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बाइस्कोप: पहली ही फिल्म में सलमान का इस बात को लेकर हो गया पंगा, हीरोइन ने इंडस्ट्री ही छोड़ दी

Thu, 27 Aug 2020 12:42 AM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Thu, 27 Aug 2020 12:42 AM IST
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Biwi Ho Toh Aisi This Day That Year Series by Pankaj Shukla 26 August 1988 Bioscope salman khan rekha
बीवी हो तो ऐसी (1988) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

अमिताभ बच्चन और रेखा का जन्मदिन एक दिन के अंतर पर आता है ये तो आपको मालूम होगा लेकिन कभी आपने इस बात पर गौर किया क्या कि दोनों की लीड किरदारों वाली पहली फिल्म भी एक ही साल में रिलीज हुई हैं। या फिर कि जब अमिताभ बच्चन फिल्में छोड़ राजनीति करने चले गए और सक्रिय अभिनय से कोई चार साल तक दूर रहे, तो रेखा की फिल्में भी ज्यादा चली नहीं। और, फिर दोनों की बड़े परदे पर नई पारी भी एक साथ एक ही साल 1988 में शुरू हुई। इस साल अमिताभ बच्चन ‘शहंशाह’ बनकर परदे पर लौटे और रेखा ने अमिताभ की तरह ही धमाकेदार वापसी की फिल्म ‘खून भरी मांग’ और ‘बीवी हो तो ऐसी’ में। ‘घर’, ‘खूबसूरत’, ‘उमराव जान’ और ‘सिलसिला’ के बाद रेखा की तमाम फिल्में लाइन से फ्लॉप हुईं और फिर एक ही महीने में दो हफ्तों के अंतर से रिलीज हुईं फिल्मों ‘खून भरी मांग’ और ‘बीवी हो तो ऐसी’ ने उनके करियर को एक नया उछाल दे दिया। आपको जानकर शायद हैरानी हो लेकिन ‘बीवी हो तो ऐसी’ ऐसी फिल्म है जिसकी नाकामी की दुआ खुद सलमान खान ने मांगी, लेकिन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी के शानदार सौ दिन पूरे किए और इसका ये गाना साल के सुपरहिट गीतों में शामिल रहा।




Biwi Ho Toh Aisi This Day That Year Series by Pankaj Shukla 26 August 1988 Bioscope salman khan rekha
बीवी हो तो ऐसी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

नए जमाने की बहू का नया अंदाज
रेखा ने अपने करियर में जीतेंद्र के साथ तमाम ऐसी फिल्में की हैं जिनमें वह सिंदूर और मंगलसूत्र के लिए दूसरी हीरोइन के साथ कंपटीशन करती नजर आईं। इन फिल्मों में साड़ी पहनने वाली रेखा दिखती भी बहुत खूबसूरत है। लेकिन, ये सारे किरदार एक हीरो के इर्द गिर्द रचे गए किरदार थे। फिल्म ‘बीवी हो तो ऐसी’ एक तरह से घरेलू हिंसा के खिलाफ खड़ी हुई एक बहू की कहानी है जो अपने परिवार के लिए दबंग बनने से भी बाज नहीं आती। ये नए जमाने की नई बहू का अवतार था। फिल्म में कांजीवरम की साड़ियां पहनने वाली, ससुर के पैर छूने वाली, सरस्वती की पूजा करने वाली, देवर का घर बसाने की कोशिशें करने वाली शालू शानदार तरीके से अपना रौद्र रूप भी दिखाती है। ये उन दिनों की बात है जब रेखा को  ‘लेडी अमिताभ’ कहा जाने लगा था। और, दर्शकों ने उनका ये एक्शन अवतार खूब पसंद भी किया। हालांकि इसी फिल्म में कॉमेडी भी उन्होंने खूब की है।

Biwi Ho Toh Aisi This Day That Year Series by Pankaj Shukla 26 August 1988 Bioscope salman khan rekha
बीवी हो तो ऐसी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

