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जन्मदिन: 'चिट्ठी आई है' गाकर रातों-रात मशहूर हुए थे पंकज उधास, जानें उनके बारे में ये खास बातें

Mon, 17 May 2021 09:01 AM IST
स्वाति सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: स्वाति सिंह Updated Mon, 17 May 2021 09:01 AM IST
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Pankaj Udhas Sanjay Dutt film Naam made him star in overnight, know these special things about Ghazal king
पंकज उधास - फोटो : सोशल मीडिया

अपनी गजलों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर देने वाले वाले पंकज उधास का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 17 मई साल 1951 को गुजरात के राजकोट में जेटपुर में हुआ था। केवल पंकज उधास ही नहीं उनके बड़े भाई मनहर उधास भी मशहूर पार्श्वगायक हैं। घर में संगीत का माहौल होने की वजह से पंकज उधास की भी रुचि बचपन से संगीत की तरफ रही है। यही वजह है जो उन्होंने कई शानदार गजलों के साथ बॉलीवुड फिल्मों के लिए भी बेहतरीन गाने भी गाए हैं। जन्मदिन के मौके पर हम आपको पंकज उधास से जुड़ी खास बातों से रूबरू करवााते हैं। पंकज उधास के संगीत प्रेम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महज सात साल की उम्र में वह गाने लगे थे। हालांकि शुरुआत में वह सिर्फ शौकिया तौर पर ही गाया करते थे लेकिन इनके इस टेलेंट को भाई मनहर ने पहचान लिया और उन्हें इस राह पर चलने के लिए प्रेरित किया। 

Pankaj Udhas Sanjay Dutt film Naam made him star in overnight, know these special things about Ghazal king
पंकज उधास - फोटो : सोशल मीडिया

दरअसल बड़े भाई मनहर भी गायक थे और पंकज को वह अपने साथ समारोह में साथ ले जाया करते थे। इस बीच वह राजकोट की संगीत नाट्य अकादमी से जुड़ गए और तबला बजाना सीखने लगे। कुछ साल के बाद पंकज उधास का परिवार बेहतर जिंदगी की तलाश में मुंबई आ गया। उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई मुंबई के मशहूर संत जेवियर्स कॉलेज से हासिल की।

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पंकज उधास - फोटो : सोशल मीडिया

लेकिन बाद में उनकी रुचि संगीत की ओर हो गई और उन्होंने उस्ताद नवरंग जी से संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी। पंकज उधास की सिने करियर की शुरुआत 1972 में प्रदर्शित फिल्म कामना से हुई लेकिन कमजोर कहानी और निर्देशन के कारण फिल्म बुरी तरह असफल साबित हुई। इसके बाद गजल गायक बनने के उद्देश्य से उन्होंने उर्दू की तालीम हासिल करनी शुरू कर दी। पंकज उधास ने लगभग दस महीने तक टोरंटो रेडियो और दूरदर्शन में गाना गाया।

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पंकज उधास - फोटो : सोशल मीडिया

इस बीच कैसेट कंपनी के मालिक मीरचंदानी से उनकी मुलाकात हुई और उन्हें अपनी नई एलबम आहट में पार्श्वगायन का अवसर दिया। यह अलबम श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। साल 1986 में प्रदर्शित फिल्म ‘नाम’ पंकज उधास के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में एक है। यूं तो इस फिल्म के लगभग सभी गीत सुपरहिट साबित हुए लेकिन उनकी मखमली आवाज में 'चिट्ठी आई है' गाना आज भी श्रोताओं की आंखों को नम कर देता है।

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पंकज उधास - फोटो : सोशल मीडिया

इस फिल्म की सफलता के बाद पंकज उधास को कई फिल्मों में पार्श्वगायन का अवसर मिला। इन फिल्मों में गंगा जमुना सरस्वती, बहार आने तक, थानेदार, साजन, दिल आश्ना है, फिर तेरी कहानी याद आई, ये दिल्लगी, मोहरा, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, मझधार, घात और ये है जलवा प्रमुख हैं। पंकज उधास के करियर की तरह ही उनकी लवस्टोरी भी बड़ी दिलचस्प रही है। दरअसल, पंकज और फरीदा एक दूसरे को बेहद प्यार करते थे। दोनों शादी भी करना चाहते थे। जहां तक पंकज के परिवार की बात थी तो वे फरीदा को अपनाने को तैयार थे लेकिन फरीदा के परिवार को ये कतई मंजूर न था। दोनों परिवार की रजामंदी से ही शादी करना चाहते थे। जब पंकज मशहूर हुए तो एक बार फिर शादी की बात शुरू की। फरीदा के पिता एक सख्स रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर थे लेकिन उनके प्यार के आगे उन्हें भी नर्म होना पड़ा।

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