{"_id":"5c3ff27dbdec22738563d0dd","slug":"suchitra-sen-death-anniversary-know-some-life-facts","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जब काला चश्मा पहन निकलती थीं सुचित्रा सेन देखते रह जाते थे लोग, 'बिपाशा' फिल्म के लिए मिले थे 1 लाख","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
जब काला चश्मा पहन निकलती थीं सुचित्रा सेन देखते रह जाते थे लोग, 'बिपाशा' फिल्म के लिए मिले थे 1 लाख
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपूर्वा राय
Updated Thu, 17 Jan 2019 08:47 AM IST
विज्ञापन
1 of 7
suchitra sen
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
हिंदी सिनेमा में गिनी चुनी फिल्में कर अपनी अदाकारी के झंडे गाड़ने वाली अभिनेत्री सुचित्रा सेन की आज डेथ एनिवर्सरी है। आज ही के दिन साल 2014 में सिनेमा की इस महानायिका का निधन हुआ था।1952 में प्रदर्शित बांग्ला फिल्म 'सारे चतुर' उनकी पहली फिल्म थी इसमें उनके साथ उत्तम कुमार थे। सुचित्रा सेन को भारतीय सिनेमा में एक ऐसी एक्ट्रेस के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान बनाई। सुचित्रा सेन का असली नाम रोमा दासगुप्ता है। सुचित्रा के पिता करूणोमय दासगुप्ता स्कूल में हेडमास्टर थे। 5 भाई बहनों में सुचित्रा तीसरी संतान थीं। आइए उनके जन्मदिन पर ऐसी ही कुछ बातें जानते हैं।
2 of 7
उत्तम कुमार और सुचित्रा सेन
सुचित्रा सेन ने अपनी स्कूली पढ़ाई पवना से ही की। इसके बाद वह इंग्लैंड चली गईं और समरविले कॉलेज, ऑक्सफोर्ड से अपना ग्रेजुएशन किया। 1947 में उनकी शादी बंगाल के जाने माने बिजनेसमैन आदिनाथ सेन के बेटे दीबानाथ सेन से हुई। 1952 में सुचित्रा सेन ने एक्ट्रेस बनने के लिए फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और बांग्ला फिल्म 'शेष कोथा' में काम किया हालांकि फिल्म रिलीज नहीं हो सकी। 1952 में प्रदर्शित बांग्ला फिल्म 'सारे चतुर' उनकी पहली फिल्म थी इसमें उनके साथ उत्तम कुमार थे। 1962 में 'बिपाशा' में काम करने के लिए उन्हें एक लाख रुपए मिले थे जब कि हीरो उत्तम कुमार को सिर्फ अस्सी हजार रुपयों से संतोष करना पड़ा था।
3 of 7
सुचित्रा सेन
- फोटो : SELF
1963 में सुचित्रा सेन की एक और सुपरहिट फिल्म 'सात पाके बांधा' रिलीज हुई। उन्हें इस फिल्म के लिए मास्को फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ फिल्म एक्ट्रेस के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में पहला मौका था जब किसी भारतीय एक्ट्रेस को विदेश में पुरस्कार मिला था। बाद में इसी कहानी पर 1974 में हिंदी में 'कोरा कागज' बनीं जिसमें सुचित्रा सेन का किरदार जया बच्चन ने निभाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
सुचित्रा सेन
मिसेज सेन के नाम से मशहूर सुचित्रा सेन शायद भारतीय फिल्म इतिहास की पहली अभिनेत्री थीं जिन्होंने अपनी पहली फिल्म उस समय की जब वो एक बच्ची की मां बन चुकी थीं। उनका साड़ी बांधने का अंदाज़, बाल काढ़ने का ढंग और धूप का चश्मा पहनने की अदा युवाओं में उन्माद की हद तक लोकप्रिय थी। हिंदी सिनेमा में सुचित्रा सेन की धमाकेदार एंट्री हुई बिमल रॉय की 'देवदास' से। साल 1955 में रिलीज हुई 'देवदास' में सुचित्रा सेन ने पारो की भूमिका में जान भर दी। वहीं सुचित्रा सेन 1975 में रिलीज हुई फिल्म 'आंधी' से अपनी एक अलग छाप छोड़ी।
विज्ञापन
5 of 7
सुचित्रा सेन
गुलजार निर्देशित इस फिल्म में उन्हें अभिनेता संजीव कुमार के साथ काम करने का अवसर मिला। यह फिल्म कुछ दिनों के लिए बैन भी कर दी गई थी। बाद में जब यह रिलीज हुई तो अच्छी सफलता मिली। फिल्म के गाने आज भी सदाबहार गीतों की श्रेणी में आते हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।