साइबर क्राइम ने अपराधियों की पहुंच भी अंतरराष्ट्रीय कर दिया है। अब ऐसे गिरोह भी सामने आ रहे हैं जो एक देश में बैठकर दूसरे देश के नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने एक ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश किया है जो दिल्ली में बैठकर आस्ट्रेलिया के नागरिकों को निशाना बनाता था। इसके लिए गिरोह ने बाकायदा एक कॉल सेंटर स्थापित कर रखा था और इसमें 15 से ज्यादा कर्मचारी नियुक्त कर रखे थे। यह गिरोह तब पकड़ में आया जब उसने बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रहीं ईशा शेरवानी को टैक्स विभाग के ऑफीसर बनकर डराया और उनसे 5700 आस्ट्रेलियन डॉलर (लगभग तीन लाख भारतीय रुपये) ऐंठ लिए।
बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा शरवानी से तीन लाख की ठगी, जानें कैसे बनाया निशाना
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साइबर क्राइम यूनिट के डीसीपी अनेश राय के मुताबक ईशा शेरवानी इस समय आस्ट्रेलिया में रह रही हैं। पिछले महीने एक दिन उनके पास एक आस्ट्रेलियन नंबर से फोन आया कि उन्होंने अपना टैक्स जमा करने में गड़बड़ी कर दी है। अगर वे पेनाल्टी नहीं भरती हैं तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फोन करने वाले ने स्वयं को आस्ट्रेलियन सरकार के टैक्स विभाग का एक अधिकारी बताया। गिरफ्तारी की डर से अभिनेत्री ने तुरंत मांगी गई रकम एक खाते में जमा करवा दी। इसके कुछ देर बाद एक बार और कॉल करके कुछ पैसा पेनाल्टी के रुप में मांगी गई।
थोड़ी ही देर में उसी अधिकारी ने तीसरी बार उन्हें कॉल किया और बताया कि उनके खाते से आतंकी संगठनों को फंडिंग की गई है। अगर वे तुरंत भारी जुर्माना नहीं भरती हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। तीसरी कॉल के बाद ईशा शेरवानी को यह समझ आ गया कि उनके साथ फ्रॉड हो रहा है। चूंकि, उनसे भारतीय मूल के होने के हवाले से वेस्टर्न यूनियन कंपनी के जरिए एक भारतीय एकाउंट में पैसे ट्रांसफर कराए गए थे, उन्होंने दिल्ली की साइबर क्राइम विभाग से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने पैसे के ट्रेल और डिजिटल फुट प्रिंट का पीछा करते हुए अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में मास्टर माइंड पुनीत चड्ढा सहित तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अपराधियों के सात बैंक एकाउंट से 1.25 करोड़ रुपये भी बरामद किए हैं।
इस वजह से पकड़ में नहीं आता है गिरोह
पुलिस के मुताबिक, ऐसे गिरोह स्पूफ तकनीकी के जरिए वीओआईपी कॉलिंग करते थे। इस तकनीकी के कारण वे शिकार के मोबाइल पर अपना मनचाहा नंबर दिखा देते थे। चूंकि, गिरफ्त में आए लोगों के पास आस्ट्रेलिया के ही नंबर से फोन होते दिखते थे, वे यह जान भी नहीं पाते थे कि उनसे धोखाधड़ी दिल्ली से की जा रही है। अब तक की जानकारी के मुताबिक गिरोह ने 100 से ज्यादा लोगों को अपना निशाना बनाया है। आस्ट्रेलिया के नागरिक इनके निशाने पर होते थे, यही कारण है कि ज्यादातर लोगों ने इसकी औपचारिक शिकायत भी नहीं दर्ज कराई और यह गिरोह अब तक काम करता रहा।
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