निर्देशन की दुनिया में कदम रखने जा रहा हर कोई डायरेक्टर यही सोचता है कि उसकी पहली फिल्म शानदार बने और लोगों को पसंद आए। हालांकि, सभी के लिए यह मुमकिन नहीं हो पाता, मगर कुछ निर्देशक ऐसे रहे हैं, जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म में अपने निर्देशन के हुनर से लोगों का दिल जीत लिया था। आइए जानते हैं, ऐसे ही कुछ निर्देशकों के बारे में।
Bollywood Directors: अपनी पहली ही फिल्म से छा गए थे ये निर्देशक, सालों बाद भी कायम रहा इनकी फिल्मों का जादू
दिबाकर बनर्जी ने साल 2006 में निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। उनकी पहली फिल्म 'खोसला का घोंसला' थी। यह एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरहान अख्तर
वैसे तो फरहान अख्तर कई बड़ी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं और उन्हें दर्शकों के साथ-साथ बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल चुकी है, लेकिन उनकी डायरेक्ट की गई पहली फिल्म 'दिल चाहता है' की बात ही कुछ और है। यह फिल्म साल 2001 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म प्यार और दोस्ती पर बनी अच्छी फिल्मों में से एक है। आज भी लोगों पर 'दिल चाहता है' का जादू बोलता है।
अनुराग कश्यप
अनुराग कश्यप ने साल 2007 में 'ब्लैक फ्राईडे' फिल्म से अपना डेब्यू किया था। हालांकि, इससे पहले वो 'पांच' बना चुके थे, लेकिन वह फिल्म रिलीज नहीं हो पाई थी। 'ब्लैक फ्राईडे' साल 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों पर आधारित है। डार्क फिल्मों के शौकीन लोगों की लिस्ट में यह फिल्म जरूर शामिल होती है। यह अनुराग के करियर की भी सबसे बेहतर फिल्मों में शुमार है।
दिबाकर बनर्जी
दिबाकर बनर्जी ने साल 2006 में निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। उनकी पहली फिल्म 'खोसला का घोंसला' थी। यह एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है। इसमें एक ऐसे आदमी की कहानी दिखाई गई है, जो बिल्डर द्वारा हथिया ली गई अपनी जमीन को हासिल करने की कोशिश में लगा रहता है। फिल्म की कहानी एकदम हटकर है।
रितेश बत्रा
दिवंगत इरफान खान द्वारा अभिनीत फिल्म 'द लंचबॉक्स' भी एक कमाल की फिल्म है। यह रितेश बत्रा की बतौर निर्देशक पहली फिल्म थी। इसे 2013 में रिलीज किया गया था। फिल्म धीरे-धीरे दर्शकों तक पहुंचना शुरू हुई थी और सभी ने इसे खूब सराहा था। फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी अहम किरदार निभाया था।