ये उन दिनों की बात है जब सलमान खान के करियर की पहली सौ करोड़ी फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ अभी रिलीज होनी बाकी थी और शाहरुख खान की फिल्म ‘दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में उनका बाहें फैलाकर पोस्टर वाला सीन बनाना भी अभी बाकी था। निर्देशक राकेश रोशन को एक कहानी का आइडिया आया। पुनर्जन्म वाला। दो भाई एक बेबस मां। दोनों भाइयों का पुनर्जन्म, मां की इस चीत्कार पर कि ‘मेरे करन अर्जुन आएंगे।’ शायद ही कोई हिंदी फिल्म का दर्शक हो जिसने अपने जीवन में इस लाइन को कभी न कभी अपने हिसाब से मौका देखकर आम बोलचाल में इस्तेमाल न किया हो। मैं बात कर रहा हूं निर्माता निर्देशक राकेश रोशन की फिल्म ‘करन अर्जुन’ की। अपने समय की इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में राकेश रोशन के बेटे ऋतिक ने बतौर सहायक निर्देशक काम किया। शाहरुख खान और सलमान खान को चाय पहुंचाई। दोनों की कुर्सियां करीने से लगवाईं और वह सारा काम किया जो सेट पर एक सहायक निर्देशक करता है। आज के बाइस्कोप में बात इसी फिल्म ‘करन अर्जुन’ की। ये पहली हिंदी फिल्म है जिसके पहले दिन का पहला शो रात 3 बजे से शुरू हुआ। दूसरा शो सुबह 6 बजे और तीसरा शो सुबह 9 बजे और तीनों हाउसफुल। उसके बाद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी का जो परचम लहराया, उसके चर्चे तो आज तक होते हैं।
Bioscope S2: 'करन अर्जुन' हिट होने पर शाहरुख ने इसलिए मांगी माफी, आमिर की हरी झंडी मिलने पर हुई थी वापसी
सलमान और शाहरुख के बीच आमिर
फिल्म ‘करन अर्जुन’ को लेकर जो किस्सा सबसे ज्यादा मशहूर है वह इसकी कास्टिंग को लेकर है कि कैसे ये फिल्म पहले राकेश रोशन ने शाहरुख खान और अजय देवगन को सुनाई। दोनों को पुनर्जन्म का आइडिया जमा नहीं और दोनों एक साथ ये तय करके कि फिल्म नहीं करनी है, घर चले गए। बाद में शाहरुख खान ने ये फिल्म कर ली और अजय देवगन ने इसके लिए शाहरुख को कभी माफ नहीं किया। इस बारे में राकेश रोशन जो बात बताते हैं, उसके मुताबिक, ‘ये सच है कि मैंने ये कहानी पहले शाहरुख खान और अजय देवगन को सुनाई थी। लेकिन दोनों के मना करने और शाहरुख खान के फिर इस फिल्म में वापस आने से पहले ये फिल्म करने के लिए सलमान खान और आमिर खान ने हां कर दी थी। बस आमिर ये फिल्म छह महीने बाद शुरू करना चाहते थे और मुझे फिल्म तुरंत शुरू करनी थी। ये बात पता चलने पर शाहरुख ने मुझे संपर्क किया और मैंने पूरी बात आमिर को बताई। आमिर के एतराज न करने पर ही मैंने शाहरुख को फिल्म में वापस लिया।’
शाहरुख को आखिर तक नहीं रहा यकीन
