करीना कपूर के शो 'वॉट वुमेन वॉन्ट सीजन 2' में बीते दिनों सोनाक्षी सिन्हा ने शिरकत की। इस शो में महिलाएं अपनी जिंदगी को अपने अनुसार जीने के अनुभव साझा करती हैं। शो में सोनाक्षी ने अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि स्टारकिड होते हुए भी उन्होंने अपनी स्वतंत्रता कभी खत्म नहीं होने दी और इसके लिए वह अपने परिवार के सामने भी खड़ी हो गईं।
छठी क्लास में ही पढ़ाई छोड़ने वाली थी सोनाक्षी सिन्हा, मां के सामने रख दी थी यह बड़ी शर्त
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इस शो में बातचीत की शुरुआत करते हुए करीना ने कहा कि वे दोनों ही ऐसे परिवार से आते हैं जो फिल्मी परिवार से तालुल्क रखते हैं। उन्हें हमेशा स्टारकिड्स के तौर पर पहचाना जाता है। उनके आस पास हमेशा कोई ना कोई उनका ख्याल रखने के लिए होता है। इस पर सोनाक्षी ने कहा, ' स्टॉफ तो हमेशा रहता ही है क्योंकि हमारे परिवार को भी लगता है कि जब हमारे बच्चें पहले से ही सबकी नजरों में है तो उन्हें सुरक्षित रखने के लिए और उनका ख्याल रखने के लिए किसी ना किसी का उनके साझ रहना जरूरी है। लेकिन ना जाने क्यों मुझे यह हमेशा से ही अजीब लगता था।'
सोनाक्षी ने आगे कहा, 'क्योंकि मैं जहां भी जाती थी कोई ना कोई मेरा साथ आता था। तो जब मैं छठी या सातवीं क्लास में थी और पापा मिनिस्टर बने तो अचानक मेरे आस पास बहुत सुरक्षा हो गई थी और मैं उसी सिक्योरिटी में स्कूल जाती थी। इस वजह से वहां ऐसा माहौल हो जाता था कि मैंने तो अपनी मम्मी से कह दिया था कि जब तक आप यह सब बंद नहीं करते हो तब तक मैं स्कूल ही नहीं जाऊंगी और सबकुछ छोड़ कर घर में ही बैठी रहूंगी। वहीं मुझे अपनी स्वतंत्रता का पहली बार अनुभव हुआ।'
सोनाक्षी ने आगे बताया कि वह अपने परिवार को भी अपने लिए 'खामोश' कर सकती हैं। उन्होंने आगे यह भी बताया कि उनके लिए स्वतंत्र रहना आखिर कितना जरूरी थी। उन्होंने बताया, 'मैंने हमेशा अपनी तुलना अपने पिता से की है। जह वह पटना से आए थे तब उन्होंने काफी स्ट्रगल किया था। उनके मुकाबले में उनकी आधी भी नहीं हूं। उनके पहले घर खरीदने की कहानी मुझे आज भी अपना पहला घर खरीदने के प्रति प्रेरित करती है। मैं अपने माता पिता के साथ बहुत ही खुशहाली से रह रही हूं लेकिन यह मुझे खुद ही करना है। मेरे अनुसार प्रत्येक महिला का कम से कम एक सपना तो होना ही चाहिए जिसके लिए वह मेहनत करें और बाकी चीजें किनारे छोड़ दे।'
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