बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता पंकज त्रिपाठी अपना जन्मदिन पांच सितंबर को मनाते हैं। उन्होंने बॉलीवुड की कई शानदार फिल्मों और वेब सीरीज में अपना बेहतरीन अभिनय दिखाया है। उन्होंने फिल्मी पर्दे पर अब तक कई किरदार किए जिन्हें दर्शकों द्वारा खूब सराहा गया है। पंकज त्रिपाठी आज बॉलीवुड का जाना-माना चेहरा हैं, लेकिन एक समय ऐसा था जब उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था। जन्मदिन के मौके हम आपको उनकी जिंदगी की कुछ खास बातों से रूबरू करवाते हैं।
इतने हजार रुपये लेकर मुंबई पहुंचे थे पंकज त्रिपाठी, दो महीने बाद नहीं थे पत्नी के लिए तोहफा खरीदने के पैसे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंकज त्रिपाठी का जन्म बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंद गांव में हुआ था। उन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत गांव के छोटे नाटकों से की थी। पंकज त्रिपाठी ने अपने गांव के कई नाटकों में लड़की का किरदार किया था। उनके किरादर को दर्शक खूब पसंद करते थे। बड़े होने के बाद थियेटर से जुड़े रहने के लिए पंकज त्रिपाठी रात में होटल में काम करते थे और सुबह-सुबह थियेटर करते थे। ऐसा उन्होंने करीब दो सालों तक किया था। पंकज त्रिपाठी के पिता उन्हें अभिनय सीखने के लिए पैसे भी नहीं देते थे।
पंकज त्रिपाठी ने हिंदी से ग्रेजुएशन पूरा किया। कॉलेज में रहते हुए वह राजनीति में काफी सक्रिय थे। वह भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी का हिस्सा थे। कॉलेज में पढ़ते हुए पंकज त्रिपाठी को जेल भी जाना पड़ा था। एक बार वह अपने कॉलेज के छात्रों के आंदोलन का हिस्सा थे, जिसकी वजह से उन्हें करीब एक हफ्ते जेल में रहना पड़ा था। पंकज त्रिपाठी ने मुख्य तौर पर अपने अभिनय का सफर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से शुरू किया था।
पंकज त्रिपाठी ने साल 2004 में एनएसडी से अपनी अभिनय की पढ़ाई पूरी की और मुंबई का रुख करने का फैसला किया। अपने एक इंटरव्यू में पंकज त्रिपाठी ने बताया था कि वह 16 अक्टूबर साल 2004 को 46,000 रुपये लेकर मुंबई पहुंचे थे, और 25 दिसंबर 2004 तक उनके जेब में कुल 10,000 रुपये बचे थे। इस दिन को याद करते पंकज त्रिपाठी ने कहा कि वह इस तारीख को कभी नहीं भूलते क्योंकि इस दिन उनकी पत्नी का जन्मदिन होता है और उस दिन उनके पास अपनी पत्नी के लिए न तो तोहफा खरीदने के पैसे था और न ही केक।
पंकज त्रिपाठी को पहला मौका साल 2004 में आई फिल्म रन में मिला था। इस फिल्म में वह बहुत छोटे से किरदार में थे। इसके बाद वह कई फिल्मों में छोटे-छोटे किरदार में दिखाई दिए, लेकिन उनके करियर में अहम मोड़ साल 2012 में आया। साल 2012 में पंकज त्रिपाठी ने अनुराग कश्यप की फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर में अभिनय किया। इस फिल्म में उनके किरदार का नाम सुल्तान कुरैशी था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर के बाद पंकज त्रिपाठी रातों-रातो मशहूर हो गए। उसके बाद उन्होंने कई शानदार फिल्मों और वेब सीरीज में अभिनय किया। हिंदी भाषा की दो सबसे सुपरहिट वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स और मिर्जापुर में पंकज त्रिपाठी का अभिनय तारीफ के काबिल है।
पढ़ें: कंगना रनौत ने कहा- 'नौ सितंबर को मुंबई जाऊंगी, हिम्मत हो तो रोक लें'