जम्मू में रहने वाले सुकेश गुप्ता का फोन इन दिनों लगातार बज रहा है। जिस बेटे को उन्होंने कभी हीरो बनने की इच्छा जताने पर खूब खरी खोटी सुनाई थी, उसी बेटे ने उनका नाम दुनिया भर में रोशन कर दिया है। जी हां, बात हो रही है अभिनेता सिद्धांत गुप्ता की जिनके वेब सीरीज ‘जुबली’ में निभाए किरदार जय खन्ना की इन दिनों हर तरफ चर्चा हो रही है। हिंदी सिनेमा के दो दिग्गज अभिनेताओं देव आनंद और राज कपूर की जिंदगी से ली गई असली कहानियों पर गढ़ा गया ये काल्पनिक किरदार वेब सीरीज ‘जुबली’ के सबसे प्रमुख किरदारों में शुमार है। उनसे एक खास बातचीत..
Sidhant Gupta: जुबली के जय खन्ना ने किया जम्मू का नाम रौशन, अब तक बंद नहीं हो रही पिता के फोन की घंटियां
हर कलाकार के जीवन में एक तो किरदार आता है जो उसकी लाइफ बदल देता है। 'जुबली' ने लगता है ऐसा ही कुछ कर दिया है?
कुछ दिन पहले मैं कहीं जा रहा था तो रास्ते में एक महिला मिलीं। उन्होंने मुझसे कुछ ऐसी बातें कही जो मेरे साथ हमेशा के लिए रह गई है। उन्होंने जो कहा वह तो मैं बता नहीं सकता क्योंकि वह उनकी निजी भावना थी। लेकिन, अच्छा लगा कि किरदार को लोगों ने अपना बना लिया है। उनकी बातें सुन कर लगा कि मैं उनका ही कोई हूं। इस सीरीज के बाद मैं जिससे भी मिल रहा हूं ऐसा लग रहा है सबने मुझे अपना बना लिया है। इस समय मैं बस इस एहसास को जी लेना चाहता हूं।
मशहूर तो आपका टीवी सीरियल ‘टशन ए इश्क’ भी खूब हुआ, तब कभी इतना प्यार नहीं मिला?
जब मैं टीवी कर रहा था तब वह शो भी काफी मशहूर था और वहां भी मुझे खूब प्यार मिल रहा था। लेकिन, यह एक अलग तरह का प्यार है। यहां प्यार की मात्रा अलग है। इस समय जो महसूस कर रहा हूं, वह बहुत ही खूबसूरत अनुभव है। चाह कर भी मैं इस भावना को व्यक्त नहीं कर पा रहा हूं क्योंकि शब्द नहीं हैं।
'जुबली' सीरीज आपके पास आई कैसे?
मुझे कहीं से पता चला कि 'जुबली' के लिए ऑडिशन हो रहे हैं। मैं इसके कास्टिंग डायरेक्टर अनमोल से मिला। उन्होंने मुझे एक स्क्रिप्ट दी। मैंने सीन पढ़ा तो खुश हो गया क्योंकि बहुत ही अच्छे सीन लिखे हुए थे। मैंने वह ऑडिशन दिया और उसमें मुझे चुन लिया है। फिर मुझे एक और ऑडिशन के लिए बुलाया गया। तीन ऑडिशन देने के बाद मुझे यह रोल मिल गया।
कोई एक चीज जो आपने अपने किरदार जय खन्ना से सीखी हो?
जय से मैंने यही सीखा कि अगर हम जिंदगी से हार मान लेंगे तो जिंदगी भी हमसे हार मान लेगी। भले ही कुछ समय के लिए हमारे पास कुछ ना हो लेकिन हमारे हाथ में सब कुछ होता है। कुछ समय पहले किन्हीं वजहों से मैं खुद भी खुश नहीं था। मैं जो भी कर रहा था, मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था। लेकिन मैं हार मानने को तैयार नहीं था। फिर मेरे पास 'जुबली' आ गई। मेरा सिर्फ इतना ही मानना है कि आप जो भी करना चाहते हैं करते रहिए। कई बार निराश होंगे, हताश होंगे लेकिन अगर हार नहीं मानेंगे तो जिंदगी भी आपको कभी हारने नहीं देगी।