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Oscars 2019: इन 5 कारणों की वजह से पीरियड्स पर बनीं हापुड़ की इस फिल्म ने जीता ऑस्कर
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिप्रा सक्सेना
Updated Mon, 25 Feb 2019 01:18 PM IST
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Period End of Sentence
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साल 2019 में भारत की एक और फिल्म ने ऑस्कर अवॉर्ड (Oscars Awards) अपने नाम किया। इस फिल्म का नाम 'पीरियड : द एंड ऑफ सेंटेंस' (Period: End of Sentence) है। यह एक शॉर्ट फिल्म है जिसमें माहवारी से संबंधित गंभीर मुद्दे को दिखाया गया है। इस गंभीर मुद्दे को 25 मिनट 31 सेकेंड की फिल्म में इस तरह दिखाया गया कि सिनेमाजगत के सबसे बड़े अवॉर्ड को अपने नाम करने में कामयाब हो गई। 'पीरियड : द एंड ऑफ सेंटेंस' (Period: End of Sentence) फिल्म को डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट श्रेणी में ऑस्कर अवॉर्ड मिला है। तो चलिए आपको बताते हैं कि आखिर वो 5 कारण जिस वजह से इस फिल्म को ऑस्कर अवॉर्ड मिला।
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इस फिल्म में माहवारी जैसे सामाजिक और ज्वलंत मुद्दे को बड़ी गंभीरता से उठाया गया है। भारत के लिए यह फिल्म इस लिए भी खास हो जाती है क्योंकि महिलाओं की माहवारी को लेकर आज भी लोगों की रुढ़िवादी सोच है। इस फिल्म में इस सोच को अच्छे ढंग से दिखाया गया है, जो कि इस रुढ़िवादी मानसिकता पर गहरी चोट करती है।
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पीरियड्स जैसे गंभीर मुद्दे पर फिल्म में महिलाओं से जुड़ी अलग-अलग तरह की समस्याओं को दिखाया गया है। यह समस्याएं न केवल ग्रामीण इलाकों बल्कि कुछ शहरों में रहने वाली महिलाओं की भी दिखाई गई है। खास बात यह है कि फिल्म में न केवल समस्याओं पर फोकस किया गया है बल्कि बदलाव भी दिखाया गया है।
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'पीरियड : द एंड ऑफ सेंटेंस' फिल्म में न केवल महिलाओं की समस्याओं को सामाजिक तौर पर ही नहीं बल्कि माहवारी से संबंधित जानकारी भी देती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कई महिलाएं पीरियड्स के दौरान कपड़ा इस्तेमाल करने वाली बीमारियों के बारे में बताया गया है। इसके विपरीत उन्हें पैड इस्तेमाल करने के फायदे के बारे में बताया गया है।
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खास बात यह है कि इसे भारतीय प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा की ’सिखिया एंटरटेनमेंट’ ने प्रोड्यूस किया है। गुनीत मोंगा ने इसके अलावा कई बॉलीवुड फिल्में प्रोड्यूस कर चुके हैं। इन फिल्मों में द लंच बॉक्स, गैंग्स ऑफ वासेपुर, द गर्ल इन यलो बूट्स, वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई भी प्रोड्यूस कर चुके हैं। इन सभी फिल्मों को अच्छा रिस्पांस मिला।
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