकल जाती थी। अभिनेता ने बताया कि उन्हें लगता था वे भी बेटे के साथ हर पल मर रहे हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।