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एक्टर बनने से पहले डायरेक्टर के ड्राइवर थे महमूद, हीरो से ज्यादा लिया करते थे फीस
Mon, 22 Jul 2019 02:15 PM IST
भावना शर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: भावना शर्मा
Updated Mon, 22 Jul 2019 02:15 PM IST
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- फोटो : social media
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भारतीय सिनेमा में कॉमेडी को एक अलग लेवल पर ले जाने वाले महमूद की 23 जुलाई को डेथ एनिवर्सरी है । महमूद अली को किंग ऑफ कॉमेडी का खिताब मिला था। 29 सितंबर 1932 को जन्मे महमूद ने करीब 300 हिंदी फिल्मों में काम किया। महमूद ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म 'सीआईडी' से की थी। फिल्मों में आने से पहले महमूद मीना कुमार के टेनिस कोच थे। साथ ही डायरेक्टर पीएल संतोषी के ड्राइवर भी रहे।
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बाद में महमूद ने मीना कुमारी की बड़ी बहन मधु से शादी कर ली थी। मधु से तलाक के बाद महमूद का अफेयर अरुणा ईरानी से हुआ। लेकिन दोनों में से किसी ने अपने रिश्ते की बात नहीं कबूली। महमूद एक ऐसे एक्टर थे जिनके डायलॉग पूरे होने के बाद सेट पर जमकर तालियां बजा करती थीं। उस जमाने में महमूद अकेले ऐसे हास्य कलाकार थे, जिनकी तस्वीर फिल्मी पोस्टर में हीरो के साथ रहा करती थी।
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फिल्म में कितना भी बड़ा हीरो क्यों न हो, दर्शक सिनेमाघरों में महमूद को देखने जाया करते थे।महमूद को कभी किसी ने रिहर्सल करते नहीं देखा। कई बड़े हीरो तो उनके आगे टिक भी नहीं पाते थे। इतना ही नहीं उनकी पर्सनैलिटी ऐसी थी कि वो जब भी सेट पर खड़े हो जाते, हीरो अपनी शर्ट के बटन बंद कर लिया करते थे। उस वक्त महमूद को हीरो से ज्यादा पैसे मिला करते थे। इस वजह से कई हीरो उनसे चिढ़ते थे।
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महमूद
महमूद की सबसे यादगार फिल्म 'कुंवारा बाप' है। ये महमूद की असल जिंदगी पर आधारित थी। उनका बेटा मकदूम अली, जिन्हें सब प्यार से मिक्की अली बोलते थे। उसे पोलियो हो गया था। महमूद ने उनके इलाज के लिए क्या कुछ नहीं किया। उन्हें विदेश ले गए काफी पैसा खर्च किया, लेकिन फिर भी वो ठीक नहीं हो पाए तो उन्होंने अपना दुःख इस फिल्म में दिखाया।
यह फिल्म बनाने का उनका सिर्फ़ एक ही उद्देश्य था कि उन जैसा अमीर आदमी भी अपने बेटे का इलाज करवाने के लिए मजबूर है, लेकिन उस ग़रीब बाप का क्या जिसके पास पैसे ही नहीं होते इलाज के लिए। इसलिए इस फिल्म में महमूद ने एक रिक्शे वाले का किरदार निभाया और उनके बेटे जिनकी उम्र लगभग 15 साल की होगी, उन्होंने भी अपने पिता के साथ काम किया।
यह फिल्म बनाने का उनका सिर्फ़ एक ही उद्देश्य था कि उन जैसा अमीर आदमी भी अपने बेटे का इलाज करवाने के लिए मजबूर है, लेकिन उस ग़रीब बाप का क्या जिसके पास पैसे ही नहीं होते इलाज के लिए। इसलिए इस फिल्म में महमूद ने एक रिक्शे वाले का किरदार निभाया और उनके बेटे जिनकी उम्र लगभग 15 साल की होगी, उन्होंने भी अपने पिता के साथ काम किया।
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महमूद को किशोर कुमार से बहुत डर लगता था। किशोर कुमार के बारे में महमूद ने कहा था, 'मैं सभी अभिनेताओं की सीमा जानता हूँ कि कौन कितने पानी में है, लेकिन किशोर कुमार का पता लगाना थोड़ा मुश्किल है। वो कभी भी कुछ भी कर जाते हैं अपने किरदार के साथ।' फिल्म पड़ोसन में महमूद प्रोडूसर भी थे। उन्होंने किशोर कुमार और सुनील दत्त के साथ काम किया और बहुत बड़ी सफल फिल्म रही।