Palak Muchhal: ढाई हजार बच्चों की हार्ट सर्जरी का बनाया कीर्तिमान, पलक ने सुनाई सिनेमा में पहले ब्रेक की कहानी
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मुंबई में मिला रूमी जाफरी का सहयोग
साल 2006 में पलक मुछाल (Palak Muchhal) अपने परिवार के साथ मुंबई शिफ्ट हो गईं। वह कहती हैं, 'उस समय मुंबई में कुछ ही लोगों को जानती थी, जिसमे से एक रूमी जाफरी हैं। वह भोपाल से हैं, तो उनसे पहले से ही जान पहचान थी। मुंबई आने के बाद मैंने उनको मैसेज किया। उन्होंने पांचवे दिन फोन किया और आर के स्टूडियो बुलाया। जब मैं वहां पहुंची तो रूमी जाफरी ने मेरी मुलाकात सलमान खान से कराई। उस समय सलमान खान फिल्म 'गॉड तुसी ग्रेट हो' की शूटिंग कर रहे थे। सलमान खान ने मुझसे अपनी फिल्म का गाना देने का वादा किया और उन्होंने जो कहा उसे पूरा भी किया।
बतौर प्लेबैक सिंगर पलक मुछाल (Palak Muchhal) की पहली फिल्म 'वीर' थी जो 22 जनवरी 2010 को रिलीज हुई थी। लेकिन वह 'एक था टाइगर' को अपनी शुरुआत मानती हैं। पलक मुछाल कहती हैं, 'सलमान खान मुझे समय समय पर गाइड करते रहते थे कि कैसे आगे बढ़ना है। मैंने उनकी एनजीओ में मदद के लिए आए 100 बच्चों की सर्जरी करवाई। एक दिन उनका 'एक था टाइगर' के गाने के लिए फोन आया। यह मेरी जिंदगी के लिए बहुत बड़ा ब्रेक था। यशराज और सलमांन खान की फिल्म और कैटरीना कैफ के लिए अपनी आवाज देना, इससे बड़ा डेब्यू मेरे लिए नहीं हो सकता था।'
'एक था टाइगर' का गीत 'लापता' सलमान खान और कैटरीना कैफ पर फिल्माया गया जिसे पलक मुछाल (Palak Muchhal) ने केके के साथ गाया था। पलक मुछाल कहती हैं, 'केके का जाना हम सब के लिए बहुत ही दुख की बात है, उनकी कमी को पूरा तो नहीं किया जा सकता है, लेकिन अपने संगीत के जरिए वह हमेशा हमारी यादों में रहेंगे।' पलक मुछाल ने इस फिल्म की सफलता के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अब तक वह ‘आशिकी 2’, ‘किक’, ‘एक्शन जैक्सन’, ‘प्रेम रतन धन पायो’, ‘एमएस धोनी’, ‘काबिल’, ‘बागी 2’ जैसी कई फिल्मों के लिए गए चुकी है। वहीं, दूसरों को मदद करने का जो काम उन्होंने 22 वर्ष पहले शुरू किया था, वह सिलसिला आज तक जारी है।
दूसरों मदद करने की प्रेरणा पलक मुछाल (Palak Muchhal) गरीब बच्चों को ट्रेन के डिब्बों में सफाई करते देखकर मिली। ये बच्चे फर्श साफ करने के लिए अपने कपड़ों का इस्तेमाल कर रहे थे। पलक बताती हैं. 'इन गरीब बच्चो के पास ठण्ड में पहनने के लिए गर्म कपड़े तक नहीं होते है। कारगिल युद्ध के दौरान मैंने दुकानों पर जाकर गाने गाए और चंदा इकट्ठा किया। दुकानों के सामने मैं 'ऐ मेरे वतन के लोगो' सुनाती थी। मेरे पास किसी तरह 25 हजार रूपये इकट्ठे हो गए। पांच साल की थी मैं तब और मेरे लिए उस समय यह बहुत बड़ी रकम थी। फिर मैंने अपने छोटे भाई के साथ एक ठेले का मंच बनाकर गाना शुरू किया और 55 हजार रुपये इकट्ठे हुए। ये रकम मैंने एक बच्चे के दिल की सर्जरी में इस्तेमाल की।’ इस पहली सर्जरी के बाद पलक अब तक 2503 बच्चों की हार्ट सर्जरी करवा चुकी हैं।