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नसीरुद्दीन शाह के इन 5 बयान पर खूब हो रहा विवाद, किसी ने किया समर्थन तो किसी ने कहा 'बैन करो'
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: shrilata biswas
Updated Sat, 05 Jan 2019 01:15 PM IST
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naseeruddin shah
- फोटो : you tube
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एक्टर नसीरुद्दीन शाह अपने बयान को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। एक बार फिर नसीरुद्दीन शाह ने देश के माहौल पर सवाल उठाए हैं। नसीरुद्दीन शाह का ये वीडियो एमनेस्टी इंडिया ने जारी किया है। इमरान हाशमी समेत जहां कुछ सेलिब्रिटीज ने नसीरुद्दीन शाह का समर्थन किया है तो वहीं सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल भी किया जा रहा है।
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Naseeruddin
- फोटो : file photo
नसीरुद्दीन शाह ने कहा, 'हमारे आजाद मुल्क का संविधान 26 नवंबर 1949 को लागू हुआ। शुरू ही के सत्रों में उसके उसूल लागू कर दिए गए। जिनका मकसद ये था कि देश के हर नागरिक को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय मिल सके। सोचने की, बोलने की और किसी भी धर्म को मानने की और किसी भी तरह की इबादत करने की आजादी हो।'
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Naseeruddin
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नसीरुद्दीन ने आगे कहा कि 'हर इंसान को बराबर समझा जाए। हर इंसान की जान की इज्जत की जाए। हमारे मुल्क में जो लोग गरीबों के घरों को, जमीनों को और रोजगार को तबाह होने से बचाने की कोशिश करते हैं, करप्शन के खिलाफ आवाज बुलंद करते हैं, दरअसल ये लोग हमारे उसी संविधान की रखवाली करते हैं।'
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Naseeruddin Shah
- फोटो : file photo
'हालात ये हैं कि अब हक के लिए आवाज उठाने वाले लोग जेलों में बंद हैं। कलाकार, फनकार, स्कॉलर, शायर सबके काम पर रोक लगाई जा रही है। पत्रकारों को भी खामोश किया जा रहा है। मजहब के नाम पर नफरत की दीवारें खड़ी की जा रही हैं। मासूमों का कत्ल हो रहा है।'
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naseeruddin shah
- फोटो : file photo
नसीरुद्दीन ने कहा कि 'पूरे मुल्क में नफरत और जुल्म का बेखौफ नाच जारी है और इन सबके खिलाफ आवाज उठाने वालों के दफ्तरों पर रेड डालकर, लाइसेंस कैंसिल करके, उनके बैंक अकाउंट फ्रीज करके, उन्हें खामोश किया जा रहा है, ताकि वो सच बोलने से बाज आ जाएं।'
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