सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

बाइस्कोप: इस वजह से ऑस्कर की रेस में रुदाली से पिटी दामिनी, जानिए क्यों संतोषी पर भड़के थे ऋषि कपूर

पंकज शुक्ल, मुंबई Published by: प्रतीक्षा राणावत Updated Thu, 30 Apr 2020 08:15 PM IST
विज्ञापन
This day that year series by Pankaj Shukla 30 april 1993 bioscope damini rishi Kapoor sunny deol Meenakshi Sheshadri
दामिनी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

साल 1993 एक मायने में हिंदी सिनेमा के लिए मील के तमाम पत्थर पार करने वाला साल रहा। बाइस्कोप में आज हम ऋषि कपूर की आज ही के दिन रिलीज हुई फिल्म दामिनी की तो चर्चा करेंगे ही और ये भी बताएंगे कि आखिर इतनी दमदार फिल्म होने के बावजूद फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने ऑस्कर पुरस्कारों के लिए इसे भारतीय प्रतिनिधि फिल्म बनाकर क्यों नहीं भेजा? लेकिन, उससे पहले आपको बता देते हैं साल 1993 की उन अंगड़ाइयों के बारे में जिनके बारे में सालों साल तक चर्चाएं होती रहीं।

Trending Videos
This day that year series by Pankaj Shukla 30 april 1993 bioscope damini rishi Kapoor sunny deol Meenakshi Sheshadri
Shahrukh khan Salman khan and Aamir khan - फोटो : social media

जैसे फिल्म दामिनी में सनी देओल के बोले संवाद तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख और ढाई किलो के हाथ को लोग अब भी नहीं भूले हैं, वैसे ही लोग नहीं भूले हैं साल 1993 में रिलीज हुई सलमान खान की फ्लॉप फिल्म चंद्रमुखी को जिसकी कहानी खुद सलमान ने लिखी थी। आमिर ने इस साल दामिनी में तो स्पेशल अपीयरेंस किया ही, उनकी इस साल रिलीज हुई फिल्म हम हैं राही प्यार के भी हिट रही। लेकिन, सुपर हिट फिल्मों के मामले में ये साल रहा था शाहरुख खान का क्योंकि साल 1993 में ही रिलीज हुई थी शाहरुख खान की दो डरा देने वाली फिल्में, डर और बाजीगर। दोनों फिल्मों में वह विलेन बने। इसके अलावा शाहरुख इस साल माया मेमसाब और किंग अंकल से भी तारीफें बटोरने में कामयाब रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
This day that year series by Pankaj Shukla 30 april 1993 bioscope damini rishi Kapoor sunny deol Meenakshi Sheshadri
दामिनी - फोटो : damini

फिल्म दामिनी देखा जाए तो एक तरह से कंटेंट ड्रिवेन सिनेमा की तरफ हिंदी सिनेमा की पहली ठोस शुरूआत उस दौर में हो रही थी, जिस दौर में डेविड धवन लाल दुपट्टे वाली को छेड़कर उसका नाम पूछने के लिए गोविंदा और चंकी पांडे को मैदान में उतार चुके थे। ऋषि कपूर को जमाने का बदलता चलन समझ आ रहा था और वह अपनी फिल्मों के साथ लगातार प्रयोग भी कर रहे थे। साल 1993 में ऋषि कपूर की चार फिल्में रिलीज हुईं। इनमें दामिनी के अलावा शामिल रहीं अनमोल, धरतीपुत्र और गुरुदेव। गुरुदेव के निर्देशक थे विनोद मेहरा। जी हां, अभिनेता विनोद मेहरा, जिन्होंने राजेश खन्ना वाले कंपटीशन में दूसरा स्थान पाया था। गुरुदेव की कहानी बहुत दिलचस्प है, इसे विस्तार से फिर कभी। अभी के लिए इतना जान लीजिए कि इस फिल्म को बनकर रिलीज होने में करीब 10 साल लग गए थे और ये रिलीज हो पाई थी विनोद मेहरा के निधन के बाद, निर्देशक राज सिप्पी की मदद से।

This day that year series by Pankaj Shukla 30 april 1993 bioscope damini rishi Kapoor sunny deol Meenakshi Sheshadri
दामिनी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

दामिनी निर्देशक राजकुमार संतोषी की रिलीज हुई दूसरी फिल्म है। फिल्म अर्ध सत्य और विजेता में गोविंद निहलानी के असिस्टेंट रहे संतोषी इसके पहले वह घायल बना चुके थे और उनके तेवर ऐसे थे कि किसी को वह कुछ समझते नहीं थे। सनी देओल उनकी फिल्म के लिए हां कर चुके थे, हीरोइन के लिए वह मीनाक्षी शेषाद्रि को साइन कर चुके थे। लेकिन तमाम कोशिशें करके भी संतोषी की शेषाद्रि से वैसी ट्यूनिंग नहीं हो पा रही थी जैसी वह चाहते थे और सनी देओल का भी बड़ा मन था कि फिल्म में डिंपल कपाड़िया को ले लिया जाए। लेकिन, ऋषि कपूर अड़ गए कि हीरोइन बदली गई तो वह फिल्म छोड़ देंगे। करीम मोरानी और अली मोरानी फिल्म के प्रोड्यूसर थे, उनका भी ठीक ठाक बंबई से लेकर दुबई और लंदन तक रुतबा बन रहा था, उन्होंने संतोषी को एक दिन बिठाकर समझाया और कायदे से समझाया। उसके बाद फिल्म खत्म होने तक संतोषी ने चूं तक नहीं की।

विज्ञापन
This day that year series by Pankaj Shukla 30 april 1993 bioscope damini rishi Kapoor sunny deol Meenakshi Sheshadri
damini

दिलचस्प बात ये है कि इसी साल डिंपल कपाड़िया ने निर्देशक कल्पना लाजिमी की फिल्म रुदाली में टाइटल रोल किया और उनकी ये फिल्म भारत की तरफ से आधिकारिक एंट्री बनकर ऑस्कर तक जा पहुंची। और, फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने दामिनी को यह कहकर रोक लिया कि इसकी कहानी ओरीजनल नहीं है। बहुत बाद में पता चला कि दामिनी की कहानी अमेरिका में वाकई हुए एक रेप केस पर आधारित है, इस केस पर वहां 1985 में एक फिल्म साइलेंट विटनेस बन चुकी थी। जो कुछ भी हो ये फिल्म सनी देओल को मिले नेशनल अवार्ड और उनकी डॉयलॉगबाजी के लिए तो लोगों को खूब याद रही लेकिन फिल्म में मीनाक्षी शेषाद्रि के काबिले तारीफ अभिनय को भुला दिया गया। एक तरह से देखा जाए तो ये फिल्म नरगिस की मदर इंडिया के टक्कर की फिल्म रही। मदर इंडिया में राधा अपने बेटे को गांव की लाज बचाने के लिए कुर्बान कर देती है। दामिनी अपने घर में हुए अपराध का सच सामने लाने के लिए पूरे परिवार को दांव पर लगा देती है, पति समेत।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed