हिंदी सिनेमा में कम ही कलाकार ऐसे हुए हैं जिन्हें उनके किरदारों के नाम से पुकारा जाता है। ऐसे ही एक अभिनेता हैं वरुण शर्मा जिनके साथ उनकी पहली ही फिल्म फुकरे का किरदार चूचा फेविकोल से चिपक गया है। वरुण की दो फिल्में अर्जुन पटियाला और खानदानी शफाखाना जल्द रिलीज होने वाली हैं।
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फिल्म अर्जुन पटियाला बतौर अभिनेता आपको कितना मजबूत करने वाली है?
यह फिल्म आज तक बनी सारी कॉमेडी फिल्मों का उनवान है। यह एक अलग ही तरह का प्रयोग है। स्पूफ कॉमेडी हिंदी सिनेमा में कम ही बनी है। विदेश में मीट द स्पार्टन्स, आई नो व्हॉट यू डिड लास्ट समर जैसी फिल्में खूब बनती हैं। हिंदी सिनेमा में वैसा ही कुछ करने की कोशिश इस फिल्म में की गई है। जाहिर सी बात है इतनी अलहदा फिल्म में जब आप काम करते हैं तो बतौर अभिनेता आपका एक नया आयाम लोगों को दिखता है।
फिल्म का ट्रेलर कहता है कि पुलिस पर बनी ये 245वीं पिक्चर है, क्या ये फिल्म पुलिस किरदारों पर बनी फिल्मों का स्पूफ (मजाक) है?
हम किसी और पर नहीं बल्कि खुद ही पर हंस रहे हैं। अपना ही मजाक बना रहे हैं। न ये सिंघम का मजाक है और न ही सिंबा का। इस फिल्म के अंदर अपनी ही एक कहानी है। आप देखेंगे कि फिल्मों के सेट के पीछे बातें होती हैं वही हम इस फिल्म में कर रहे हैं। हम हिंदी सिनेमा की किसी फिल्म का मजाक बिल्कुल नहीं बना रहे, यह पूर्ण रूप से नया विषय और नई कहानी है।
आपके अभिनय में लोगों को काफी विविधता दिखती है, फिर आप कॉमेडी रोल्स ही क्यों करते हैं?
मैं चार-पांच साल पहले जब मुंबई आया तो थियेटर किया करता था। उस वक्त मैं अश्वत्थामा जैसे नाटकों में गंभीर किरदार ही करता था। मुझे तो कभी लगा ही नहीं कि मैं कॉमेडी भी कर सकता हूं। फुकरे रिलीज हुई और लोगों की प्रतिक्रिया देखी तो पता चला कि मुझमें लोगों को हंसाने वाली काबिलियत भी है। मैं अनुराग कश्यप, बिजॉय नांबियार जैसे लोगों के साथ भी काम करना चाहता हूं।
आपको आपके नाम से कम और चूचा के नाम से ज्यादा जानते हैं। किसी अभिनेता के लिए यही सबसे बड़ी कामयाबी होती है, आपका क्या कहना है इस बारे में?
सच पूछिए तो इस किरदार वाले नाम से बाहर निकलने का मैं भी दबाव महसूस करता हूं। अर्जुन पटियाला शायद इसे मेरा नाम ओनीडा सिंह कर दे या अगली फिल्म छिछोरे कर दे। लेकिन मुझे कोई चूचा बुलाता है तो मुझे अच्छा लगता है। कुछ ही ऐसे किरदार हैं जिनके नाम लोगों को आज तक याद हैं जैसे मोगैंबो, शाकाल, क्राइम मास्टर गोगो, मजनू भाई, मुन्ना भाई, सरकिट आदि। इस लिस्ट में मेरा नाम शुमार होना एक बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।