चीन में सोशल मीडिया के माध्यम से घर-घर पहुंची 'दंगल' की कहानी ने थिएटर्स में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। चीनी दर्शक गीता-बबीता और उनके परिवार के संघर्ष को अपने अतीत से जोड़कर देख रहे हैं। चीनी क्रांति से पहले यहां भी महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए घर और समाज से लड़ना पड़ता था।
चीन में इतनी क्यों चली आमिर खान की फिल्म दंगल?
फिल्म अब तक 1200 करोड़ रुपए का कारोबार कर चुकी है, जो इस साल की चौथी सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म है। पहले भी आमिर ख़ान की फिल्में देख चुके लोग 'दंगल' को उनकी अब तक की बेहतरीन फिल्म मानते हैं। फिल्म की कहानी और रूढ़िवादी समाज से लड़ने का जज्बा लोगों को प्रभावित कर रहा है। हॉलीवुड फिल्में भले ही चीन में कमाई के मामले में आगे रहती हैं, लेकिन 'दंगल' ने लोगों के दिलों पर एक अलग छाप छोड़ी है। लोग फिल्म देखने पर खुद के आंसू भी नहीं रोक पा रहे हैं।
लेखक ने ऐसे कई दर्शकों से बात की, जो फिल्म देखकर भावुक हो गए और भारतीय संस्कृति और समाज को जानने की इच्छा जताते हैं। दरअसल, एशियाई समाज में परिवार और बच्चों की सफलता एक-दूसरे से जुड़ी होती है।
चीन और भारत के मामले में भी ऐसा ही है। दोनों की संस्कृति भी मिलती जुलती है। मां-बाप अपने बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए बहुत कुछ करते हैं। दंगल में तकनीक का कम इस्तेमाल, आम जीवन और गांव-देहात के परिवेश को दिखाना भी चीनी लोगों को पसंद आ रहा है क्योंकि लोग इससे अपने जीवन में संघर्ष करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा पाते हैं। वहीं चीन में महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर बनने वाली फिल्में बहुत पसंद की जाती हैं।
अमरीकी कार्टून फिल्म जूटोपिया ने भी चीन में जबरस्त सफलता पाई थी जिसमें एक छोटे कस्बे की लड़की की बड़े शहर में कामयाबी को दिखाया गया था। पिछले कुछ सालों में चीन में तमाम नए स्क्रीन्स बनाए गए हैं।
वर्तमान में विश्व में सबसे अधिक 40,917 स्क्रीन्स होने के बावजूद चीन की घरेलू फिल्मों का मार्केट नहीं बढ़ रहा है। यहां बता दें कि चीन में गुणवत्ता वाली फिल्मों का अभाव है. चीनी फिल्म निर्माता अक्सर हल्के विषयों पर फिल्म बनाते हैं जिनमें कॉमेडी और एक्शन फिल्में ज्यादा होती हैं। चीनी फिल्मों में आम तौर पर एक्टरों के लुक्स पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है जबकि भारतीय फिल्मों में अभिनय पर अधिक फोकस होता है।
जानकार कहते हैं कि चीन ने पिछले दशकों में जिस तेजी से विकास किया है, उस लिहाज से सिनेमा तालमेल नहीं बिठा पाया है। लोग अब घिसे-पिटे विषयों पर फिल्म देखना पसंद नहीं करते हैं। छिंहुआ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यन होंग ने बीजिंग सांध्य न्यूज को बताया कि दंगल की सफलता चीनी फिल्मों के लिए शर्मनाक है।
हाल के वर्षों में चीन में विदेशी फिल्मों का क्रेज बढ़ा है। हालांकि चीन में साल भर में निर्धारित संख्या में ही विदेशी फिल्में दिखाई जाती हैं। इसे बढ़ाने की मांग अमेरिका आदि देशों द्वारा की जा रही है। वहीं एक दर्शक छांग थ्येन ने बताया कि यह फिल्म एक पिता के प्रेम, देशभक्ति और अपनी बेटियों को सफल होने की राह दिखाती है। खेल प्रेमी और लड़की होने की वजह से मुझे ऐसा लगा कि यह हमारी अपनी फिल्म है।
दंगल चीनी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है, लेकिन थिएटर प्रबंधकों को फिल्म से ऐसी उम्मीद नहीं थी। जैकी चैन इंटरनेशनल थिएटर के एक मैनेजेर ने बताया, 'मई में जब दंगल चीन में रिलीज हुई तो हमने सोचा कि यह एक सामान्य फिल्म होगी।'
कमेंट
कमेंट X