फिल्म इंडस्ट्री को 100 साल से ज्यादा हो चुके हैं। इतने लंबे वक्त में बॉलीवुड में एक से बढ़कर एक फिल्म बनीं। कोई फिल्म ऑस्कर में नॉमिनेट हुई तो किसी फिल्म की भव्यता देखकर दर्शक हैरान रह गए। किसी भी फिल्म को बनाने में करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। कुछ फिल्में तो ऐसी होती हैं कि जिन्हें बनाने में निर्माता अपनी सारी जमा पूंजी तक लगा देते हैं। तो चलिए आज हम आपको बॉलीवुड की उन फिल्मों के बारे में बताते हैं जिन्हें बनाने में फिल्म मेकर्स कंगाल तक हो गए।
इन 7 बड़े बजट की फिल्मों को बनाते वक्त कंगाल हुए निर्माता, एक तो हीरो के मरने के बाद हुई थी हिट
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मुगल-ए-आजम
हिंदी सिनेमा की सबसे पहली शानदार और महंगी फिल्म बनाने वाले करीमुद्दीन आसिफ (के आसिफ) ने उस जमाने में अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था। 'मुगल-ए-आजम' को बनाने में 14 साल लग गए और इस फिल्म की लागत तकरीबन 1.5 करोड़ बताई जाती है जो उस समय के हिसाब से बहुत ज्यादा मानी जाती है। 'मुगल-ए-आजम' फिल्म है 1960 में प्रदर्शित हुई थी। यह फिल्म हिन्दी सिनेमा इतिहास की सफलतम फिल्मों में से एक है। के आसिफ के शानदार निर्देशन, भव्य सेटों, बेहतरीन संगीत के लिये आज भी याद किया जाता है।
मेरा नाम जोकर
राज कपूर की फिल्म 'मेरा नाम जोकर' का नाम भी इस लिस्ट में शुमार है। कुछ दिन पहले ही राज कपूर के बेटे ऋषि कपूर ने इस फिल्म से जुड़ा खुलासा किया था। ऋषि ने बताया था - 'मेरे पिता राज कपूर को अपनी फिल्म 'मेरा नाम जोकर' रिलीज करने के लिए अपनी सारी संपत्ति और स्टूडियो गिरवी रखना पड़ा था। दुर्भाग्यवश यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई थी। हालांकि राज कपूर के निधन के बाद इस फिल्म को दोबारा रिलीज किया था। दोबारा रिलीज होने पर यह फिल्म हिट हुई थी।
गोविंदा, रवीना टंडन और महिमा चौधरी की फिल्म 'सैंडविच' को भी फाइनेंशियल परेशानी झेलनी पड़ी थी। यह फिल्म साल 2006 में रिलीज हुई थी।
अमिताभ बच्चन की फिल्म 'जमानत' को भी पूरा बनने में 10 साल का समय लगा। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा करिश्मा कपूर और अरशद वारसी थे। इस फिल्म का बजट करीब 20 करोड़ था।

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