हिंदी सिनेमा का महान अदाकारा नरगिस दत्त आज की के दिन 1981 में दुनिया को छोड़कर चली गईं। आज उनकी 39वीं पुण्यतिथि है। नरगिस ने साल 1935 में बतौर बाल कलाकार फिल्म तलाश-ए-हक से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। 'मदर इंडिया' में बुजुर्ग महिला का किरदार निभाने वाली पहली अभिनेत्री थीं नरगिस। इस फिल्म में नरगिस ने 28 साल की उम्र में एक बुजुर्ग महिला का किरदार निभाया था। नरगिस की इस फिल्म को 1958 में ऑस्कर के लिए भी नॉमिनेट किया गया था। चार दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली इस अभिनेत्री की हसरत डॉक्टर बनने की थी। नरगिस ने राज कपूर के साथ कई सफल फिल्मों में काम किया और फिर मार्च 1958 में नरगिस ने सुनील दत्त से शादी कर ली। उनकी पुण्यतिथि पर आपको उनसे जुड़ी कुछ खास बातें बताते हैं।
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Raj Kapoor, Nargis, Sunil Dutt
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किसी दौर में नरगिस और राज कपूर के अफेयर के चर्चे हर किसी की जुबां पर थे। पूरी दुनिया राज कपूर और नरगिस की मोहब्बत के बारे में जानती हैं लेकिन आखिर क्या हुआ कि दोनों की मोहब्बत शादी का रूप नहीं ले पाई और नरगिस ने राज कपूर को छोड़ सुनील दत्त से शादी रचा ली। सुनील दत्त से शादी करने से पहले नरगिस राज कपूर पर पूरी तरह समर्पित रहीं। कहा जाता है राज कपूर नरगिस को पहली ही नजर में दिल दे बैठे थे।
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Raj Kapoor
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राज कपूर नरगिस से बहुत प्यार करते थे लेकिन वो पहले से शादीशुदा थे और उनके बच्चे थे लेकिन बावजूद इसके राज कपूर नरगिस से कई बार कह चुके थे कि वो उनसे शादी करेंगे। नौ साल के लंबे रिश्ते के बाद नरगिस को जब ये लगने लगा था कि अब राज उनकी तरफ ध्यान नहीं दे रहे और राज कपूर न तो अपनी शादी तोड़ सकते थे न ही अपने पिता से बगावत कर सकते थे। ऐसे में नरगिस ने उनके साथ अपने रिश्ते खत्म कर लिए।
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Raj Kapoor
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मधु जैन अपनी किताब में लिखती हैं, 'जब उन्हें पता चला कि नरगिस ने सुनील दत्त से शादी कर ली है तो राज कपूर अपने दोस्तों और साथियों के सामने फूट फूट कर रोए। राज कपूर के जीवन की ये विडंबना थी कि वो नरगिस से उनकी पहली मुलाकात उनकी शादी होने के सिर्फ चार महीने बाद हुई। उनके धर्म भी अलग अलग थे।' राज कपूर और नरगिस दोनों की पहली फिल्म आग थी। दोनों ने साथ में 16 फिल्में कीं। 9 सालों तक पर्दे पर राज-नरगिस की ये जोड़ी हिट बनी रही।
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Raj Kapoor, Nargis
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मधु जैन अपनी किताब, 'फर्स्ट फैमिली ऑफ इंडियन सिनेमा- द कपूर्स' में लिखती हैं, नरगिस ने अपना दिल, अपनी आत्मा और यहां तक कि अपना पैसा भी राज कपूर की फिल्मों में लगाना शुरू कर दिया। जब आर के स्टूडियो के पास पैसों की कमी हुई तो नरगिस ने अपने सोने के कड़े तक बेच डाले थे।