मराठी फिल्म 'हर हर महादेव' की चर्चा इन दिनों तेजी से हो रही है। मराठी सिनेमा से निकली यह पहली बहुभाषी फिल्म है। बता दें कि 'हर हर महादेव' फिल्म को पैन इंडिया स्तर पर रिलीज किया जाएगा। दर्शकों को इसका बेसब्री से इंतजार है। कुछ दिन पहले ही फिल्म का दमदार ट्रेलर भी रिलीज किया गया है, जिसे देखने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट काफी बढ़ गई है। बता दें कि फिल्म में शरद केलकर ने छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति आबाजी प्रभु देशपांडे का किरदार निभाया है। यह फिल्म मराठा योद्धाओं के गौरवशाली इतिहास को दर्शाती है। तो चलिए जानते हैं कि क्या है फिल्म की कहानी।
Har Har Mahadev: मराठा योद्धाओं के गौरवशाली इतिहास को दिखाती है 'हर हर महादेव', जानिए क्या है फिल्म की कहानी
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वास्तविकता पर आधारित फिल्म 'हर हर महादेव' स्वराज्य के प्रति प्रेम, कर्तव्य, बलिदान और मित्रता में विश्वास की कहानी को प्रस्तुत करती है। यह फिल्म मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज का अनुसरण करती है, जिन्हें देश ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे महान योद्धाओं में से एक माना जाता है।
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क्या होगी 'हर हर महादेव' की कहानी
फिल्म 'हर हर महादेव की कहानी' मराठा योद्धाओ के गौरव शाली इतिहास से जुड़े एक भाग पर आधारित है। जिसका नाम है 'पावनखिंड का युद्ध'। इसमे बीजापुर पर नियंत्रण पाने के लिए और अफजल खान को हराने व पन्हाला के किले पर कब्जे के बाद शिवाजी और उनकी छह सौ मराठाओं की सेना का लक्ष्य विशालगढ़ की ओर बढ़ना था, लेकिन बीजापुर की सेना के घेरे को भेदना मुश्किल था। ऐसे में योद्धाओं की टुकड़ी इस कार्य को रात में अंजाम देने और बीजापुर की सेना का ध्यान भटकाने के लिए योजना बनाती है, जिसमें शिवाजी की तरह दिने वाले शिवा काशिद को सम्राट के भेष में बंदी बनना था। जिससे मराठा सेना आगे की ओर बढ़ सके।
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इस बारे में जानकारी मिलती है कि 300 लोगों की टुकड़ी के साथ बाजी प्रभु ने सिद्दी मसूद और उसकी 12000 लड़ाकों की सेना से भयानक युद्ध लड़ा था। वही एक तरफ शिवाजी ने 300 योद्धाओं के साथ सूर्यराव सुर्वे और जसवंतराव दलवी को हराकर, विशाल गढ़ पर झंडा फहराया था। कहा जाता है कि आबाजी प्रभु की वीरता के सम्मान में शिवाजी महाराज ने घोड़खिंड का नाम 'पावनखिंड रखा था'।