भारत देश का संगीत सनातन काल से दो पद्धतियों में विभाजित रहा है। एक है वह संगीत जिसे भारतीय शास्त्रीय संगीत कहते हैं जिसकी परंपरा उत्तर भारत में प्रचलित रही है और दूसरा संगीत है कर्नाटक शास्त्रीय संगीत जो दक्षिण भारत में सदियों से वहां के संगीत प्रेमियों को सुध बुध खोने पर मजबूर करता रहा है। उत्तर-दक्षिण के इस संगीतमयी विभाजन को बहुत कम संगीतकारों ने ही एक संतुलन बनाकर हिंदी सिनेमा में प्रस्तुत करने में सफलता पाई है। इन सफल संगीतकारों की आखिरी कड़ी अब तक ए आर रहमान बने हुए हैं। उनके अलावा बीते दो तीन दशक में कई संगीतकारों ने दक्षिण सिनेमा से निकलकर उत्तर भारत में अपनी संगीत पताका लहराने की कोशिश की और विफल रहे। इनमें ताजा नाम संगीतकार अनिरुद्ध का फिल्म ‘जवान’ से जुड़ा है। इस फिल्म को हिंदी में देखने वाले अधिकतर दर्शक मानते हैं कि फिल्म का संगीत ही इसकी सबसे कमजोर कड़ी है..
Jawan Weakest Link: ‘जवान’ की सबसे कमजोर कड़ी बने अनिरुद्ध, साउथ के दिग्गज संगीतकारों का हिंदी रिपोर्ट कार्ड
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अनिरुद्ध रविचंदर
संगीतकार अनिरुद्ध रविचंदर साउथ सिनेमा के जाने माने संगीतकार हैं। अनिरुद्ध को सबसे बड़ी सफलता 'व्हाई दिस कोलावेरी डी' गाने में मिली। अनिरुद्ध के संगीत निर्देशन में धनुष ने इस गीत को गाया था। और, यह गीत दुनिया भर में खूब वायरल हुआ। अभिनेता रवि राघवेंद्र के बेटे और रजनीकांत के भतीजे अनिरुद्ध को तमिल फिल्मों में संगीत के लिए तीन फिल्मफेयर पुरस्कार, नौ साईमा पुरस्कार, छह एडिसन पुरस्कार और पांच विजय पुरस्कार मिल चुके हैं। फिल्म 'जवान' से पहले अनिरुद्ध संगीतकार के तौर पर हिंदी फिल्म 'डेविड' और 'जर्सी' में संगीत दे चुके हैं, लेकिन साउथ जैसा जादू उनका हिंदी सिनेमा में नहीं चला।
डीएसपी (देवी श्री प्रसाद)
संगीतकार के तौर पर डीएसपी उर्फ देवी श्री प्रसाद साउथ सिनेमा के सबसे अधिक भुगतान पाने वाले संगीतकारों में से एक हैं। तेलुगु सिनेमा और तमिल सिनेमा में उनके योगदान के लिए अब तक एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, एक नंदी पुरस्कार, दस फिल्मफेयर पुरस्कार, सात साइमा पुरस्कार मिल चुके हैं। फिल्म 'पुष्पा द राइज’ के गीत 'तेरी झलक अशर्फी’ के जरिए उनकी पहचान हिंदी सिनेमा में हुई। डीएसपी अब तक अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 2’, रणवीर सिंह की फिल्म ‘सर्कस’, सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ और वरुण धवन की फिल्म ‘बवाल’ का संगीत दे चुके हैं।
एम एम कीरावनी
फिल्म 'आरआरआर' के संगीत के लिए भारतीय सिनेमा को ऑस्कर अवॉर्ड दिलाने वाले साउथ सिनेमा के दिग्गज संगीतकार एम एम कीरावनी भी खुद को हिंदी सिनेमा में स्थापित नहीं कर पाए। साउथ की फिल्मों में संगीत रचना के लिए एम एम कीरावनी को 11 नंदी पुरस्कार, आठ फिल्मफेयर पुरस्कार, दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, एक अकादमी पुरस्कार, एक गोल्डन ग्लोब पुरस्कार, एक एलएएफसीए पुरस्कार और एक क्रिटिक्स च्वाइस मूवी अवार्ड मिल चुका है। भारत सरकार ने भारतीय सिनेमा के संगीत में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया है। हिंदी में एम एम कीरावनी अपने दूसरे नाम एम एम क्रीम का उपयोग करते हुए ‘क्रिमिनल’, 'सुर', 'जिस्म', 'रोग' और 'पहेली' जैसी फिल्मों में संगीत दे चुके हैं।
इलैयाराजा
साउथ सिनेमा में संगीतकार के तौर पर इलैयाराजा का नाम बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता है। साउथ सिनेमा संगीत में अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें पांच बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। भारत सरकार ने साल 2010 में पद्म भूषण और साल 2018 में पद्मविभूषण सम्मान से भी उन्हें सम्मानित किया। इलैयाराजा को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका हैं। इलैयाराजा हिंदी सिनेमा में फिल्म 'सदमा' के गीत 'ए जिंदगी गले लगा ले' से मशहूर हुए थे। अमिताभ बच्चन की फिल्म 'चीनी कम' में भी इलैयाराजा संगीत दे चुके हैं।