लगान, मुन्ना भाई एमबीबीएस जैसी सुपरहिट फिल्मों का हिस्सा रहीं ग्रेसी सिंह बचपन से ही बहुत धार्मिक प्रवृत्ति की रही हैं। इन दिनों वह धारावाहिक 'संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं' में माता संतोषी के रूप में नजर आ रहीं हैं। ग्रेसी सिंह ने अमर उजाला से की ये एक्सक्लूसिव मुलाकात।
आमिर नहीं हैं लगान की हीरोइन के पसंदीदा अभिनेता EXCLUSIVE मुलाकात में सुनाईं बचपन की यादें
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बचपन में आपने कितनी धार्मिक कहानियां सुनी हैं?
बहुत सुनी हैं। मेरी परवरिश इसी तरह की कहानियां सुन-सुनकर हुई। मैं एक सिख परिवार से हूं लेकिन मेरे घर में माताओं को बहुत मानते हैं। हम गुरुद्वारे भी जाते हैं और नवरात्रि भी धूमधाम से मनाते हैं। अक्सर वैष्णो देवी के दर्शन करने भी जाते हैं। मेरा परिवार बहुत धार्मिक है।
आपने कहा है कि एक देवी का किरदार निभाना आपका सपना था। देवियां के इतने करीब आप कैसे हुईं?
बीच में जब मैंने फिल्मों से ब्रेक लिया तो मैंने रामानंद सागर के धारावाहिक लक्ष्मी और गंगा के सारे एपिसोड एक डीवीडी मैं खरीदे। मैं इसे हर रोज आधा घंटा देखती थी। उसे देखकर मेरे मन में भी विचार आया कि अब मैं जो भी किरदार करूंगी, वह किसी देवी का ही करूंगी। यह ख्वाहिश मेरी बहुत अरसे से रही है कि मैं देवी का किरदार करूं।
'लगान' जैसी फिल्म ने आपको कितना बदला?
मेरे लिए वह फिल्म एक लाइफटाइम अचीवमेंट जैसी थी लेकिन मैंने अपने फिल्मी करियर को जारी की योजना नहीं बनाई। मेरा करियर पहले से ही क्रमबद्ध नहीं था और मुझे फिल्मों में मुंबइया हीरोइन बनना नहीं था। मेरी प्राथमिकता ऑटोग्राफ देने वाली हीरोइन बनना कभी नहीं रहा। मैं अपने अभिनय से समाज को संदेश देना चाहती हूं। ऐसे किरदार करना चाहती हूं जो लोगों के दिलों को छुएं।
सिनेमा में आमिर के अलावा किसे पसंद करती हैं?
मैं सबसे ज्यादा अमिताभ बच्चन को पसंद करती हूं क्योंकि उनके जैसा अनुशासित और नम्र व्यक्ति मैंने अब तक नहीं देखा। आमिर भी खुद में एक बहुत बड़े प्रेरणा स्रोत हैं। मैंने एक अभिनेता और इंसान के तौर पर उनसे बहुत कुछ सीखा है।
धर्म के बारे में आपके क्या विचार हैं?
सौ साल पहले तक लोग तनाव में नहीं जीते थे। धार्मिकता तब लोगों के जीवन का एक हिस्सा हुआ करती थी। मुझे लगता है कि स्कूलों में बच्चों को धार्मिकता की शिक्षा देनी चाहिए। उन्हें ध्यान सिखाना चाहिए। ये भी एक विज्ञान ही है, लेकिन लोगों को इसका ज्ञान न होने की वजह से वह राह से भटक रहे हैं और विश्वास कम हो गया है।
धारावाहिक 'संतोषी मां' के इस नए सीजन में क्या नयापन होगा?
इस सीजन में माता संतोषी अपने भक्तों को सभी व्रत कथाओं के महत्व और रहस्यों को बताएंगी। साथ ही वह धरती लोक पर एक इंसान के रूप में जन्म लेकर अपने भक्त की दोस्त बनकर उसका मार्गदर्शन करेंगी। सभी की जिंदगी में बहुत सी परेशानियां हैं लेकिन उनका समाधान सिर्फ आशीर्वाद देने से नहीं बल्कि खुद साथ चलकर सबक सिखाने से होगा।