बॉलीवुड सिंगर और म्यूजिक कंपोजर शेखर रवजियानी आज किसी नाम के मोहताज नहीं हैं। 29 नवंबर 1978 को गुजरात के कच्छ में जन्मे शेखर आज अपना 43 वां जन्मदिन मना रहे हैं। शेखर बचपन से ही म्यूजिक के बेहद शौकीन थे और उनके पिता ने अपने बेटे का साथ दिया। उन्होंने शेखर को उस्ताद नियाज अहमद खान से संगीत की तालीम लेने के लिए भेजा। जिसके बाद शेखर ने सा रे गा मा पा में बतौर कंटेस्टेंट हिस्सा लिया। बस यहीं से शेखर अपने करियर की शुरूआत कर दी। लेकिन उन्हें असली पहचान मिली विशाल के साथ जुड़कर। आज विशाल शेखर वह जोड़ी बन चुके हैं, मानों दोनों एक ही नाम हो। चलिए शेखर के जन्मदिन के मौके पर जानते हैं कैसे बनी बॉलीवुड की सबसे सफल जोड़ा विशाल शेखर।
Shekhar Ravjiani Birthday: ऐसे साथ आए विशाल और शेखर, यूं बनी बॉलीवुड की सबसे सफल जोड़ी
बचपन के दोस्त
शेखर ने एक बार एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि विशाल को वह बचपन के दिनों से ही जानते हैं और वह दोनों तब से ही दोस्त हैं। यही वजह है कि कभी दोनों को एक दूसरे के साथ काम करने में कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा।
पहली मुलाकात
बात साल 1997 की है, जब शेखर को फिल्म 'प्यार में कभी भी' में गाने के लिए बुलाया गया था। रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचने के बाद पता चला कि विशाल को भी फिल्म में गाने के लिए बुलाया गया है। जिसके बाद दोनों ने साथ में गाना गाया। यहीं से विशाल शेखर की जोड़ी हिट हो गई। साल 2003 में शेखर को 'झंकार बीट्स' से उन्हें सफलता मिली। जिसके बाद 24 सालों से आज भी ये जोड़ी साथ हैं।
विशाल-शेखर की धमाकेदार जोड़ी
रिपोर्ट्स की माने तो ये जोड़ी भाईयों की तरह ही रहती है। दोनों किसी गलतफहमी को अपने बीच नहीं आने देते। यही वजह है कि ये जोड़ी सालो बाद भी नहीं टूटी और लगातार बॉलीवुड में एक से बढ़कर एक गाने दे रही है।
दोनों के गाने
दोनों ने एक साथ मिलकर कई फिल्मों के लिए गाने दिए हैं। जिसमें 'एक अजनबी', 'डर्टी पिक्चर', 'बैंग-बैंग', 'गिप्पी', 'ज़िंदा', 'रा-वन', 'शादी के लड्डू', 'शब्द', 'स्लाम-नमस्ते', 'ओम शांति ओम', 'हैप्पी न्यू ईयर', 'टशन', 'तीसमारखां', 'हैट्रिक', 'कर्म', 'नॉक आउट', 'वी आर फैमिली से लेकर शामिल हैं।
