बॉलीवुड ऐक्ट्रेस और यूनिसेफ की ब्रैंड ऐंबेसडर प्रियंका चोपड़ा हाल ही में बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के एक शिविर में गईं, जिसकी एक तस्वीर उन्होंने अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर अकाउंट पर शेयर की। इस फोटो के साथ प्रियंका ने लिखा, 'मैं रोहिंग्या शरणार्थियों के कैंप के दौरे पर हूं। मेरे अनुभवों को शेयर करने के लिए इंस्टाग्राम पर फॉलो करें। दुनिया को इनकी केयर करने की ज़रूरत है। हमें इनकी केयर करने की जरूरत है।'
रोहिंग्या कैंप की तस्वीर शेयर करते ही ट्रोल हुईं प्रियंका, यूजर्स बोले-कितने बच्चे गोद ले रही हैं?
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Hey @priyankachopra how many #Rohingya kids are you adopting? Charity begins at home. Open the gates of your house for them. pic.twitter.com/OQoDmJAWLZ
— Rita (@RitaG74) May 21, 2018
इसके बाद ट्वीटर पर ट्रोलर्स आपस में ही उलझ गए। कई लोगों ने प्रियंका के इस काम की तारीफ भी की।
Sorry for saying big thing.. but I just want to ask .. we have d same problem in India , forget India .. in Mumbai itself how many time did u visit n went there n thing about their problem n needs ??? Will appriciate if spare some time also at least nearby of our places. Thanks
— Somit Gope (@imSomit) May 21, 2018
Where where you when she worked for 10 years in india with @UNICEFIndia and how is one human's problem any less than that of another's. If you can't encourage please don't discourage them by saying what she's doing is less important.
— RAKESH PC'sDR🔥GON (@PCsDRAG0N) May 21, 2018
वहीं एक ट्रोलर ने लिखा, 'प्रियंका ने उनमें से एक रोहिंग्या शराणार्थी से शादी करने का फैसला कर लिया है। बस एक यही तरीका है जिससे वह उनकी मदद कर सकती हैं।'
She has decided to marry one of them, this is the only way she can help #Rohingya right @priyankachopra
खुद प्रियंका ने भी नहीं सोचा होगा कि साफ नीयत से किए जा रहे काम को भी लोग बुरी नीयत और एक एजेंडा के तहत देखेंगे।
बता दें कि प्रियंका को 2010 में यूनिसेफ का ब्रैंड ऐंबेसडर नियुक्त किया गया था, जिसके जरिए वह दुनियाभर के पीड़ित बच्चों की सामूहिक आवाज बनीं और उनके हक के लिए यूनिसेफ के साथ मिलकर काम करती हैं। पिछले साल वह सीरियाई शरणार्थियों से भी मिलीं थी, लेकिन इस बार रोहिंग्या शरणार्थियों के शिविर में जाने पर पर वह ट्रोलर्स के निशाने पर आ गईं।