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Raj Khosla: राज खोसला ने कई अभिनेत्रियों को दिलाई खास पहचान, गुरु दत्त-देवानंद के साथ जमीं जोड़ी

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: अंजू बाजपेई Updated Sat, 31 May 2025 08:07 AM IST
सार

Raj Khosla Birth Anniversary: राज खोसला एक मशहूर हिंदी फिल्म निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक थे, जिन्होंने 1950 से 1980 के दशक तक बॉलीवुड में कई हिट फिल्में दीं। उन्होंने देवानंद और गुरु दत्त के साथ कई महत्वपूर्ण फिल्मों में काम किया। राज खोसला की खासियत थी, जिन्होंने अपनी फिल्मों में अभिनेत्रियों को मजबूत और यादगार किरदार दिए। 

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Raj Khosla Birth Anniversary bringing neo noir style in cinema films with Dev Anand Starting career Guru Dutt
आज है राज खोसला की जयंती - फोटो : X
राज खोसला ने न केवल वहीदा रहमान, साधना, आशा पारेख, मुमताज, नूतन और सुचित्रा सेन जैसी अभिनेत्रियों के साथ काम किया, बल्कि उन्हें हिंदी सिनेमा में नई ऊंचाइयां दीं। उनकी फिल्मों ने अभिनेत्रियों को दमदार रोल दिए और सस्पेंस थ्रिलर जैसी नई शैली को बॉलीवुड में स्थापित किया। इसके अलावा उनकी जोड़ी गुरु दत्त और देवानंद के साथ भी खूब जमीं। आज उनकी जयंती पर जानिए उनसे जुड़े किस्से...

 
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Raj Khosla Birth Anniversary bringing neo noir style in cinema films with Dev Anand Starting career Guru Dutt
राज खोसला - फोटो : X
जन्म और संगीत 
राज खोसला का जन्म 31 मई, 1925 को पंजाब के लुधियाना में हुआ। बचपन से ही उन्हें गीत-संगीत बहुत पसंद था और वे पार्श्वगायक बनना चाहते थे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग ली और ऑल इंडिया रेडियो में कुछ समय तक म्यूजिक स्टाफ के रूप में काम किया। इसके बाद 19 साल की उम्र में वे गायक बनने का सपना लेकर अपने पिता के साथ मुंबई आए, लेकिन रंजीत स्टूडियो में गायन का मौका नहीं मिला। 
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राज खोसला - फोटो : X
देव आनंद के साथ जोड़ी
राज खोसला ने देव आनंद के साथ कई सफल फिल्में बनाईं, जैसे "सी.आई.डी.", ''मिलाप'' और "काला पानी", जिन्होंने दोनों की लोकप्रियता बढ़ाई। 
  • फिल्म मिलाप (1955)

राज खोसला की पहली निर्देशित फिल्म थी ''मिलाप'', जिसमें देवानंद और गीता बाली मुख्य भूमिकाओं में थे। यह एक सामाजिक ड्रामा फिल्म थी। हालांकि, यह बहुत बड़ी हिट नहीं थी, लेकिन इसने राज खोसला को बतौर निर्देशक स्थापित करने में मदद की। इस फिल्म से राज खोसला के करियर की शुरुआत हुई।
  • फिल्म सीआईडी (1956)

''सीआईडी'' एक क्राइम थ्रिलर फिल्म थी, जिसमें देवानंद ने एक पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका निभाई थी। यह फिल्म राज खोसला की दूसरी निर्देशित फिल्म थी। इस फिल्म से वहीदा रहमान ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म के गाने, जैसे "ऐ दिल है मुश्किल जीना यहां", आज भी बहुत लोकप्रिय हैं। गुरु दत्त ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया था और उनकी वजह से ही राज खोसला को इसे डायरेक्ट करने का मौका मिला। गुरु दत्त ने राज को एक विदेशी कार गिफ्ट की थी।
  • फिल्म काला पानी (1958)

''काला पानी'' एक क्राइम ड्रामा फिल्म थी, जिसमें देवानंद ने एक ऐसे शख्स की भूमिका निभाई, जो अपने पिता की सजा को खत्म करने के लिए एक पुराने केस की जांच करता है। इस फिल्म में मधुबाला और नलिनी जयवंत जैसी अभिनेत्रियां थीं। 
  • फिल्म सोलहवां साल (1958)
''सोलहवां साल'' एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी, जिसमें देवानंद और वहीदा रहमान मुख्य भूमिकाओं में थे। यह एक प्रेम कहानी थी। फिल्म के गाने, जैसे "है अपना दिल तो आवारा", बहुत मशहूर हुए। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया।
  • बॉम्बे का बाबू (1960)

