नेपोटिज्म फैलाने...स्टार किड्स को लॉन्च करने...कॉफी विद करण में पक्षपात करने...शो के दौरान नेपो किड्स का सपोर्ट करने तक...करण जौहर पर ऐसे कई आरोप लगते आ रहे हैं। लेकिन इसकी शुरुआत आज नहीं हुई है बल्कि छह साल पहले हुई थी। जब 'कॉफी विद करण' के पांचवें सीजन में अभिनेत्री कंगना रणौत ने करण जौहर पर बॉलीवुड में "भाई-भतीजावाद का झंडाबरदार" होने का आरोप लगाया था। लेकिन यह मुद्दा तब गरमाया जब सुशांत सिंह राजपूत की मौत के पीछे का कारण नेपोटिज्म बताया गया। यूजर्स ने सोशल मीडिया पर करण जौहर को ट्रोल करना शुरू कर दिया। लोग ट्विटर पर 'कॉफी विद करण' के वह क्लिप्स शेयर करने लगे जिसमें करण जौहर सुशांत सिंह राजपूत का नाम ले रहे थे। मामला इतना बढ़ गया कि मेकर्स ने पिछले साल 'काॅफी विद करण' के नए सीजन को टेलीकास्ट न करने का निर्णय लिया। वहीं अब करण जौहर अपने चैट शो के सातवें सीजन में नॉन-नेपो किड्स से नेपोटिज्म पर सवाल कर अपने ऊपर से यह दाग हटाने की कोशिश कर रहे हैं। पढ़िए कैसे....
Koffee With Karan: छवि सुधारने के लिए करण ने सामंथा-विजय देवरकोंडा से पूछे नेपोटिज्म पर सवाल, मिले ऐसे जवाब
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सामंथा ने बताया क्या है नेपोटिज्म?
कॉफी विद करण के सातवें सीजन में, फिल्म निर्माता ने सामंथा से तेलुगू और तमिल फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म पर सवाल किया। जवाब में अभिनेत्री ने कहा, "नेपो किड्स हों या नॉन-नेपो किड्स, हर कोई अपनी-अपनी किस्मत लेकर आता है। जब आप कोई खेल-खेलने जाते हैं, जब आपका खेल ही आपको जीत दिलाता है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की आपके पिता कोच हैं या कप्तान। हमारे केस में गेंद हमेशा दर्शकों के पाले में होती है।
विजय देवरकोंडा ने बताई नेपोटिज्म की सच्चाई
शो के दौरान करण जौहर ने विजय देवरकोंडा से पूछा कि क्या दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में प्रवेश करना उनके लिए मुश्किल था? इसके जवाब में उन्होंने कहा, "बिल्कुल, आउटसाइडर के लिए इंडस्ट्री में प्रवेश करना निश्चित रूप मुश्किल होता है। लेकिन, मैं कभी भी किसी को इस वजह से नापसंद नहीं करूंगा क्योंकि वह किसी अमीर पिता का बेटा है या उद्योग के किसी व्यक्ति के घर में पैदा हुआ है। अनन्या पांडे का जिक्र करते हुए, विजय देवरकोंडा ने कहा, अगर वह एक सुपरस्टार के परिवार में पैदा हुई हैं तो यह उनकी गलती नहीं है। कल को मेरे भी बच्चे होंगे, वह भी एक अभिनेता के बच्चे कहलाएंगे। एक बात तो साफ है दुनिया कभी भी किसी भी क्षेत्र में निष्पक्ष नहीं होती है और व्यक्ति को सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत करनी ही पड़ती है।
अक्षय कुमार बोले- मुझे नेपोटिज्म...
करण जौहर ने बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार से भी नेपोटिज्म पर सवाल किया। करण ने पूछा, क्या आपने भी फिल्म इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद का सामना किया है? करण जौहर के सवाल के जवाब में अक्षय कहते हैं, "जब मैं इस इंडस्ट्री में आया था तब मुझे भाई-भतीजावाद का मतलब भी नहीं पता था। मैंने अपनी पत्नी (ट्विंकल खन्ना) से पूछा तो उसने मुझे समझाया। जब मैंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था तब मुझे नेपोटिज्म के बारे में कुछ भी नहीं पता था। मैं सिर्फ पैसे कमाने आया था।" अभिनेता ने आगे कहा, फिल्मों में आने से पहले मैं मार्शल आर्ट्स सिखाया करता था। इसके लिए मुझे प्रति माह 5000 रुपये मिलते थे। मैंने कभी भी फिल्मों में आने का नहीं सोचा था। लेकिन जब मुझे एक विज्ञापन के लिए 21,000 रुपये मिले तब मैंने पैसाें के लिए अभिनय की दुनिया में आने का तय किया।”