9 जुलाई 1938, यह वह तारीख है जब हिंदी सिनेमा के महान कलाकार संजीव कुमार का जन्म हुआ। इन्हें देख कर कभी लगा नहीं कि उन्होंने फिल्मों में काम स्टारडम पाने के लिए किया हो। यह ऐसे कलाकार रहे जिन्होंने कभी भी किसी भी तरह के किरदार से परहेज नहीं किया। चाहे इन्हें कोई छोटा मोटा चरित्र किरदार मिले या फिर अपनी उम्र से ज्यादा का भी कोई किरदार निभाना हो। इन्होंने सभी किरदारों के साथ पूरा न्याय किया। अपने शानदार अभिनय के दम पर उन्होंने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और तीन सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार जीते। वहीं पुरस्कार के लिए नामांकन की तो सूची बहुत लंबी है। इनके बारे में बताने के लिए तो बहुत कुछ है लेकिन आज सिर्फ इनकी उन हीरोइनों की बात करेंगे जिनके साथ संजीव कुमार ने सबसे ज्यादा फिल्में कीं।
हेमा मालिनी को दिल दे बैठे संजीव कुमार ने इन हसीनाओं के साथ किया ऑनस्क्रीन रोमांस, इस हीरोइन ने अब तक नहीं की शादी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शर्मिला टैगोर
संजीव कुमार और शर्मिला टैगोर की जोड़ी सबसे ज्यादा चर्चित जोड़ियों में से एक रही है। इन दोनों ने एक साथ सात फिल्मों में काम किया जिसमें से पांच में ये दोनों रोमांटिक जोड़ी के रूप में नजर आए। वे पांच फिल्में हैं शानदार, चरित्रहीन, मौसम, गृह प्रवेश और नमकीन। फिल्मों के अलावा संजीव और शर्मिला असल जिंदगी में भी एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त थे। वैसे तो इन दोनों की जोड़ी के बहुत किस्से होंगे लेकिन ये किस्सा वर्ष 1979 में बासु भट्टाचार्य के निर्देशन में बनी फिल्म 'गृह प्रवेश' का है। इस फिल्म में संजीव कुमार को शर्मिला टैगोर के अलावा अभिनेत्री सारिका के साथ भी रोमांस करना था। सारिका के साथ रोमांस करने में संजीव कुमार कतरा रहे थे क्योंकि वह उम्र में उनसे बहुत छोटी थीं और उनके सामने बड़ी हुई थीं। इससे पता चलता है कि संजीव अपने काम में पेशेवर तो थे लेकिन बाकी चीजों का भी ख्याल रखते थे।
माला सिन्हा
संजीव कुमार की जोड़ी माला सिन्हा के साथ भी खूब जमी। इन दोनों ने रिवाज, बेरहम, दो लड़कियां, कंगन और जिंदगी जैसी पांच फिल्मों में एक साथ काम किया। हालांकि, इन दोनों की ये सभी फिल्में बहुत ज्यादा नाम नहीं कमा सकीं। यह भी एक इत्तेफाक ही रहा कि माला सिन्हा ने संजीव कुमार के साथ अंतिम फिल्म 'बेरहम' की थी। इसके बाद से ही माला ने किसी भी फिल्म में मुख्य भूमिका नहीं निभाई। इस फिल्म के बाद उन्हें चरित्र किरदारों में ही देखा गया।
तनुजा
संजीव कुमार ने तनुजा के साथ में भी फिल्मों के मामले में लंबी पारी खेली है। इन्होंने एक साथ पहली फिल्म 1969 में 'गुस्ताखी माफ' की। इसके बाद ये दोनों बचपन, अनुभव, खुद्दार और जबरदस्त जैसी फिल्मों में एक साथ नजर आए। 'जबरदस्त' 1985 में रिलीज हुई थी। संजीव कुमार की मौत से पहले यह उनकी अंतिम प्रमुख फिल्म रही। इस फिल्म में तनुजा उनके साथ जरूर नजर आई हैं लेकिन यह किरदार नूतन करने वाली थीं। नूतन के किरदार न करने की मुख्य वजह रही 1969 में संजीव और नूतन के बीच हुआ झगड़ा। नूतन ने किसी बात पर संजीव को सबके सामने एक चांटा मार दिया था और उसी वक्त उन्होंने फैसला किया था कि वह कभी संजीव के साथ काम नहीं करेंगी।
राखी
संजीव कुमार और राखी की जोड़ी भी दर्शकों की सबसे ज्यादा पसंदीदा जोड़ियों में से एक रही। इन दोनों ने एक साथ अंगारे, पारस, तृष्णा, श्रीमान श्रीमती और हमारे तुम्हारे जैसी फिल्मों में काम किया है। फिल्म 'श्रीमान श्रीमती' का निर्देशन विजय रेडी ने किया है और इसके निर्माता रहे बी नागी रेड्डी। दरअसल राखी कुछ व्यक्तिगत कारणों की वजह से किसी भी दक्षिण भारतीय निर्माता के साथ कोई फिल्म नहीं करना चाहती थीं। लेकिन, उन्होंने 'श्रीमान श्रीमती' की। उन्होंने यह फिल्म मजबूरी में की थी। क्योंकि, उस समय उनका घर बन रहा था और उन्हें पैसे की जरूरत थी।