''बॉम्बे का बाबू'' एक क्राइम ड्रामा फिल्म थी, जिसमें देवानंद एक अपराधी की भूमिका में थे, जो एक अमीर परिवार में शामिल हो जाता है। फिल्म में सुचित्रा सेन भी थीं और राज खोसला का निर्देशन इसे एक रोमांचक कहानी बनाता है। 
Raj Khosla Birth Anniversary bringing neo noir style in cinema films with Dev Anand Starting career Guru Dutt
गुरु दत्त - फोटो : X
गुरु दत्त के साथ राज खोसला की फिल्में
राज खोसला ने अपने करियर की शुरुआत गुरु दत्त के साथ सहायक निर्देशक के रूप में की थी। उन्होंने गुरु दत्त की कई फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन बतौर निर्देशक गुरु दत्त के साथ उनकी केवल एक ही फिल्म थी, जिसे गुरु दत्त ने प्रोड्यूस किया था। 
  • बाजी (1951)
''बाजी'' एक क्राइम थ्रिलर फिल्म थी, जिसमें देवानंद मुख्य भूमिका में थे। राज खोसला ने इस फिल्म में गुरु दत्त के सहायक निर्देशक के रूप में काम किया। यह गुरु दत्त की पहली निर्देशित फिल्म थी। फिल्म की कहानी बलराज साहनी ने लिखी थी। यह फिल्म सुपरहिट रही और इसने गुरु दत्त और देवानंद दोनों को स्टार बनाया।
  • जाल (1952)
''जाल'' एक और क्राइम थ्रिलर फिल्म थी, जिसमें देवानंद और गीता बाली थे। राज खोसला ने इसमें भी गुरु दत्त के सहायक निर्देशक के रूप में काम किया। गुरु दत्त की यह दूसरी फिल्म थी और राज खोसला ने इसमें उनके साथ मिलकर फिल्म की तकनीकी और कहानी की बारीकियों पर काम किया।
  • आर-पार (1954)
''आर-पार'' एक रोमांटिक क्राइम ड्रामा थी, जिसमें गुरु दत्त और श्यामा मुख्य भूमिकाओं में थे। राज खोसला ने इसमें भी सहायक निर्देशक के रूप में काम किया। यह गुरु दत्त की एक और हिट फिल्म थी, जिसमें उनके गाने और स्टाइल बहुत पसंद किए गए। राज खोसला ने इस फिल्म से निर्देशन की कई बारीकियां सीखीं। 
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महिला किरदारों का खास ध्यान - फोटो : X
महिला किरदारों का खास ध्यान
उनकी फिल्मों में अभिनेत्रियां सिर्फ सजावटी किरदार नहीं थीं, बल्कि कहानी का अहम हिस्सा होती थीं। 'वो कौन थी', 'मेरा साया', और 'मैं तुलसी तेरे आंगन की' जैसी फिल्मों में अभिनेत्रियों के किरदारों ने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। उन्हें "वुमन डायरेक्टर" के नाम से भी जाना गया, क्योंकि उनकी फिल्मों में अभिनेत्रियों को मजबूत और आइकॉनिक रोल मिले। 
  • वहीदा रहमान

करियर की शुरुआत राज खोसला ने वहीदा रहमान को उनकी पहली हिंदी फिल्म 'सीआईडी' (1956) में मौका दिया। इस फिल्म में वहीदा ने अपने अभिनय से सभी का ध्यान खींचा और हिंदी सिनेमा में अपनी जगह बनाई। हालांकि, फिल्म 'सोलवां साल' के सेट पर एक सीन को लेकर वहीदा और राज खोसला के बीच मतभेद हो गए थे, जिसके बाद वहीदा ने उनकी फिल्मों में काम नहीं किया। फिर भी, वहीदा को इंडस्ट्री में लाने का श्रेय राज खोसला को ही जाता है।
  • साधना
राज खोसला की सुपरहिट सस्पेंस फिल्म 'वो कौन थी' (1964) में साधना ने मुख्य भूमिका निभाई। इस फिल्म में साधना के अभिनय ने उन्हें दर्शकों के बीच बहुत लोकप्रिय बनाया। राज खोसला ने साधना को अपनी फिल्मों में आइकॉनिक किरदार दिए, जिससे उनकी छवि सस्पेंस थ्रिलर की क्वीन के रूप में बनी। उनकी दूसरी फिल्म 'मेरा साया' (1966) में भी साधना ने दमदार अभिनय किया।
  • आशा पारेख, मुमताज औपर नूतन को भी दिया खास मौका
आशा पारेख, मुमताज और नूतन राज खोसला ने आशा पारेख, मुमताज और नूतन जैसी प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों के साथ भी काम किया। उनकी फिल्म 'दो रास्ते' (1969) में मुमताज ने मुख्य भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। नूतन के साथ उनकी फिल्म 'मैं तुलसी तेरे आंगन की' (1978) ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीता। आशा पारेख के साथ भी राज खोसला ने कई फिल्मों में काम किया, जिनमें उनकी प्रतिभा को निखारने में निर्देशक की अहम भूमिका रही।
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