राकेश रोशन ये भी बताते हैं कि उन्होंने सलमान और शाहरुख के साथ ये फिल्म शुरू करने से पहले दोनों को साथ बिठाकर ये कहानी फिर से सुनाई और दोनों में से किसी ने किसी भी सीन पर आपत्ति नहीं जताई। हां, शाहरुख को पुनर्जन्म की इस कहानी पर कभी यकीन नहीं रहा। मैंने उसे ‘किंग अंकल’ में मौका दिया था और वह मेरी इज्जत भी बहुत करता था। उसने पूरी फिल्म के दौरान यही कहा कि मैं ये फिल्म सिर्फ आपके भरोसे पर कर रहा हूं और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा कि लोगों को रिएक्शन कैसा होगा। बाद में फिल्म सुपरहिट हुई तो शाहरुख ने अपनी गलती मानी और माफी भी मांगी कि इस विषय पर उसे पहले यकीन क्यों नहीं आया।
रात 3 बजे शुरू कर दिया पहला शो
मशहूर फिल्म लेखक सचिन भौमिक और रवि कपूर की लिखी फिल्म ‘करन अर्जुन’ को लेकर फिल्म के वितरकों को भी शुरू में यकीन नहीं आता था। लेकिन, उन्हें राकेश रोशन पर भरोसा था। फिल्म के ट्रेलर ने उनकी गलतफहमियों को दूर किया और फिल्म रिलीज होने को आई तब तक शाहरुख खान और सलमान खान दोनों सुपरस्टार बन चुके थे। दोनों को एक साथ फिल्म पर देखने को दर्शक पागल थे। राकेश रोशन को इस बात का अंदाजा था तभी उन्होंने अपने सारे वितरकों से लिखित में लिया कि वह फिल्म का कोई भी शो 13 जनवरी 1995 को दिन में 12 बजे से पहले नहीं करेंगे। लेकिन, राकेश रोशन के फोन की घंटी उस दिन रात तीन बजे ही बज गई। मोबाइल तो तब होते नहीं थे तो उन्हें लगा कि कोई मजाक कर रहा है। दूसरी तरफ उनका मध्यप्रदेश का एक वितरक था। उसने कहा कि मैंने पहला शो खोल दिया है और पब्लिक पागल हो रही है। दर्शकों की आवाजें सुनाने के लिए वितरक ने फोन का चोंगा फिर एक बार हॉल की तरफ करके राकेश रोशन को दर्शकों की प्रतिक्रियाएं सुनवाईं। ये किसी हिंदी फिल्म का रिलीज के दिन इतनी जल्दी हुआ पहला शो बना। इसके बाद इसी थिएटर में ये फिल्म सुबह छह बजे और सुबह नौ बजे भी दिखाई गई। तीनों शो हाउसफुल और उसके बाद के चारों रेगुलर शो तो एडवांस बुकिंग में पहले ही फुल हो चुके थे।
आईएमडीबी के किस्से झूठे
फिल्म ‘करन अर्जुन’ को लेकर ये अफवाह रही है कि इस फिल्म के लिए राकेश रोशन पहले अजय देवगन और सनी देओल की जोड़ी बनाना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी की जोडी भी बनाने की कोशिशें कीं लेकिन ये सारी बातें गलत हैं। अंग्रेजी की जिस रेटिंग वेबसाइट आईएमडीबी से ये किस्से दुनिया भर में फैले, उस पर फिल्म ‘करन अर्जुन’ को लेकर और भी तमाम किस्से ऐसे लिखे हैं जो सही नहीं हैं। फिल्म ‘करन अर्जुन’ को कामयाब बनाने में इसकी कहानी का सबसे बड़ा योगदान रहा और ये ऐसी कहानी थी जिसमें राकेश रोशन को पूरा भरोसा था। दो बड़े सितारों के डबल रोल वाली इस कहानी का नाम पहले ‘कायनात’ था और फिल्म के नरेशन के दौरान राकेश रोशन को इतनी बार करन और अर्जुन बोलना पड़ता था कि उन्हें लगा कि फिल्म का नाम ‘करन अर्जुन’ ही बेहतर रहेगा। वह ये भी बताते हैं कि फिल्म की हीरोइन के तौर पर काजोल और ममता कुलकर्णी के अलावा किसी दूसरी हीरोइन से उन्होंने इस फिल्म को लकर कभी बात नहीं की।