नेटफ्लिक्स और वाईआरएफ एंटरटेनमेंट की सीरीज ‘द रेलवे मेन’ अब से बस कुछ ही देर में रिलीज होने वाली है। 1984 के दिसंबर की एक रात जब यूनियन कार्बाइड फैक्टी से रिसी गैस ने भोपाल के एक बड़े इलाके को कब्रिस्तान में तब्दील कर दिया, उस रात भोपाल रेलवे स्टेशन पर तैनात चंद रेलकर्मियों ने जिस वीरता, आशा और मानवता का प्रदर्शन करके सैकड़ों रेलयात्रियों की जान बचाई, उसी की ये कहानी है। सीरीज के निर्देशक शिव रवैल ने खुलासा किया है कि कैसे इसके निर्माता आदित्य चोपड़ा ने स्क्रिप्ट को संवारने और निखारने में दो साल का समय लिया, एक ऐसा पैमाना पेश करने पर ध्यान दिया जो डिजिटल पर कभी हासिल नहीं किया गया।
The Railway Men: शिव की 10 साल की तपस्या का परिणाम, बोले, मेरे गुरु आदित्य चोपड़ा कभी हल्की चीज नहीं बनाएंगे
शिव कहते हैं, 'एक बात जो मैं अपने गुरु, आदित्य चोपड़ा के बारे में जानता हूं, वह यह है कि वह कभी भी ऐसा कुछ नहीं बनाएंगे, जो दर्शकों को देखने के लिए पर्याप्त रूप से आकर्षक न हो है। वह कभी कोई हल्की चीज नहीं बनाएंगे। मुझे लगता है कि यही कारण है कि वाईआरएफ कई पीढ़ियों से पॉप संस्कृति को प्रभावित करने और लोगों की कंटेंट की पसंद को आकार देने में कामयाब रहा है।'
‘द रेलवे मेन’ की बात चलने पर शिव कहते हैं, टआदित्य चोपड़ा ने वाईआरएफ द्वारा स्ट्रीमिंग के लिए बनाई गई पहली सीरीज के लिए ‘द रेलवे मेन’ को चुना। आदि द्वारा सीरीज को हरी झंडी देने का निर्णय लेने से पहले हमने स्क्रिप्ट और प्रीप्रोडक्शन प्रक्रिया पर दो साल से अधिक समय तक काम किया। आदि चाहते थे कि वाईआरएफ के समान मूल्य वाईआरएफ एंटरटेनमेंट और इसके द्वारा निर्मित परियोजनाओं के लोकाचार में भी दिखे।'
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आर माधवन, के के मेनन, दिव्येंदु और बाबिल खान जैसे मजबूत कलाकारों को लेकर बनी सीरीज ‘द रेलवे मेन’ का निर्देशन करने से पहले शिव रवैल ने यशराज फिल्म्स में 10 साल बतौर सहायक काम किया है। शिव कहते हैं, 'वाईआरएफ के बारे में एक बात जो मुझे पसंद है, वह यह है कि यहां कोई आधा-अधूरा उपाय नहीं है। ‘द रेलवे मेन’ के लिए मेरा दृष्टिकोण प्रस्तुत करने में मुझे पूरी छूट मिली और मुझे गर्व है कि आदि ने मेरे जुनून को बढ़ाने में मेरी मदद की।'
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वह आगे कहते हैं, 'यह सीरीज सबसे महत्वपूर्ण और प्रासंगिक विषयों में से एक को पुनर्जीवित करने की कोशिश है। ये एक ऐसी घटना है जिसके बारे में हर भारतीय जानता है। इसलिए, हमें संवेदनशील होना था, हमारे शो को यह दिखाना था कि व्यक्तिगत रूप से जोखिम में होने पर भी हमारे भीतर मानवता कैसे मौजूद है। हम रोमांचित हैं कि हमारे पास एक ऐसा शो है जिस पर कंपनी और आदि को बेहद गर्व है।'
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