हिंदी सिनेमा में राज खोसला को एक महान फिल्मकार के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने अपने बेहतरीन निर्देशन से लगभग चार दशक तक साइन प्रेमियों के दिल पर अपनी कला का नाम लिखा। हिंदी सिनेमा में उन्होंने अभिनेत्रियों के निर्देशक के तौर पर भी पहचान मिली। उन्हें हीरोइनों के आइकोनिक रोल के लिए भी जाना जाता है। आज राज खोसला का जन्मदिवस है। चलिए इस खास मौके पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें....
Raj Khosla: राज खोसला ने गुरुदत्त से सीखी थी फिल्म मेकिंग, महान निर्देशक बन महेश भट्ट को दिया ब्रेक
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राज का जन्म 31 मई 1935 को पंजाब के लुधियाना में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई पंजाब में ही हुई। राज बचपन से गायक बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। वह भारतीय सिनेमा के एक ऐसे निर्देशक बन गए, जिन्होंने इंडस्ट्री को कई सुपरहिट अभिनेत्रियां दीं। राज का रुझान बचपन से संगीत की ओर था। शौक के चलते उन्होंने आकाशवाणी में बतौर अनाउंसर और प्लेबैक सिंगर काम किया। फिर, वह 19 साल की उम्र में संगीतकार बनने के लिए बंबई (अब मुंबई) आ गए। बंबई में वह गायक बनने की तलाश में संघर्ष कर रहे थे। संघर्ष के दिनों में राज की दोस्ती देव आनंद से हुई, जो फिल्म उनके फिल्म इंडस्ट्री में आने का कारण बने।
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उन दिनों देव आनंद अपने प्रोडक्शन हाउस की फिल्म के लिए अपने दोस्त गुरु दत्त को बतौर डायरेक्टर नियुक्त किया था। काम की तलाश कर रहे राज से देव ने पूछा कि क्या वह गुरु दत्त के असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करेंगे? इस पर राज ने तुरंत हां कह दी और गुरुदत्त के साथ काम कर फिल्म बनाने की बारीकियों को सीखा। 26 साल की उम्र में राज ने 1951 में आई फिल्म 'बाजी' में सहायक निर्देशक के तौर पर काम किया। राज ने चार साल तक गुरुदत्त के साथ सहायक निर्देशक के तौर पर काम किया। फिर, वह निर्देशक बन गए। गुरु दत्त ने अपने प्रोडक्शन हाउस की फिल्म सीआईडी में राज खोसला को निर्देशक के तौर पर ब्रेक दिया। फिल्म में देव आनन्द और वहीदा रहमान मुख्य भूमिका में थे। वहीदा जैसी मल्टी टैलेंटेड दिग्गज अदाकारा इंडस्ट्री को राज के बदौलत ही मिली हैं।
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राज खोसला ने वहीदा रहमान, साधना, आशा पारेख, मुमताज और नूतन जैसी अभिनेत्रियों के साथ काम किया और उन्हें खास पहचान दिलाई। महिला प्रधान फिल्मों के कारण राज को "वुमन डायरेक्टर" भी कहा गया। सीआईडी के बाद राज खोसला ने एक मुसाफिर, एक हसीना, वो कौन थी?, मेरा साया, दो रास्ते, मेरा गांव मेरा देश, मैं तुलसी तेरे आंगन की और दोस्ताना जैसी सुपरहिट फिल्में दीं। इस दौरान उन्होंने देव आनन्द के अलावा राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, विनोद खन्ना जैसे अभिनेताओं के साथ भी काम किया।
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महेश भट्ट का भारतीय सिनेमा में महान योगदान है। उन्होंने इंडस्ट्री को कई सुपरहिट फिल्मों का तोहफा दिया। हालांकि, यह बात कम ही लोगों को पता होगी कि आज जिस मुकाम पर महेश भट्ट हैं, उसका श्रेय भी राज खोसला को ही जाता है। दरअसल, इंडस्ट्री में पहला ब्रेक महेश को राज ने ही दिया था। महेश ने बतौर सहायक निर्देशक राज के साथ काम किया। एक बार महेश ने राज की तारीफ खुद की थी। उन्होंने कहा था कि एक प्रशिक्षक वह होता है, जो आपको अपने भीतर उम्मीद देखना सिखाता है। महेश भट्ट ने राज के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए बताया था कि फिल्म 'मेरा गांव मेरा देश' में मैं राज साहब का असिस्टेंट था।
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