सौ दिन सास के, एक दिन बहू का
फिल्म ‘बीवी हो तो ऐसी’ की कहानी भंडारी परिवार की कहानी है। परिवार की मालकिन कमला है और बिल्कुल मालकिन की तरह ही परिवार चलाती है। पति कैलाश घरजमाई है और हिंदी पट्टी में घर जमाई को लेकर जितनी कहावतें प्रचलित हैं, सब इन पर सौ फीसदी फिट होती हैं। घर का बड़ा सूरज शादी लायक है। मां की मनोकामना है कि उनकी हैसियत के किसी परिवार की बेटी घर आए। सूरज का दिल आ जाता है शालू पर। सास इस अनचाही बहू पर अत्याचार करती है। खूब साजिशें करती है। पर शालू घर की बहू बनकर उसका दिल जीतने की कोशिश में लगी रहती है। ससुर की वह दुलारी है। देवर विकी उसके हक में आवाज भी उठाता है। और, एक दिन सौ दिन सास के खत्म होते हैं और शुरू होता है एक दिन बहू का। कमला ये जानकर हैरान रह जाती है कि शालू वो नहीं है जो अब तक दिख रही थी। वह तो एक खेल का हिस्सा रही है। जो कैलाश भंडारी ने अपने दोस्त अशोक मेहरा के साथ मिलकर खेला।

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बीवी हो तो ऐसी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

ऐसे मिला स्ट्रगलर सलमान को पहला रोल
खेल इस फिल्म के दौरान और भी बहुत हुए लेकिन पहले बात उन सलमान खान की जो आगे चलकर हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार बने। इस फिल्म में सलमान खान का सेलेक्शन भी अपने आप में एक अलग कहानी है। फिल्म का पूरा सेटअप इसके निर्देशक जे के बिहारी ने तैयार कर लिया था। रेखा साइन हो चुकी थीं। उनके पति के किरदार में फारुक शेख साइन हो चुके थे। कादर खान, असरानी और बिंदू भी साइन हो चुके थे। बस नहीं मिल रहा था तो रेखा के देवर के रोल के लिए कोई युवा कलाकार। फिल्म के निर्देशक जय कुमार बिहारी एक दिन बहुत परेशान हो गए। उन्होंने सोच लिया कि आज जो भी स्ट्रगलर सबसे पहले उनके दफ्तर में काम मांगने आएगा, वह उसे ही साइन कर लेंगे। संयोग से उस दिन सलमान ने उनका दरवाजा खटखटा दिया। सलमान वहां पहुंचे थे के सी बोकाडिया के प्रोडक्शन मैनेजर की सिफारिश लेकर। बोकाडिया ने ये फिल्म प्रस्तुत की है।

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बीवी हो तो ऐसी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

हीरोइन ने इंडस्ट्री छोड़ दी
फिल्म में रेनू आर्या ने सलमान की हीरोइन का रोल किया है। उनका शूटिंग के दौरान का एक दुर्लभ चित्र यहां ऊपर आप देख सकते हैं। सलमान और कादर खान के बीच खड़ी रेनू आर्या की चर्चाएं उन दिनों खूब हुई थीं। कुछ लोग कहते थे वह फिल्म में के सी बोकाडिया की सिफारिश से आईं तो कुछ लोग उन्हें फिल्म के निर्माता सुरेश भगत का सेलेक्शन बताते थे। फिल्म ‘बीवी हो तो ऐसी’ में वैसे पहले जूही चावला सलमान खान की हीरोइन बनने वाली थीं। लेकिन, जब वह फिल्म साइन करने पहुंची तब तक रेनू आर्या फाइनल हो चुकी थीं। हालांकि सलमान बहुत सालों तक यही समझते रहे कि जूही चावला ने एक अनजान लड़के के सामने काम करने से मना कर दिया था। इसे लेकर दोनों में मनमुटाव भी रहा। रेनू आर्या ने इसके बाद कोई दूसरी फिल्म नहीं की और फिल्म के रिलीज होने के तुरंत बाद एक एयरलाइंस में एयरहोस्टेस की नौकरी करके सेटल हो गईं।

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