कोरोना काल के साथ ही पिछला एक साल बॉलीवुड के लिए कई मायनों में मनहूस साबित हुआ। व्यापार और अन्य कई संकटों से घिरा फिल्म जगत पूरे साल खुद को संभालने की कोशिश करता रहा, लेकिन ये प्रयास एक के बाद एक नाकाफी साबित होते गए। गुजरे एक साल में बी-टाउन में कई मौतों की खबर सामने आईं। इसमें कुछ लोग सदैव के लिए दुनिया से रवाना हो गए तो कुछ ने खुदकुशी कर फैंस को अलविदा कह दिया। गौर करें तो पिछले एक साल में कई सेलेब्ज ने अलग-अलग वजहों से आत्महत्या कर ली। सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी की खबर ने फिल्मी महकमे में हड़कंप मचा दी थी। इस मामले पर कई अन्य सेलेब्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
सुशांत सिंह की मौत के नौ महीने बाद कृति सेनन ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- नकारात्मक्ता का हिस्सा नहीं बनना चाहती थी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुशांत सिंह राजपूत की मौत को कई महीने गुजर चुके हैं। 14 जून 2020 में उन्होंने मुबंई के पश्चिमी बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में आत्महत्या कर ली थी। उनकी मौत के बाद बॉलीवुड लगातार विवादों में घिरा रहा। इस केस की जांच अभी तक जारी है और कोई न कोई तथ्य निकलकर सामने आ रहे हैं। इस मामले पर अब अभिनेत्री और सुशांत की दोस्त कृति सेनन ने अपना बयान दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने इस बारे में काफी कुछ कहा। उन्होंने बताया कि उस वक्त इस मामले में चुप्पी क्यों साध रखी थी।
कृति ने कहा कि ‘एक समय पर इतना शोर था कि मैं उसका हिस्सा नहीं बनना चाहती थी। एक वक्त ऐसा भी आ गया था कि बहुत ज्यादा नेगेटिविटी हो गई थी और मैं उस नकारात्मक्ता का हिस्सा नहीं बनना चाहती थी। मुझे पता था कि मैं उस स्थिति में क्या महसूस कर रही थी और उसे अपने अंदर तक ही सीमित रखना चाहती थी।
सुशांत की सह अभिनेत्री रह चुकीं कृति ने कहा कि 'मुझे सही नहीं लगा कि मैं किसी को भी ये बताऊं कि मैं क्या महसूस कर रही हूं। इसके अलावा आपको जो कहना है आप वह सोशल मीडिया पर कह सकते हैं। आप वहां पर लिखकर अपनी भावनाओं को बता सकते हैं।'
बता दें कि सुशांत और कृति सेनन के बीच काफी अच्छी दोस्ती थी। सुशांत की मौत के बाद कृति की चुप्पी पर लोगों ने कई सवाल खड़े किए थे। हालांकि, कृति ने सोशल मीडिया पर सुशांत के लिए एक नोट लिखा था, जिसमें कहा था ‘सुशांत मुझे पता है कि तुम्हारा शानदार दिमाग ही तुम्हारा सबसे अच्छा दोस्त था और साथ ही सबसे बड़ा दुश्मन, लेकिन मुझे ये जानकर बहुत दुख हुआ कि तुम्हें जीने की जगह मरना आसान लगा। काश उस वक्त तुम्हारे साथ कोई होता जो तुम्हें समझाता। काश तुम्हारे अंदर जो टूटा था उसे मैं जोड़ पाती और उसे हमेशा जिंदा रखती।'