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चित्रकार से बने ऐसे फिल्मकार जिनके घर आया ऑस्कर पुरस्कार, निजी जिंदगी भी फिल्म से कम नहीं
Wed, 02 May 2018 07:49 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 02 May 2018 07:49 AM IST
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सत्यजीत रे
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देश के सबसे महान फिल्म निर्देशक सत्यजीत रे के बारे में काफी लोग नहीं जानते होंगे कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत महज एक चित्रकार के तौर पर की थी। सत्यजीत रे के जन्मदिवस पर हम आपके साथ उनसे जुड़े ऐसे ही रोचक किस्सों को शेयर करने जा रहे हैं। इनकी निजी जिंदगी भी किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं थी।
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satyajit ray
सत्यजीत रे जन्म कला और साहित्य के जगत कोलकाता में हुआ था। बहुत कम लोग जानते होंगे कि सत्यजीत रे ने करियर की शुरुआत एक चित्रकार के तौर पर की थी। बाद में फ्रांसिसी फिल्म निर्देशक जॉ रन्वार से मिलने और लंदन में इतालवी फिल्म लाद्री दी बिसिक्लेत फिल्म बाइसिकल चोर देखने के बाद फिल्म निर्देशन की ओर रुझान हुआ।
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Satyajit Ray
इसके बाद सत्यजीत रे ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और भारत के सर्वोच्च फिल्म निर्देशक के रूप में सामने आए। सत्यजीत रे की पहली फिल्म 'पथेर पांचाली' थी। इसके बाद एक एक कर सत्यजीत ने फिल्मों की लाइन लगा दी। आज के निर्देशक भी सत्यजीत के दे दिये निर्देशों का पालन करते हैं।
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Satyajit Ray
सत्यजीत को फिल्मों के लिए कई राष्ट्रीय के साथ साथ 11 अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया। भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुचाने का श्रेय सत्यजीत रे को ही जाता है। फिल्मी जगत के सबसे बेहतरीन निर्देशकों में शुमार रे को 1992 में लाइफटाइम अचीवमेंट की श्रेणी में ऑस्कर से सम्मानित किया गया था।
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Satyajit Ray
सत्यजीत रे की निजी जिंदगी भी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं रही। सत्यजीत रे की पत्नी बिजोया ने अपनी किताब ‘माणिक एंड आई’ में इन अनुभवों को साझा किया है। 1992 में सत्यजीत रे के निधन तक लिखी गई उनकी निजी डायरी पर आधारित इस किताब को पेंग्विन इंडिया ने प्रकाशित किया है।
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