महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर आज 71 साल के हो गए। कबीर खान की फिल्म ‘83’ में स्क्रीन पर सुनील गावस्कर की भूमिका निभाने वाले ताहिर राज भसीन ने इस मौके पर प्रतिष्ठित क्रिकेटर को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने हमारे देश के हर उम्र और हर तबके के खिलाड़ियों को प्रेरित किया है। ताहिर ने इस मौके पर ये भी बताया कि सुनील गावस्कर की भूमिका की तैयारी करते वक्त उन्होंने लिटिल मास्टर के नाम से मशहूर गावस्कर के सोचने के ढंग को मन में बसा लिया था। उनका मानना है कि इस क्रिकेटर का दिया हुआ इनपुट उनकी तैयारी की प्रक्रिया में अनमोल रहा है।
ताहिर ने दी गावस्कर को जन्मदिन की शुभकामनाएं, साझा किए फिल्म 83 के शूटिंग और ट्रेनिंग एक्सपीरियंस
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ताहिर कहते हैं, "मैं उन्हें खुशहाल जन्मदिन, अच्छे स्वास्थ्य, भरपूर ऊर्जा और जीवन भर की खुशियों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं ऐसे खिलाड़ियों की कई पीढ़ियां तैयार करने के लिए उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिनको उनके साहस, चारित्रिक बल, प्रतिबद्धता और करियर ने प्रेरणा दी है।“ किंवदंती बन चुके इस महान क्रिकेटर के साथ ताहिर के लंबे-लंबे सत्र चले, क्योंकि दोनों फिल्म 83 के सेट पर भी बातचीत करते रहे।
आखिरी बार ब्लॉकबस्टर ‘छिछोरे’ में नजर आए ताहिर बताते हैं, "ये सत्र अविश्वसनीय रूप से उत्साहजनक थे और साथ ही साथ सुनील गावस्कर का ‘83’ के सेट पर आना घबराहट भी पैदा कर देता था। उनकी सरलता और स्टाइल का एक ऐसा आभामंडल है जो सभी को मंत्रमुग्ध कर देता है।“ ताहिर ने बताया कि इस उस्ताद क्रिकेटर के साथ समय बिताने से उन्हें इस खेल के चैंपियन स्टार का दिमाग पढ़ने में मदद मिली और यह भी सीखने को मिला कि वह चुनौतियों का सामना किस तरह से करता है। यह एक ऐसी चीज थी जिसे उन्होंने आत्मसात किया और फिल्म की शूटिंग खत्म करने के इतने समय बाद भी यह सीख उनके मन में बसी हुई है।
रणवीर सिंह अभिनीत ताहिर की अगली बिग-टिकट फिल्म ‘83’ के निर्माताओं ने घोषणा की है कि वे इसे क्रिसमस पर रिलीज करेंगे। जाहिर है कि ताहिर इस घटनाक्रम को लेकर उत्साहित हैं क्योंकि कोरोना वायरस महामारी ने इसे रिलीज करने को लेकर पहले बनी तमाम योजनाओं पर पानी फेर दिया था।
वह कहते हैं, "हमारी नई दुनिया में सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और मुझे बेहद खुशी है कि एक बार चीजें पटरी पर आने और पर्याप्त सुरक्षा मानदंड लागू होने के बाद दर्शक आखिरकार सिनेमाघरों में फिल्म देखने जरूर पहुंचेंगे। बीते दिनों की सुहानी यादों और जिस विशाल पैमाने पर ‘83’ की परिकल्पना की गई है, उसने मुझे इस रोमांचक प्रोजेक्ट की ओर आकर्षित किया था। फिल्म को दर्शकों के एक बड़े समूह के साथ देखना लोगों को सचमुच के किसी स्टेडियम में बैठे होने का एहसास दिलाएगा और यह उनके फिल्म देखने के आनंद को कई गुना बढ़ा देगा।"