अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा फिल्म 'मरजावां' में पहली बार एक मारधाड़ और दमदार संवादों से भरपूर फ़िल्म में नजर आएंगे। उनसे अमर उजाला ने की एक खास मुलाकात की।
मुकद्दर का सिकंदर की रेखा से बना हीरोइन का कनेक्शन, सिद्धार्थ मल्होत्रा ला रहे 70s का एंग्रीयंगमैन
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आपने इस किरदार के लिए क्या-क्या तैयारियां की थीं?
अच्छा, रौबदार और ताकतवर दिखना, इस रोल के लिए सबसे जरूरी था। जैसे मेरे बाल लंबे करना, उनमें बंदाना लगाना। थोड़ा मजबूत दिखने के लिए मैंने अपना वजन बढ़ाया। इसमें हमने रघु की एक मज़ेदार आदत इस्तेमाल की है। यह किरदार बीड़ी या सिगरेट नहीं पीता, लेकिन माचिस की तीली रखता है और, फ़िल्म के एक खास दृश्य में जलाता है। संवादों का ख्याल खुद मिलाप जावेरी ने रखा है क्योंकि वह खुद एक लेखक हैं।
फिल्म में आपकी को-स्टार तारा हैं। अपनी दूसरी ही फिल्म में वह मूक किरदार कर रही हैं। ऐसे में क्या उनके साथ रोमांस के दृश्य करना मुश्किल रहा?
मेरी हीरोइन बेजुबान है। उससे मुझे संवाद नहीं मिल रहे हैं। बस हाथों और आँखों के इशारे ही थे जिनसे मुझे बात करनी थी। मेरे लिए यह बहुत नया था। इसमें एक प्यारी सी प्रेम कहानी है जिसमें इच्छाएं कम और भाव ज्यादा हैं। जब आप एक बेजुबान लड़की को देखते हैं तो उसको एक अलग नज़रिए से देखते हैं। तारा एक अच्छी अभिनेत्री हैं। तारा के साथ रकुलप्रीत का भी किरदार है। उनके और मेरे किरदार के बीच भी नज़दीकियां हैं। जैसे 'मुकद्दर का सिकंदर' में रेखा जी का किरदार जोहरा बाई का था।
आपने हिंदी सिनेमा के कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया है। तो, आपको किसके साथ काम करके सबसे ज्यादा मजा आया?
इस फिल्म में मेरी और रितेश देशमुख की जोड़ी फिर से वापस आ रही है। मुझे 'एक विलेन' में उनके साथ काम करके बहुत मज़ा आया था। लोगों को भी हमारी सकारात्मक और नकारात्मक जोड़ी बहुत पसंद आई थी। मैंने 'ब्रदर्स' में अक्षय कुमार के साथ काम किया है। उनकी और मेरी दोस्ती बहुत अच्छी है। मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं।